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Moradabad News: जाम, धूल और पेयजल संकट से दिनभर जूझता सर सैयद नगर
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मुरादाबाद। लाइनपार क्षेत्र में करूला-सर सैय्यद नगर कॉलोनी के वाशिंदे मुख्य सड़क के दोनों ओर कच्चे और ऊबड़ खाबड़ फुटपाथ से उड़ती धूल, दिनभर लगने वाले जाम और नाला चोक होने से आए दिन होने वाले जलभराव से परेशान हैं। सोमवार और शुक्रवार को जब यहां फुटपाथ पर बाजार लगता है तो अनियंत्रित ई-रिक्शों के कारण लोगों को सड़क पार करना ही मुश्किल हो जाता है। वहीं बाजार में पेयजल व सार्वजनिक शौचालय की सुविधा की कमी भी बहुत अखरती है।
करूला नाला शहर का एक बड़ा नाला है, जो हरथला से लेकर लाइनपार की कई कॉलोनियों से होता हुआ करूला तक जाता है, अक्सर चोक हो जाता है, क्योंकि नगर निगम ने वर्षो से उसकी तली तक सफाई नहीं कराई है। सिल्ट जमी होने और पानी के साथ कचरा बहकर आने के कारण अक्सर नाला चोक हो जाता है और उसका परिणाम यह होता है कि सर सैयद नगर के बाजार व कॉलोनी के अंदर तक जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। डबल फाटक से कोहिनूर तिराहे के मुख्य रोड के दोनों किनारे कच्चे हैं, जिनमें बड़े बड़े गड्ढे हो चुके हैं, इससे दिनभर उड़ने वाली धूल रोड के दोनों ओर बाजार की दुकानों में भरती है। नगर निगम ने लंबे समय से यहां टाइल्स नहीं बिछाई हैं। इसके अलावा इस बाजार में पेयजल और सार्वजनिक शौचालय की सुविधा का न होना भी दिनभर दुकानदारों के साथ ग्राहकों को भी खलता है। एक इंडिया मार्का हैंडपंप है, वह भी गंदा पानी देता है। इसके अलावा यहां न तो कोई प्याऊ लगा है और ही कोई टोंटी लगी है।
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- ख्रासकर सोमवार व शुक्रवार को फड़ वाले दुकानों के सामने ही बाजार लगाते हैं, जिसके कारण सामान्य ग्राहकों को दुकानों तक पहुंचना ही दुश्वार हो जाता है।
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परवेज आलम
- भले ही ई-रिक्शा लोगों को सुविधा के लिए हों लेकिन इनकी अत्यधिक संख्या और अनियमित संचालन समस्या बन गया है, कोई स्टॉप सेंटर न होने से दुकानों के सामने लाइन से खड़े करते हैं।
मोहम्मद आरिफ
- इतने बड़े बाजार में एक भी प्याऊ नहीं है, निगम की एक टोंटी तक नहीं है, जिससे लोग प्रचंड गर्मी में पानी पी सकें, एक हैंडपंप है, उसका गंदा पानी पीने योग्य नहीं है।
निजाम
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- डबल फाटक से कोहिनूर तिराहे तक रोड के दोनों ओर कच्चा फुटपाथ है, जिससे दिनभर धूल उड़कर दुकानों के अंदर घुसती रहती है, जिससे बड़ी परेशानी होती है।
आदिल
- मुख्य रोड के दोनों ओर बड़ा बाजार है, हर रोज हजारों लोग यहां आते हैं लेकिन कहीं भी सार्वजनिक शौचालय नहीं है, जिसके कारण दुकानदारों और महिला ग्राहकों को भारी दिक्कत होती है।
मोहम्मद कैफ
- कुछ समय पहले कॉलोनी की कुछ सड़कें बनाई गई थी लेकिन अभी भी कई कच्ची और ऊबड़खाबड़ हैं। जिसके कारण लोगों को आवागमन में असुविधा होती है।
दिलीप कुमार
- करूला सबसे बड़ा नाला है लेकिन मुख्य रोड के जल की निकासी नाले में नहीं जोड़ी गई है, जिससे बारिश का पानी कई दिनों तक भरा रहता है, कच्चे फुटपाथ में फिसलन रहती है।
अमजद
- डबल फाटक से कोहिनूर तिराहे तक मुख्य रोड काफी नीचा है, यहां जलभराव का यह भी बड़ा कारण है, नगर निगम को इस मार्ग को ऊंचा करके बनाना चाहिए।
अबरार
