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जौहर यूनिवर्सिटी के दो भवनों से प्रशासन ने छोड़ा कब्जा-0000
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रामपुर। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन ने सपा नेता आजम खां के ड्रीम प्रोजेक्ट मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के कब्जा किए गए दोनों भवनों को सील मुक्त करते हुए तार हटा दिए हैं। ये दोनों भवन शत्रु संपत्ति की जमीन पर बने होने का आरोप है। इसके साथ ही शत्रु संपत्ति से तारबंदी हटाने का काम भी शुक्रवार (आज) से शुरू हो जाएगा।
मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी सपा नेता आजम खां का ड्रीम प्रोजेक्ट रहा है। आजम खां ने अपने इस सपने को पूरा करने के लिए हरसंभव प्रयास किए और पूरा भी किया। किंतु आजम खां को झटका तब लगा जब जौहर विश्वविद्यालय में शत्रु संपत्ति होने की जानकारी बाहर आई थी। इसको लेकर आजम खां के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज हुआ था जिसमें उनकी जमानत मंजूर हो चुकी है।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद जिला प्रशासन ने 13.842 हेक्टेयर शत्रु संपत्ति की तारबंदी कर दी थी। जमीन पर बनी दो इमारतों को सील कर दिया गया था। आजम खां ने सुप्रीम कोर्ट में हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी। जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को अनुचित ठहराते हुए प्रशासन को जमीन कब्जा मुक्त करने और तारबंदी हटाने के आदेश दिए थे। जिस पर बृहस्पतिवार को तहसीलदार सदर प्रमोद कुमार टीम के साथ मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय पहुंच गए। उन्होंने शत्रु संपत्ति पर बनी दो इमारतों को सील मुक्त कर दिया है। भवनों के आगे लगाए गए कंटीले तारों को हटा दिया गया है। इनमें आवासीय भवन और स्पोर्ट्स कांप्लेक्स शामिल हैं। अफसरों की माने तो शत्रु संपत्ति की जमीन पर बनीं इमारतें अब पूरी तरह से यूनिवर्सिटी के कब्जे में हैं। शुक्रवार (आज) से तारबंदी भी हटानी शुरू कर दी जाएगी।
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मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी सपा नेता आजम खां का ड्रीम प्रोजेक्ट रहा है। आजम खां ने अपने इस सपने को पूरा करने के लिए हरसंभव प्रयास किए और पूरा भी किया। किंतु आजम खां को झटका तब लगा जब जौहर विश्वविद्यालय में शत्रु संपत्ति होने की जानकारी बाहर आई थी। इसको लेकर आजम खां के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज हुआ था जिसमें उनकी जमानत मंजूर हो चुकी है।
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हाईकोर्ट के आदेश के बाद जिला प्रशासन ने 13.842 हेक्टेयर शत्रु संपत्ति की तारबंदी कर दी थी। जमीन पर बनी दो इमारतों को सील कर दिया गया था। आजम खां ने सुप्रीम कोर्ट में हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी। जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को अनुचित ठहराते हुए प्रशासन को जमीन कब्जा मुक्त करने और तारबंदी हटाने के आदेश दिए थे। जिस पर बृहस्पतिवार को तहसीलदार सदर प्रमोद कुमार टीम के साथ मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय पहुंच गए। उन्होंने शत्रु संपत्ति पर बनी दो इमारतों को सील मुक्त कर दिया है। भवनों के आगे लगाए गए कंटीले तारों को हटा दिया गया है। इनमें आवासीय भवन और स्पोर्ट्स कांप्लेक्स शामिल हैं। अफसरों की माने तो शत्रु संपत्ति की जमीन पर बनीं इमारतें अब पूरी तरह से यूनिवर्सिटी के कब्जे में हैं। शुक्रवार (आज) से तारबंदी भी हटानी शुरू कर दी जाएगी।
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