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Moradabad News: शमी का भाई बोला- देश के लिए खेलना इबादत से कम नहीं, माैलाना का बयान निंदनीय

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 07 Mar 2025 01:53 AM IST
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Shami's brother said- playing for the country is no less than worship, Maulana's statement is condemnable
मुरादाबाद।
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एक तरफ सारा देश नौ मार्च को होने वाले चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल पर नजरें जमाए हुए है। वहीं दूसरी ओर कुछ मौलाना इस्लाम को अपने मुताबिक चलाना चाहते हैं। शमी जो कर रहा है वह अल्लाह का सौंपा हुआ काम है। देश के लिए खेलना किसी इबादत से कम नहीं है और इबादत पर सवाल नहीं उठाया जा सकता। यह कहना है मो. शमी के कोच रहे शहर निवासी बदरुद्दीन सिद्दीकी का।
उन्होंने ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी के उस बयान की निंदा की, जिसमें उन्होंने सेमीफाइनल मैच के दाैरान एनर्जी ड्रिंक पीने पर शमी को गुनहगार बताया। रोजे की अवधि में शमी के एनर्जी ड्रिंक पीने पर रजवी ने कहा था कि अल्लाह को जवाब देना पड़ेगा। कोच के अलावा शमी के बड़े भाई मो. हसीब ने कहा कि शमी सफर में हैं और सफर के दौरान रोजे की पाबंदी नहीं होती। इस्लाम में कुछ छूट दी गई हैं।
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उन्होंने कहा कि मैच के दौरान वह रोजा नहीं रख रहे हैं, जो दीन के मुताबिक गलत नहीं है। हसीब ने कहा कि हमें संकीर्ण मानसिकता को बढ़ावा देेने की बजाय मिलकर भारतीय टीम के हक में दुआ करनी चाहिए। हसीब ने कहा कि जो लोग एसी कमरों में बैठकर बयान दे रहे हैं, वह दुबई की गर्मी को जानेंगे तो पता चलेगा। जिस दिन मैच होता है, उस दिन शमी रोजा नहीं रखते। बीमारी, परेशानी, सफर व किसी अन्य बड़ी मजबूरी के दौरान रोजा न रखने की छूट इस्लाम देता है। कोई भी मौलाना इस्लाम से बड़ा नहीं हो सकता।
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शमी के परिजन बोले- बेटे पर गर्व, बयानबाजी निंदनीय
शमी के परिजनों व उनके गांव के लोगों ने भी उनका समर्थन किया है। शमी के करीबी कारी मुनीब ने कहा कि हम सभी को उन पर गर्व है। देश के लिए खेलने का काम भी अल्लाह का दिया हुआ है। छोटी बातों को लेकर बयानबाजी निंदनीय है। रोजा रखने के लिए परिस्थितियों का भी जिक्र इस्लाम में किया गया है। शमी सफर में हैं और यदि दुबई की तपती गर्मी में पानी न पीएं तो बीमार भी हो सकते हैं। बीमार होने पर भी रोजा छोड़ना पड़ता है।
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