- इसी रोड पर पीर का बाजार भी आता है, सर सैयद नगर से यहां तक बाजारों में पानी की दिनभर किल्लत रहती है, लोगों को पानी खरीदकर पीना पड़ता है।
अयाज
मुख्य नाले से लेकर कॉलोनी की नालियों तक सभी चोक है, लंबे समय से इनकी सफाई नहीं कराई गई, कुछ स्थानों पर कूड़ा निकालकर यहीं डाल दिया गया है, कोई उठाने नहीं आता।
मोहम्मद शुएब
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करूला नाला शहर का एक बड़ा नाला है, जो हरथला से लेकर लाइनपार की कई कॉलोनियों से होता हुआ करूला तक जाता है, अक्सर चोक हो जाता है, क्योंकि नगर निगम ने वर्षो से उसकी तली तक सफाई नहीं कराई है। सिल्ट जमी होने और पानी के साथ कचरा बहकर आने के कारण अक्सर नाला चोक हो जाता है और उसका परिणाम यह होता है कि सर सैयद नगर के बाजार व कॉलोनी के अंदर तक जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। डबल फाटक से कोहिनूर तिराहे के मुख्य रोड के दोनों किनारे कच्चे हैं, जिनमें बड़े बड़े गड्ढे हो चुके हैं, इससे दिनभर उड़ने वाली धूल रोड के दोनों ओर बाजार की दुकानों में भरती है। नगर निगम ने लंबे समय से यहां टाइल्स नहीं बिछाई हैं। इसके अलावा इस बाजार में पेयजल और सार्वजनिक शौचालय की सुविधा का न होना भी दिनभर दुकानदारों के साथ ग्राहकों को भी खलता है। एक इंडिया मार्का हैंडपंप है, वह भी गंदा पानी देता है। इसके अलावा यहां न तो कोई प्याऊ लगा है और ही कोई टोंटी लगी है।
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- ख्रासकर सोमवार व शुक्रवार को फड़ वाले दुकानों के सामने ही बाजार लगाते हैं, जिसके कारण सामान्य ग्राहकों को दुकानों तक पहुंचना ही दुश्वार हो जाता है।
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परवेज आलम
- भले ही ई-रिक्शा लोगों को सुविधा के लिए हों लेकिन इनकी अत्यधिक संख्या और अनियमित संचालन समस्या बन गया है, कोई स्टॉप सेंटर न होने से दुकानों के सामने लाइन से खड़े करते हैं।
मोहम्मद आरिफ
- इतने बड़े बाजार में एक भी प्याऊ नहीं है, निगम की एक टोंटी तक नहीं है, जिससे लोग प्रचंड गर्मी में पानी पी सकें, एक हैंडपंप है, उसका गंदा पानी पीने योग्य नहीं है।
निजाम
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- डबल फाटक से कोहिनूर तिराहे तक रोड के दोनों ओर कच्चा फुटपाथ है, जिससे दिनभर धूल उड़कर दुकानों के अंदर घुसती रहती है, जिससे बड़ी परेशानी होती है।
आदिल
- मुख्य रोड के दोनों ओर बड़ा बाजार है, हर रोज हजारों लोग यहां आते हैं लेकिन कहीं भी सार्वजनिक शौचालय नहीं है, जिसके कारण दुकानदारों और महिला ग्राहकों को भारी दिक्कत होती है।
मोहम्मद कैफ
- कुछ समय पहले कॉलोनी की कुछ सड़कें बनाई गई थी लेकिन अभी भी कई कच्ची और ऊबड़खाबड़ हैं। जिसके कारण लोगों को आवागमन में असुविधा होती है।
दिलीप कुमार
- करूला सबसे बड़ा नाला है लेकिन मुख्य रोड के जल की निकासी नाले में नहीं जोड़ी गई है, जिससे बारिश का पानी कई दिनों तक भरा रहता है, कच्चे फुटपाथ में फिसलन रहती है।
अमजद
- डबल फाटक से कोहिनूर तिराहे तक मुख्य रोड काफी नीचा है, यहां जलभराव का यह भी बड़ा कारण है, नगर निगम को इस मार्ग को ऊंचा करके बनाना चाहिए।
अबरार
- इसी रोड पर पीर का बाजार भी आता है, सर सैयद नगर से यहां तक बाजारों में पानी की दिनभर किल्लत रहती है, लोगों को पानी खरीदकर पीना पड़ता है।
अयाज
मुख्य नाले से लेकर कॉलोनी की नालियों तक सभी चोक है, लंबे समय से इनकी सफाई नहीं कराई गई, कुछ स्थानों पर कूड़ा निकालकर यहीं डाल दिया गया है, कोई उठाने नहीं आता।
मोहम्मद शुएब