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स्मार्ट सिटी मुरादाबाद: तीन साल में 18 लाख खर्च, 18 को भी नहीं मिला रोजगार, कॅरिअर मित्रा वेबसाइट भी फेल

Sun, 23 Jun 2024 12:08 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद Published by: विमल शर्मा Updated Sun, 23 Jun 2024 12:08 PM IST
सार

स्मार्ट सिटी योजना के तहत युवाओं को रोजगार देने के लिए कॅरिअर मित्रा वेबसाइट तैयार की गई थी। इसका शुरू करवाने में लगभग 18 लाख का बजट खर्च हुआ। तीन साल बीतने के बाद भी इससे किसी भी शहरी को रोजगार नहीं मिल पाया। 

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Smart City Moradabad: 18 lakhs spent three years, 18 people did not get employment, Career Mitra website fail
स्मार्ट सिटी मुरादाबाद - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुरादाबाद में स्मार्ट सिटी योजना के तहत शुरु की गई वेबसाइट कॅरिअर मित्रा एक भी व्यक्ति को भी रोजगार उपलब्ध नहीं करा सकी है, जबकि इसे शुरु करने में 18 लाख रुपये खर्च हो गए। खास बात यह है कि तीन साल बाद भी शहर के कारोबारियों और न ही श्रमिक संगठनों को इसकी जानकारी नहीं है।
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पीतल नगरी के नाम से देश दुनिया में विख्यात इस शहर के पीतल कारोबारियों को उनके अपने शहर में काम के मुताबिक श्रमिक और कुशल अथवा अकुशल श्रमिकों को उनके हुनर व योग्यता के मुताबिक काम उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तीन साल पहले करियर मित्र वेब पोर्टल और मोबाइल एप्लीकेशन का निर्माण किया गया था।
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अभी तक इसका लाभ किसी को भी नहीं मिल सका। खास बात यह है कि जिनके लिए यह वेबसाइट बनाई गई वह खुद इससे अनजान हैं। कारोबारियों और श्रमिक संगठनों के पदाधिकारियों के अनुसार उन्हें अभी तक इस वेबसाइट के बारे में कुछ नहीं पता है और न ही नगर निगम के अधिकारियों ने कोई जानकारी दी है।
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केस: एक
इस वेब पोर्टल पर शहर की दीवान एंड संस फैक्टरी का नाम अंकित है। वर्तमान में उसमें आठ पद रिक्त प्रदर्शित हो रहे हैं। वेतन 10-20 हजार रुपये प्रतिमाह अंकित है। इस वेबसाइट के माध्यम से किसी के द्वारा उनकी फैक्टरी में रोजगार के लिए आवेदन नहीं किया है।

इसके साथ बेवसाइट के माध्यम से किसी कुशल अथवा अकुशल कारीगर के मिलने की जानकारी फैक्टरी संचालक को नहीं है। वेबसाइट पर सुपरवाइजर सिवेंद्र सिंह का मोबाइल नंबर लिखा है। पूछने पर उन्होंने भी बताया कि इस वेबसाइट के माध्यम से उन्हें कोई श्रमिक नहीं मिला है। 

केस: दो 
वेबसाइट पर प्रदर्शित डिजाइनर गिफ्ट इंटर नेशनल फैक्टरी में तीन पद रिक्त दिखाई दे रहे हैं। लाकड़ी फाजलपुर स्थित इस फैक्टरी के संपर्क नंबर पर जब जानकारी की गई तो वहां भी इस वेबसाइट के माध्यम से किसी को रोजगार मिलने की जानकारी से इन्कार किया है। लगभग यही स्थिति वेबसाइट पर प्रदर्शित हो रहीं 45 फैक्टरियों की है।

शहर के आर्टिजंस के लिए जो वेब पोर्टल स्मार्ट सिटी ने बनाया है उसकी जानकारी मुझे या आर्टिजंस को नहीं है। इसकी वजह यह है कि स्मार्ट सिटी के अफसरों ने इसे बनवाते समय आर्टिजन्स अथवा उनके संगठन के पदाधिकारियों से कोई राय नहीं ली। मेरी जानकारी में इस वेबसाइट के माध्यम से किसी एक भी आर्टिजन को रोजगार नहीं मिला है। - मोहम्मद नोमान मंसूरी, अध्यक्ष, हैंडीक्राफ्ट डेवलपमेंट सोसायटी

इस वेब पोर्टल की मुझे या मेरे संगठन से लोगों को जानकारी नहीं है। इसका लाभ शहर के पीतल श्रमिकों और कारोबारियों को नहीं मिला है। अगर मेरी बात गलत है तो स्मार्ट सिटी के अफसर बताएं कि कितने लोगों को इसके माध्यम से रोजगार मिला। इसकी जांच भी होनी चाहिए। - अवधेश अग्रवाल, महासचिव, मुरादाबाद हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्ट एसोसिएशन

अगर वेबसाइट से कोई लाभ शहर के लोगों को नहीं मिल रहा है तो इसकी जांच कराई जाएगी। करियर मित्रा बेबसाइट के उद्देश्य पूरे हो सकें, इसके प्रयास किए जाएंगे। जो कमियां हैं उसे दूर किया जाएगा। - दिव्यांशु पटेल, नगर आयुक्त
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