घोंटा मां की ममता का गला: कुष्ठ रोगी अम्मी को अछूत मान जंगल में छोड़ा, ठंड से मौत; गांववालों ने भी किया भ्रमित
इस्लाम ने कुबूल किया है कि मां के कुष्ठ रोग से तंग आकर वह उन्हें गांव से 10 किलोमीटर दूर जंगल में छोड़ आया था। पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम में ठंड से मौत की बात सामने आई है।
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कुष्ठ रोग से पीड़ित ग्राम नगलिया मशकूला निवासी 75 वर्षीय अनवरी को उनका इकलौता बेटा दवा दिलाने के बहाने जंगल में छोड़ आया। कड़ाके की सर्दी में वृद्धा की मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी बेटे मोहम्मद इस्लाम को गिरफ्तार कर लिया है।
सोनकपुर थाने की पुलिस ने 11 जनवरी को ग्राम भूड़ावास से आगे गन्ने के खेत से वृद्धा का शव बरामद किया था। शिनाख्त कराने के लिए शव की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल की थी। फोटो देख कर मैनाठेर थाना क्षेत्र के ग्राम नगलिया मशकूला निवासी इरफान ने शव की शिनाख्त अपनी चाची अनवरी के रूप में की। बताया कि वह काफी समय से कुष्ठ से पीड़ित थीं। पति की मौत के बाद से इकलौते बेटे मोहम्मद इस्लाम के साथ रहती थीं।
पुलिस ने गांव में जांच की तो पता चला कि इस्लाम 10 जनवरी को अपनी मां को कुष्ठ रोग की दवा दिलाने की बात कह कर गांव से ले गया था लेकिन वापस अकेला आया। इस पर पुलिस ने इस्लाम को केंद्र में रखकर जांच की। रविवार को उसे गिरफ्तार किया तो पूछताछ में दिल दहलाने वाला सच सामने आया।
सोनकपुर के कोतवाल तेजवीर सिंह ने बताया कि सख्ती से पूछताछ में इस्लाम ने कुबूल किया है कि मां के कुष्ठ रोग से तंग आकर वह उन्हें गांव से 10 किलोमीटर दूर जंगल में छोड़ आया था। पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम में ठंड से मौत की बात सामने आई है।
लाइलाज रोग के भ्रम में घोंट दिया मां की ममता का गला
पेशे से बुनकर इस्लाम ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि कुछ ग्रामीणों ने उससे कहा था कि कुष्ठ लाइलाज है। मां का यह रोग परिजनों में भी फैल जाएगा। मां के रोग के कारण रिश्तेदारों ने घर आना बंद कर दिया था। उसकी (इस्लाम की) बेटी की शादी नहीं हो पा रही थी। इस पर उसने मां से छुटकारा पाने के लिए ऐसा कदम उठाया।
पुलिस के मुताबिक इस्लाम ने बताया कि जंगल में छोड़ते वक्त उसने शॉल से मां का गला दबाने की भी कोशिश की। हाथ कांपे तो जंगल में अकेला छोड़कर अपनी बाइक से वापस आ गया।