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Moradabad News: पहले प्रधान को मारी गोली, फिर सुशील को बेड से खींच कर मौत के घाट उतारा

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 23 Dec 2023 02:31 AM IST
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shot the head first.
मुरादाबाद। प्रधान शकुंतला देवी की बेटी रूचि ने कुढ़फतेहगढ़ में दर्ज कराए केस में घटना का पूरा मंजर बयां किया था। रुचि ने बताया कि था कि शाम के साढ़े छह बजे थे। मैं अपनी मां के साथ खाना बना रही थी। छोटा भाई सुनील अपनी पत्नी शीतल और बच्चे के साथ अपने कमरे में मौजूद था। जबकि दूसरे कमरे में बड़े भाई सुशील मौजूद थे।
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उस वक्त बहन भी सुशील के कमरे में मौजूद थी। पिता विशम्बर सिंह बैठक में आराम कर रहे थे। इसी दौरान भाई सुशील के कमरे से गोली चलने की आवाज आई। मां-बेटी कमरे में पहुंचीं तो देखा कि महेश और उसके परिजन हाथों में बंदूक और तमंचा लेकर मौजूद थे। उन्होंने देखते ही मेरी मां को गोली मार दी। मां वहीं गिर गई थी। भाई सुशील अपनी जांच बचाने को बेड के नीचे छिप गया था। इसी बीच आरोपियों ने उसे बेड के नीचे से खींचकर कमरे से बाहर ले आए। इसके बाद उसे गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया था। सुनील उसे बचाने आया उसे भी गोली मार दी थी। मां और दोनों भाइयों की हत्या करने के बाद आरोपी मेरे पिता विशम्बर सिंह को ढूंढने लगे थे। इसके बाद आरोपी बैठक में पहुंच गए और पिता की हत्या कर दी थी। इसी बीच मैं और मेरी बहन सुरूचि और भाभी शीतल पत्नी सुनील ने एक कमरे में छिपकर अपनी जान बचाई थी।
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सात साल बाद आया 87 पेज का आदेश

मुरादाबाद। अतिरिक्त जिला शासकीय अधिवक्ता मनीष भटनागर और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता गुलबहार सिंह ने बताया कि यह मुकदमा सात साल तक चला। जिसमें कुढ़फतेहगढ़ के तत्कालीन थाना प्रभारी शाहिद अली ने विवेचना की थी। जिसके बाद 13 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया गया था। अदालत ने मुकदमे के प्रत्येक पहलू को ध्यान में रखते हुए शुक्रवार को अपना 87 पेज का फैसला सुनाया है।
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ये अपराध जघन्य श्रेणी में आता है, ऐसा अपराधी समाज के लिए खतरा
मुरादाबाद। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि यह अपराध एक जघन्य अपराध की श्रेणी में आता है। पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों के अवलोकन से इस बात की पुष्टि होती है कि चारों दोषियों ने सोच समझ कर इस जघन्य अपराध को किया है। जिससे उनकी दूषित मानसिकता प्रकट होती है। ऐसे अपराधियों से समाज को खतरा पैदा हो सकता है।
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