स्मार्ट सिटी योजना : मुरादाबाद ने की तरक्की, देश के 100 शहरों में 46 वें स्थान पर
स्मार्ट सिटी योजना में चौथे चरण में शामिल प्रदेश के 10 शहरों में हुआ नंबर वन। सात प्रोजेक्ट कंपलीट होने, शेष की डीपीआर. टेंडर प्रक्रिया पूरी होने से मिली सफलता।
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स्मार्ट सिटी की रैंकिंग में मुरादाबाद ने करीब 27 पायदान ऊपर छलांग लगा देश के 100 शहरों में 46 वें स्थान पर पहुंच गया है। जबकि पड़ोसी शहर बरेली 54 वें व सहारनपुर 92 वें स्थान पर है। नगर निगम अधिकारियों का दावा है कि स्मार्ट क्लास रूम समेत सात प्रोजेक्टों का काम पूरा होने तथा 26 अन्य कार्यों के धरातल पर शुरू कर दिए जाने के कारण यह सफलता मिली है। निगम के अधिकारियों का दावा है कि स्मार्ट सिटी योजना के तहत शुरू हुए इन कार्यों में से कुछ कार्य जल्द पूरे हो जाएंगे। जिसके बाद अगली बार रैंकिंग में और सुधार होगा।
केंद्र सरकार की स्मार्ट सिटी मिशन योजना 2015 में शुरू हुई थी। चौथे चरण वर्ष 2018 में मुरादाबाद समेत प्रदेश के दस शहरों को इस योजना में शामिल किया गया। तत्कालीन अधिकारियों के रुचि न दिखाने के करीब एक साल का समय बिना किसी कार्य व तैयारी के ही गुजर गया। मार्च 2019 में शहर को स्मार्ट बनाने के लिए प्रयास शुरू हुए। लेकिन इस बीच देश के अन्य अधिकांश शहर काफी आगे बढ़ चुके थे। जनवरी 2020 में स्मार्ट सिटी परियोजनाओं के कार्यों की हकीकत परखी गई तो अपने शहर का प्रदर्शन काफी निराशाजनक था।
उस समय देश के 100 शहरों में मुरादाबाद 99 वें स्थान पर था। दूसरी बार जारी रैंकिंग में भी कुछ खास सफलता नहीं मिल सकी और 93वें स्थान पर संतोष करना पड़ा था। कूड़ा निस्तारण प्लांट का संचालन शुरू न होना शहर की रैकिंग को ऊपर उठाने में बाधक साबित हुआ। कूड़ा निस्तारण प्लांट शुरू हुआ तो तेजी के साथ छलांग लगाते हुए अपना शहर 77 वें और उसके बाद फिर 73 वें स्थान पर पहुंच गया था। केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय की वेबसाइट पर गुरुवार नये फार्मेट में रैंकिंग जारी की गई। स्मार्ट सिटी के नोडल अधिकारी टीएन मिश्रा ने बताया कि इस बार रैंकिंग में जारी धनराशि के सापेक्ष हुए विकास कार्य व उन विकास कार्यों पर खर्च धनराशि को मुख्य रूप से आधार बनाया गया है। जिसके आधार पर मुरादाबाद देश के 100 शहरों में 46 वें स्थान पर पहुंच गया है।
पूरे हुए सात काम ने दिलाई सफलता
स्मार्ट सिटी योजना के तहत बनाए गए 37 प्रोजेक्टों में से सात प्रोजेक्टों पर पूरे हो चुके कार्य से रैंकिंग में सुधार हुआ है। जिसमें स्मार्ट क्लासरूम, कैरियर मित्रा, रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, स्मार्ट पार्क, चार्जिंग स्टेशन फॉर इलेक्ट्रिक बस, सोलर रूफ टॉफ ऑन गवर्मेंट बिल्डिंग तथा सोलर हाईमास्ट लाइट का कार्य शामिल है।
चौथे चरण के शहरों में फिर अव्वल
चार चरणों में प्रदेश के दस शहरों का चयन स्मार्ट सिटी मिशन के तहत किया गया है। पहले चरण में लखनऊ का किया गया। कानपुर, आगरा, वाराणसी का चयन दूसरे, प्रयागराज, अलीगढ़ व झांसी का चयन तीसरे तथा बरेली, सहारनपुर और मुरादाबाद का चयन चौथे चरण में किया गया। इस तरह चौथे चरण में शामिल बरेली और सहारनपुर शहर को मुरादाबाद ने न सिर्फ काफी पीछे छोड़ दिया है। बल्कि तीसरे चरण में शामिल झांसी को भी दो पायदान पीछे छोड़ दिया है।
कुछ इस तरह रैंकिंग में हुआ सुधार
माह वर्ष रैंक
फरवरी 2021 99 वीं
अप्रैल 2021 93 वीं
जून 2021 77 वीं
जुलाई 2021 73 वीं
जनवरी 2022 46 वीं
स्मार्ट सिटी योजना के तहत 37 प्रोजेक्ट तैयार किए गए हैं। 36 की डीपीआर कंपलीट हो चुका है। सात प्रोजेक्ट पूरे हो चुके हैं। शेष 29 बचे कार्यों में से 26 कार्यों की टेंडर प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। अधिकांश के वर्क आर्डर जारी किए जा रहे हैं। तीन कार्यों का गुरुवार शिलान्यास किया जा चुका है। धरातल पर चल रहे कार्यों में से आईसीसीसी के पहले फेज का कार्य पूर्ण कर उसका अगर आचार संहिता लागू नहीं हुई तो 15 जनवरी तक उद्घाटन करने का टार्गेट है। जिसमें फव्वारा चौराहा व पीलीकोठी चौराहा पर ई-सर्विलांस की सुविधा शुरू हो जाएगी। इसके लिए दोनों स्थानों पर 70 कैमरे लगाए जाएंगे। शहर में होने वाले जल भराव से मुक्ति के लिए भी योजना तैयार की गई है। यह सभी कार्य आने वाले समय में शहर की रैंकिंग को और ऊपर उठाएंगे।
-संजय चौहान, नगर आयुक्त