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Moradabad News: आपसी विवादों को छोड़, विद्यार्थियों के विकास पर दें ध्यान
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मुरादाबाद। राज्य मंत्री उच्च शिक्षा रजनी तिवारी ने शनिवार को सर्किट हाउस में उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों और प्राचार्यों के साथ बैठक कर शैक्षिक गतिविधियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि कुछ कॉलेजों में प्रबंधन और प्राचार्य के बीच विवाद के मामले सामने आए हैं।
ऐसे में प्रबंधन और प्राचार्य को आपसी विवादों में उलझने के बजाय शैक्षिक गुणवत्ता और विद्यार्थियों के विकास पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने गुरु जंभेश्वर विवि के प्रथम सेमेस्टर के परिणाम की भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से कॉलेजों में संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। अशासकीय कॉलेजों को प्रोजेक्ट अलंकार के तहत धनराशि दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि जब सरकार बनी थी, उस समय प्रदेश की स्थिति चुनौतीपूर्ण थी। उस दौरान ऐसी सोच विकसित हो गई थी कि नकल कराई जाएगी और बदले में समर्थन मिलेगा, लेकिन भाजपा सरकार ने इस सोच को बदलने का काम किया है। अब कॉलेजों में छात्र और शिक्षक बेहतर शैक्षिक वातावरण में कार्य कर रहे हैं तथा व्यवस्थाओं में सुधार किया गया है। नई शिक्षा नीति लागू होने के बाद कक्षाओं के संचालन में आई चुनौतियों पर उन्होंने कहा कि यह प्रतिस्पर्धा का दौर है, इसलिए शिक्षा नीति में बदलाव किया गया है। विद्यार्थियों को केवल शैक्षिक रूप से ही नहीं बल्कि कुशल भी बनाना आवश्यक है। इस दौरान क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. रीना वालिया, राजकीय महाविद्यालय कांठ से डॉ. नौमीप्रिया, डॉ. मुदित सिंघल, डॉ. नगेंद्र पाल तथा राजकीय महाविद्यालय भोजपुर से डॉ. पूजा सहित अन्य लोग मौजूद रहे। ब्यूरो
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ऐसे में प्रबंधन और प्राचार्य को आपसी विवादों में उलझने के बजाय शैक्षिक गुणवत्ता और विद्यार्थियों के विकास पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने गुरु जंभेश्वर विवि के प्रथम सेमेस्टर के परिणाम की भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से कॉलेजों में संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। अशासकीय कॉलेजों को प्रोजेक्ट अलंकार के तहत धनराशि दी जा रही है।
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उन्होंने कहा कि जब सरकार बनी थी, उस समय प्रदेश की स्थिति चुनौतीपूर्ण थी। उस दौरान ऐसी सोच विकसित हो गई थी कि नकल कराई जाएगी और बदले में समर्थन मिलेगा, लेकिन भाजपा सरकार ने इस सोच को बदलने का काम किया है। अब कॉलेजों में छात्र और शिक्षक बेहतर शैक्षिक वातावरण में कार्य कर रहे हैं तथा व्यवस्थाओं में सुधार किया गया है। नई शिक्षा नीति लागू होने के बाद कक्षाओं के संचालन में आई चुनौतियों पर उन्होंने कहा कि यह प्रतिस्पर्धा का दौर है, इसलिए शिक्षा नीति में बदलाव किया गया है। विद्यार्थियों को केवल शैक्षिक रूप से ही नहीं बल्कि कुशल भी बनाना आवश्यक है। इस दौरान क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. रीना वालिया, राजकीय महाविद्यालय कांठ से डॉ. नौमीप्रिया, डॉ. मुदित सिंघल, डॉ. नगेंद्र पाल तथा राजकीय महाविद्यालय भोजपुर से डॉ. पूजा सहित अन्य लोग मौजूद रहे। ब्यूरो
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