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स्मार्ट सिटी- धड़ाम हुए मुरादाबाद के सुनहरे सपने
ब्यूरो/ अमर उजाला मुरादाबाद
Updated Fri, 29 Jan 2016 06:42 PM IST
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सुनहरे सपने धड़ाम हो गए। अपने शहर के स्मार्ट बनने पर ब्रेक लग गया। केंद्र सरकार ने टाप-20 शहरों को चुना तो उनमें मुरादाबाद गायब है। यूपी के एक भी जिले को टाप-20 में शामिल नहीं किया गया। नगर निगम के अफसर हैरान हैं। शहरवासी मायूस। सभी की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। यूपी में नंबर-1 रहने और आनलाइन वोटिंग में भी अंडर-10 में शामिल रहने के बावजूद टाप-20 शहरों में शामिल न होना शहरवासियों को बड़ा अखर रहा है।
88 दिन का अभियान। होटलों में जनता के साथ बैठकें। गली मुहल्लों से कालेजों तक आनलाइन वोटिंग। कैंप लगाकर जगह जगह स्मार्ट सिटी के लिए वोटिंग। नगर निगम कर्मी, पार्षदों से लेकर समाजसेवी तक अभियान में जुटे रहे। नगर निगम अफसर तो पूरी तरह स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में ही लगे रहे। कामकाज छोड़ शहर को स्मार्ट सिटी में शामिल कराने के लिए हर जतन किए गए। प्रोजेक्ट में भी इतनी किफायत बरती गई कि केंद्र सरकार और नगर निगम के पास मौजूद धनराशि से अधिक का बजट न हो। लखनऊ से दिल्ली तक भागदौड़ मची रही। आनलाइन वोटिंग में पीछे हुए तो पूरी प्रशासनिक मशीनरी सहयोग में उतर आई। सरकारी दफ्तरों तक आनलाइन वोटिंग करवाई गई। स्कूल कालेजों में स्पेशल अभियान चले। 29 सितंबर से शुरू अभियान 25 दिसंबर तक चला था। हालांकि 15 दिसंबर को ही यूपी के प्रस्ताव जमा हो गए थे, लेकिन वोटिंग बाद तक हुई थी।
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88 दिन का अभियान। होटलों में जनता के साथ बैठकें। गली मुहल्लों से कालेजों तक आनलाइन वोटिंग। कैंप लगाकर जगह जगह स्मार्ट सिटी के लिए वोटिंग। नगर निगम कर्मी, पार्षदों से लेकर समाजसेवी तक अभियान में जुटे रहे। नगर निगम अफसर तो पूरी तरह स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में ही लगे रहे। कामकाज छोड़ शहर को स्मार्ट सिटी में शामिल कराने के लिए हर जतन किए गए। प्रोजेक्ट में भी इतनी किफायत बरती गई कि केंद्र सरकार और नगर निगम के पास मौजूद धनराशि से अधिक का बजट न हो। लखनऊ से दिल्ली तक भागदौड़ मची रही। आनलाइन वोटिंग में पीछे हुए तो पूरी प्रशासनिक मशीनरी सहयोग में उतर आई। सरकारी दफ्तरों तक आनलाइन वोटिंग करवाई गई। स्कूल कालेजों में स्पेशल अभियान चले। 29 सितंबर से शुरू अभियान 25 दिसंबर तक चला था। हालांकि 15 दिसंबर को ही यूपी के प्रस्ताव जमा हो गए थे, लेकिन वोटिंग बाद तक हुई थी।
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