संभल हिंसा: उपद्रवियों की तलाश में पुलिस का बड़ा तलाशी अभियान, संदिग्ध हिरासत में... अब तक 41 को भेजा गया जेल
संभल में जामा मस्जिद सर्वे के दौरान हुए बवाल में पुलिस ने उपद्रवियों की तलाश में कई स्थानों पर दबिश देते हुए संदिग्धों को हिरासत में लिया। 24 नवंबर को हुए बवाल में पुलिस पर पथराव और फायरिंग के दौरान पांच लोगों की मौत हुई थी। पुलिस ने 40 नामजद और 2750 अज्ञात के खिलाफ सात एफआईआर दर्ज की हैं।
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संभल जामा मस्जिद सर्वे के दौरान हुए उपद्रव में शामिल उपद्रवियों की तलाश में पुलिस ने बृहस्पतिवार की देर रात और शुक्रवार को कई स्थानों पर दबिश दी है। कई संदिग्ध हिरासत में लिए गए हैं। जो हिरासत में लिए गए हैं उनसे पूछताछ की जा रही है। यदि उपद्रव में शामिल होने की पुष्टि होती है तो जेल भेजे जाएंगे।
24 नवंबर की सुबह जामा मस्जिद का सर्वे चल रहा था। इसी दौरान सैकड़ों की संख्या में भीड़ मस्जिद के आसपास जमा हो गई थी। इस दौरान पुलिस और भीड़ में झड़प हो गई थी। पुलिस पर पथराव और फायरिंग की गई। पुलिस ने भी लाठी चार्ज करने के साथ ही टियर गैस और रबड़ बुलेट का इस्तेमाल किया। इस बवाल में पांच लोगों की जान गई थी। 29 पुलिसकर्मी और 30 से ज्यादा भीड़ के लोग घायल हुए थे।
पुलिस ने 40 नामजद और 2750 अज्ञात के खिलाफ अलग-अलग सात एफआईआर दर्ज की थीं। इसमें दो एफआईआर नखासा थाना और पांच एफआईआर संभल कोतवाली में दर्ज हैं। इन सभी सात एफआईआर में 41 आरोपी ही जेल भेजे गए हैं। अन्य की तलाश में पुलिस की टीम लगी है। इसी क्रम में नखासा थाना क्षेत्र से कुछ संदिग्ध हिरासत में लिए गए हैं। हालांकि पुलिस के अधिकारी इसकी पुष्टि नहीं कर रहे हैं।
दंगे में जान गंवाने वाले बनवारी लाल के बेटे से डीएम-एसपी ने की मुलाकात
46 साल पहले संभल दंगे में जान गंवाने वाले कारोबारी बनवारी लाल गोयल के बेटे विनीत कुमार गोयल से शुक्रवार को डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया और एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने मुलाकात की। दोनों अधिकारियों ने उन्हें शासन के आदेशानुसार हर संभव मदद और कार्रवाई का भरोसा दिया। इस दौरान डीएम-एसपी ने दंगे के दौरान हुए हालातों के बारे में भी जानकारी हासिल की।
मोहल्ला ठेर के रहने वाले बनवारी लाल गोयल 1978 में नखासा क्षेत्र में कारोबार करते थे। उनकी बनवारी लाल गोयल एंड संस नाम से फैक्टरी थी। दंगाइयों की भीड़ में शहर में आगजनी शुरू कर दी। दुकानों और घरों में घुसकर लूटपाट की गई। दंगाई बनवारी लाल गोयल की फैक्टरी पर भी पहुंच गए थे और गेट को तोड़ने का प्रयास किया, लेकिन कामयाबी नहीं मिली।
जिसके बाद दंगाइयों ने ट्रैक्टर-ट्रॉली से टक्कर मारकर फैक्टरी का गेट गिरा दिया और परिसर में खड़े ट्रक को आग के हवाले कर दिया। गाय-भैंस को भी लूटकर ले गए थे। इस दौरान बनवारी लाल गोयल अपने रसोइया समेत कई लोगों के साथ फैक्टरी की दूसरी मंजिल पर छिपे हुए थे। लेकिन, हिंसक भीड़ ने तलाशकर उनके पिता समेत कई लोगों की हत्या कर दी।
उनका रसोइया हरिद्वार लाल गंभीर रूप से घायल हुआ था जबकि रसोइये के भाई ऋषि की भी हत्या कर दी गई। पहले हिंदुओं को निर्ममता के साथ काटा गया। इसके बाद टायर, मिट्टी का तेल और पेट्रोल डालकर जिंदा लोगों को जला दिया गया था। इस हिंसा में पिता और परिजनों को खोने के बाद बनवारी लाल गोयल के बेटे विनीत कुमार गोयल परिवार समेत संभल छोड़ कर दिल्ली में जाकर बस गए थे।
बृहस्पतिवार को विनीत कुमार गोयल संभल आए और खग्गू सराय स्थित मंदिर पहुंचे। यहां पूजा-अर्चना करने के बाद उन्होंने आंखों देखा दंगे के दर्द को बयां किया। इसके बाद शुक्रवार को डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया और एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने विनीत कुमार गोयल से मुलाकात की। विनीत कुमार गोयल ने बताया कि दोनों अधिकारियों ने कहा है कि शासन के आदेशानुसार जो भी मदद की जा सकती है उसको किया जाएगा।