राष्ट्रीय छात्रवृत्ति में फर्जीवाडे में एसआईटी ने की पूछताछ
केंद्र सरकार से मिलने वाली राष्ट्रीय छात्रवृत्ति में किए गए फर्जीवाड़े की जांच के लिये गठित की गई एसआईटी ने मदरसा प्रबंधकों के साथ ही लाभार्थियों से भी पूछताछ करनी शुरू कर दी है, इस मामले में एक बैंक मित्र की भूमिका भी संदिग्ध है, फरार चल रहे बैंक मित्र की तलाश एसआईटी को है।
रामपुर जिले में इस फर्जीवाड़े में कई लोगों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई है। बुधवार को छात्रवृत्ति में फर्जी लाभार्थियों और मदरसा संचालकों के प्रबंधकों से एसआईटी की टीम ने पूछताछ की है। भोजपुर में ही करीब 300 फर्जी लाभार्थी और मदरसे हैं, जिनके खातों में स्कालरशिप का पैसा आया है। एसआईटी ने भोजपुर में 20 लोगों से पूछताछ की है।
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग रामपुर की कुछ संस्थानों द्वारा वर्ष 2018-19 में फर्जी तरीके से 1391 छात्रों का डाटा शासन को फारवर्ड किया गया था, इसमें कुछ लाभार्थी मुरादाबाद के भी है लेकिन सभी को रामपुर का बताया गया है। मामला प्रकाश में आते ही रामपुर में एफआईआर दर्ज कराकर एसआईटी से जांच शुरू कराई गई। मुरादाबाद के संस्थानों की जांच लगभग पूरी हो चुकी है, जिसमें कोई भी गलत लाभार्थी अब तक नहीं मिला है।
एक छात्र को मिलते है दस हजार
छात्रवृत्ति में एक छात्र को दस हजार रुपये मिलते हैं। रामपुर जिले में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा किये गए फर्जीवाड़े की जांच करने एसआईटी टीम ने मुरादाबाद के भोजपुर में पहुंचकर पूछताछ की है। एसआईटी में इंस्पेक्टर अजय कुमार सिंह और आरपी सिंह को शामिल किया गया है।
भोजपुर में 20 लोगों से पूछताछ की गई है, इस फर्जीवाड़े में एक बैंक मित्र भी शामिल है जो रामपुर में एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही फरार चल रहा है। भोजपुर में करीब 300 लाभार्थी हैं, जिसमें 20 से पूछताछ हुई है।
- अजय कुमार सिंह, इंस्पेक्टर एसआईटी