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संसार के समस्त प्राणियों को प्रिय हैं श्री राम : भारद्वाज
Fri, 25 Sep 2026 02:22 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
Updated Fri, 25 Sep 2026 02:22 AM IST
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बिलारी। नगर में सहकारी गन्ना विकास समिति परिसर में चल रही श्रीराम कथा में कथाव्यास अतुल कृष्ण भारद्वाज ने श्रीराम विवाह प्रसंग का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि भगवान श्रीराम का विवाह केवल एक वैवाहिक प्रसंग नहीं, बल्कि धर्म, मर्यादा, प्रेम, समर्पण और संस्कारों का दिव्य संगम है। श्रीराम और माता सीता का विवाह भारतीय संस्कृति में आदर्श दांपत्य जीवन का प्रतीक है।
कथाव्यास ने आगे कहा कि कहा कि भगवान श्रीराम ने अपने जीवन में मर्यादा को सर्वोच्च स्थान दिया। माता सीता ने त्याग, समर्पण और पतिव्रता धर्म की अनुपम मिसाल प्रस्तुत की। श्रीराम सीता का चरित्र हमें सिखाता है कि परिवार का आधार केवल प्रेम नहीं, बल्कि विश्वास, कर्तव्य, संयम और एक-दूसरे के प्रति सम्मान भी है। उन्होंने कहा कि आज के समय में विवाह को केवल उत्सव और दिखावे तक सीमित न रखकर उसके पीछे छिपे संस्कारों को समझने की आवश्यकता है। भारतीय विवाह परंपरा दो व्यक्तियों के साथ-साथ दो परिवारों और संस्कारों के मिलन की परंपरा है।
श्रीराम विवाह प्रसंग के दौरान कथा स्थल पर श्रद्धा और उत्साह का वातावरण दिखाई दिया। जैसे ही प्रभु श्रीराम और माता सीता के विवाह का प्रसंग आया, पूरा कथा पंडाल जय श्रीराम और सियावर रामचंद्र की जय के जयघोष से गूंज उठा। कथाव्यास ने कहा कि श्रीराम के जीवन को केवल कथा के रूप में सुनना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके आदर्शों को अपने जीवन और परिवार में उतारना ही श्रीराम कथा की सार्थकता है। उन्होंने युवा पीढ़ी से भारतीय संस्कृति, पारिवारिक संस्कारों और मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
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कथा में अतिथि के तौर पर मुख्य अतिथि नंदकिशोर गुर्जर लोनी विधायक, चौधरी उदयभान सिंह पूर्व मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार , विजयभान सिंह अध्यक्ष जिला सहकारी बैंक, बृजमोहन सिंह विभाग प्रचारक, मुख्य यजमान निखिल पांडे, अभिषेक राठौर,राजेश सिंघल , कपिल सिंघल , विभोर पांडे, अमित पाल, लवली यादव संजय राणा कौशल ठाकुर, मानस पांडे, मुकुल पांडे, अभिषेक पांडे, विनीत चौधरी राजन तिवारी आदि मौजूद रहे
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कथाव्यास ने आगे कहा कि कहा कि भगवान श्रीराम ने अपने जीवन में मर्यादा को सर्वोच्च स्थान दिया। माता सीता ने त्याग, समर्पण और पतिव्रता धर्म की अनुपम मिसाल प्रस्तुत की। श्रीराम सीता का चरित्र हमें सिखाता है कि परिवार का आधार केवल प्रेम नहीं, बल्कि विश्वास, कर्तव्य, संयम और एक-दूसरे के प्रति सम्मान भी है। उन्होंने कहा कि आज के समय में विवाह को केवल उत्सव और दिखावे तक सीमित न रखकर उसके पीछे छिपे संस्कारों को समझने की आवश्यकता है। भारतीय विवाह परंपरा दो व्यक्तियों के साथ-साथ दो परिवारों और संस्कारों के मिलन की परंपरा है।
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श्रीराम विवाह प्रसंग के दौरान कथा स्थल पर श्रद्धा और उत्साह का वातावरण दिखाई दिया। जैसे ही प्रभु श्रीराम और माता सीता के विवाह का प्रसंग आया, पूरा कथा पंडाल जय श्रीराम और सियावर रामचंद्र की जय के जयघोष से गूंज उठा। कथाव्यास ने कहा कि श्रीराम के जीवन को केवल कथा के रूप में सुनना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके आदर्शों को अपने जीवन और परिवार में उतारना ही श्रीराम कथा की सार्थकता है। उन्होंने युवा पीढ़ी से भारतीय संस्कृति, पारिवारिक संस्कारों और मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
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कथा में अतिथि के तौर पर मुख्य अतिथि नंदकिशोर गुर्जर लोनी विधायक, चौधरी उदयभान सिंह पूर्व मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार , विजयभान सिंह अध्यक्ष जिला सहकारी बैंक, बृजमोहन सिंह विभाग प्रचारक, मुख्य यजमान निखिल पांडे, अभिषेक राठौर,राजेश सिंघल , कपिल सिंघल , विभोर पांडे, अमित पाल, लवली यादव संजय राणा कौशल ठाकुर, मानस पांडे, मुकुल पांडे, अभिषेक पांडे, विनीत चौधरी राजन तिवारी आदि मौजूद रहे