{"_id":"5f247de78ebc3e63750f6e14","slug":"section-144-active-in-moradabad-city-news-mbd3577280154","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले में आज से निषेधाज्ञा लागू, धार्मिक कार्यक्रम, जुलूस प्रदर्शन पर रोक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले में आज से निषेधाज्ञा लागू, धार्मिक कार्यक्रम, जुलूस प्रदर्शन पर रोक
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुरादाबाद। जिले में शनिवार से निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। डीएम राकेश कुमार ने शुक्रवार सायं इसका आदेश जारी कर दिया। इसके साथ ही जिले में सभी प्रकार के सामाजिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक, धार्मिक कार्यक्रम, धार्मिक जुलूस, खेल संबंधी, व्यापारिक प्रदर्शनी, रैली तथा इस प्रकार के अन्य सभी कार्यक्रम प्रतिबंधित कर दिए गए हैं। डीएम ने यह निषेधाज्ञा कोरोना वायरस के संक्रमण की वर्तमान स्थिति, त्योहारों व बीएड पाठ्यक्रम शैक्षिक सत्र 2020-22 के प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली संयुक्त प्रवेश परीक्षा आदि को ध्यान में रखते हुए जिले में सांप्रदायिक सौहार्द और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए 28 अगस्त तक लागू की है।
ईद-उल-अजहा के अवसर पर सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं स्वच्छता को बनाए रखने के लिए सार्वजनिक स्थानों पर सामूहिक रूप से कुर्बानी करना प्रतिबंधित रहेगा। सोशल मीडिया पर ग्रुप एडमिन का उत्तरदायित्व होगा कि ग्रुप से जुड़ा कोई भी व्यक्ति भड़काऊ अथवा अफवाह फैलाने संबंधित कोई पोस्ट नहीं करेगा। यदि कोई व्यक्ति ऐसा पोस्ट करता है तो उसे एडमिन ग्रुप से डिलीट करते हुए पुलिस को सूचना देगा। रक्षाबंधन को देखते हुए चाईनीज मांझे को बेचना, रखना अथवा किसी को इसके लिए प्रेरित करने पर भी प्रतिबंधित है।
घर में रह कर करें इबादत, खुले में न करें कुर्बानी
मुरादाबाद। मुस्लिम धार्मिक गुरुओं ने ईद-उल-अजहा का पर्व शासन की गाइडलाइन के मुताबिक शांति और सौहार्द के बनाए रखने में शासन, प्रशासन का सहयोग करने को कहा है। शहर इमाम समेत कई धर्म गुरुओं ने मुस्लिमों से कुर्बानी सड़क आदि पर न करने और घर में रहकर त्योहार मनाने की अपील की है।
विज्ञापन
शहर इमाम हकीम सैयद मासूम अली आजाद ने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण के चलते इस बार ईद-उल-अजहा की नमाज ईदगाह में नहीं होगी। लोग अपने घर में ही त्योहार मनाएं। शासन-प्रशासन के हर निर्देश का पालन करें और जिले में शांति व सौहार्द बनाए रखने में उनका सहयोग करें। कोई भी ऐसा कार्य न करें जिससे किसी दूसरे धर्म के लोगों की आस्था को चोट पहुंचे। साफ सफाई का सभी लोग विशेष तौर पर ध्यान रखें।
ऑल इंडिया जमिय्यत अहले सुन्नत मुरादाबाद के संयुक्त सचिव मुफ्ती दानिश कादरी ने कहा कि कुर्बानी का मकसद लोगों को दिखाना या गोश्त हासिल करना नहीं सिर्फ अल्लाह की रजा हासिल करना है। इसलिए सार्वजनिक स्थान पर खुले में कुर्बानी न करें। उन्होंने कुर्बानी के दौरान लोगों से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने, कोरोना वायरस के चलते इस बार दावत वगैरह में लोगों की भीड़ इकठ्ठा न करने की अपील की है।
