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वोट डालने के लिए पैदल ही मंजिल पर पहुंचने के लिए निकल पड़े
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मुरादाबाद। लोकतंत्र की मजबूती के लिए जरूरी है कि अधिक से अधिक लोग मतदान करें। बिजनौर जिला निवासी फैय्याज और मोहम्मद यूनुस मतदाताओं को जागरूक करने के लिए किसी प्रेरणा से कम नहीं हैं। दोनों के जज्बे को सलाम है। बहराइच से अपने मंजिल पर पहुंचने के लिए ऊंट के साथ पैदल ही निकल पड़े।
बिजनौर जिले के धामपुर क्षेत्र के सहसपुर सिवारा निवासी फैय्याज और मोहम्मद यूसुफ मेले और बरात आदि में ऊंट की सवारी बच्चों को कराकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। वह एक माह पहले बहराइच गए थे। बहराइच और आसपास के इलाकों में काम-धंधे में जुटे थे। लोकतंत्र के महायज्ञ में शामिल होने के लिए काम धंधा छोड़ वोट डालने के लिए पैदल ही बिजनौर के लिए निकल लिए हैं। लंबी पैदल यात्रा के बाद वह शनिवार मुरादाबाद पहुंचे हैं। रास्ते में रोककर पूछने पर दोनों ने बताया कि वह सिर्फ वोट डालने के लिए घर जा रहे हैं। वोट डालने के बाद फिर काम पर निकल जाएंगे।
दोनों का कहना था कि सभी को वोट जरूर देना चाहिए, जितने अधिक लोग मतदान करेंगे लोकतंत्र उतना अधिक मजबूत होगा। दोनों ने बताया कि ऊंट पर सामान आदि लदा है। इसलिए स्वयं ऊंट पर बैठ कर नहीं चल रहे हैं। रिश्ते में वह मामा-भांजे हैं।
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बिजनौर जिले के धामपुर क्षेत्र के सहसपुर सिवारा निवासी फैय्याज और मोहम्मद यूसुफ मेले और बरात आदि में ऊंट की सवारी बच्चों को कराकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। वह एक माह पहले बहराइच गए थे। बहराइच और आसपास के इलाकों में काम-धंधे में जुटे थे। लोकतंत्र के महायज्ञ में शामिल होने के लिए काम धंधा छोड़ वोट डालने के लिए पैदल ही बिजनौर के लिए निकल लिए हैं। लंबी पैदल यात्रा के बाद वह शनिवार मुरादाबाद पहुंचे हैं। रास्ते में रोककर पूछने पर दोनों ने बताया कि वह सिर्फ वोट डालने के लिए घर जा रहे हैं। वोट डालने के बाद फिर काम पर निकल जाएंगे।
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दोनों का कहना था कि सभी को वोट जरूर देना चाहिए, जितने अधिक लोग मतदान करेंगे लोकतंत्र उतना अधिक मजबूत होगा। दोनों ने बताया कि ऊंट पर सामान आदि लदा है। इसलिए स्वयं ऊंट पर बैठ कर नहीं चल रहे हैं। रिश्ते में वह मामा-भांजे हैं।
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