इस्लामिक स्कॉलर मौलाना सैयद काब रशीदी ने कहा कि भारत जैसे पूरी दुनिया कोरोना वायरस जैसे संकट के दौर से गुजर रही है। उन्होंने प्रदेश सरकार का आभार जताया कि उसने कुर्बानी पर किसी तरह की कोई पाबंदी नहीं लगाई है, बल्कि लोकतांत्रित परंपरा और कोरोना बीमारी को ध्यान में रखते हुए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए मनाने की इजाजत दी है। उन्होंने आवाम से सरकार की गाइड लाइन का पालन करते हुए शांति के साथ इबादत को अंजाम देते हुए राष्ट्र को मजबूत करने के काम को अंजाम देने का आह्वान किया है।
विज्ञापन
ईद-उल-अजहा के अवसर पर सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं स्वच्छता को बनाए रखने के लिए सार्वजनिक स्थानों पर सामूहिक रूप से कुर्बानी करना प्रतिबंधित रहेगा। सोशल मीडिया पर ग्रुप एडमिन का उत्तरदायित्व होगा कि ग्रुप से जुड़ा कोई भी व्यक्ति भड़काऊ अथवा अफवाह फैलाने संबंधित कोई पोस्ट नहीं करेगा। यदि कोई व्यक्ति ऐसा पोस्ट करता है तो उसे एडमिन ग्रुप से डिलीट करते हुए पुलिस को सूचना देगा। रक्षाबंधन को देखते हुए चाईनीज मांझे को बेचना, रखना अथवा किसी को इसके लिए प्रेरित करने पर भी प्रतिबंधित है।
विज्ञापन
घर में रह कर करें इबादत, खुले में न करें कुर्बानी
मुरादाबाद। मुस्लिम धार्मिक गुरुओं ने ईद-उल-अजहा का पर्व शासन की गाइडलाइन के मुताबिक शांति और सौहार्द के बनाए रखने में शासन, प्रशासन का सहयोग करने को कहा है। शहर इमाम समेत कई धर्म गुरुओं ने मुस्लिमों से कुर्बानी सड़क आदि पर न करने और घर में रहकर त्योहार मनाने की अपील की है।
विज्ञापन
शहर इमाम हकीम सैयद मासूम अली आजाद ने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण के चलते इस बार ईद-उल-अजहा की नमाज ईदगाह में नहीं होगी। लोग अपने घर में ही त्योहार मनाएं। शासन-प्रशासन के हर निर्देश का पालन करें और जिले में शांति व सौहार्द बनाए रखने में उनका सहयोग करें। कोई भी ऐसा कार्य न करें जिससे किसी दूसरे धर्म के लोगों की आस्था को चोट पहुंचे। साफ सफाई का सभी लोग विशेष तौर पर ध्यान रखें।
ऑल इंडिया जमिय्यत अहले सुन्नत मुरादाबाद के संयुक्त सचिव मुफ्ती दानिश कादरी ने कहा कि कुर्बानी का मकसद लोगों को दिखाना या गोश्त हासिल करना नहीं सिर्फ अल्लाह की रजा हासिल करना है। इसलिए सार्वजनिक स्थान पर खुले में कुर्बानी न करें। उन्होंने कुर्बानी के दौरान लोगों से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने, कोरोना वायरस के चलते इस बार दावत वगैरह में लोगों की भीड़ इकठ्ठा न करने की अपील की है।
इस्लामिक स्कॉलर मौलाना सैयद काब रशीदी ने कहा कि भारत जैसे पूरी दुनिया कोरोना वायरस जैसे संकट के दौर से गुजर रही है। उन्होंने प्रदेश सरकार का आभार जताया कि उसने कुर्बानी पर किसी तरह की कोई पाबंदी नहीं लगाई है, बल्कि लोकतांत्रित परंपरा और कोरोना बीमारी को ध्यान में रखते हुए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए मनाने की इजाजत दी है। उन्होंने आवाम से सरकार की गाइड लाइन का पालन करते हुए शांति के साथ इबादत को अंजाम देते हुए राष्ट्र को मजबूत करने के काम को अंजाम देने का आह्वान किया है।