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कृषि विधेयक और श्रमिक कानून के विरोध में पर सड़कों पर उतरे सपाई
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मुरादाबाद। केंद्र सरकार के श्रम और कृषि विधेयक के विरोध में शुक्रवार को समाजवादी पार्टी के जनप्रतिनिधि, संगठन पदाधिकारी और कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। केंद्र सरकार पर किसान और श्रमिक विरोधी होने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति और राज्यपाल को ज्ञापन भेजा।
वरिष्ठ नेता, सांसद, विधायक, पूर्व विधायक और जिला एवं महानगर पदाधिकारी पार्टी कार्यालय पर एकत्र हुए। कार्यालय से जुलूस की शक्ल में जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। पार्टी के प्रदेशव्यापी अभियान में सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सांसद डा. एसटी हसन ने कहा कि कृषि विधेयक किसान विरोधी है। किसान अपनी जमीन का मालिक न रहकर मजदूर हो जाएगा। कृषि उत्पादन मंडी का अस्तित्व खत्म होने और विधेयक में न्यूनतम समर्थन मूल्य मिलना सुनिश्चित नहीं होने से किसान औने-पौने दामों पर फसल बेचने को मजबूर होगा।
देहात विधायक हाजी इकराम कुरैशी ने कहा कि गेहूं और धान की फसल को आवश्यक वस्तु अधिनियम से हटाए जाने से किसान बड़े आढ़तियों और व्यापारिक घरानों की शर्तों पर फसल बेचने को मजबूर होंगे। वह अपने को ठगा महसूस करेंगे। फसल की जायज रकम नहीं मिलेगी। कुंदरकी विधायक हाजी रिजवान ने कहा कि संसद से पारित श्रमिक कानून से श्रमिकों के हित बुरी तरह प्रभावित होंगे। अब तक 100 कर्मचारियों वाले उद्योगों को बिना सरकारी अनुमति छंटनी का अधिकार नहीं था। नया कानून तीन सौ कर्मचारियों वाले उद्योगों को छंटनी करने का अधिकार दे रहा है। इससे श्रमिकों में असुरक्षा की भावना बढ़ेगी और अपनी जायज मांग भी नहीं उठा सकेंगे। उद्योगपति के बंधुआ मजदूर बनकर रह जाएंगे।
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बिलारी विधायक मोहम्मद फहीम इरफान ने कहा कि जनविरोधी कानूनों को लेकर केंद्र सरकार के प्रति भारी आक्रोश है। भाजपा सरकार श्रमिकों को रोजगार तो दे नहीं पाई है, उल्टे उनको पूंजीपति घरानों की दया पर आश्रित बनाने की साजिश कर रही है। महानगर अध्यक्ष हाजी मन्नू कुरैशी ने कहा किसान और श्रमिक विरोधी नीतियों का सपा पुरजोर विरोध करेगी। किसान और श्रमिक की आवाज बुलंद करेगी। पूर्व विधायक अनीसउर्रहमान, पूर्व विधायक हाजी यूसुफ अंसारी, राजेश कुमारी यादव , डीपी यादव, बाबर खान, महासचिव धर्मेन्द्र यादव, राजकुमार प्रजापति, गजेंद्र यादव, नौशाद पाशा, उस्मान अली मौजूद रहे।
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वरिष्ठ नेता, सांसद, विधायक, पूर्व विधायक और जिला एवं महानगर पदाधिकारी पार्टी कार्यालय पर एकत्र हुए। कार्यालय से जुलूस की शक्ल में जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। पार्टी के प्रदेशव्यापी अभियान में सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सांसद डा. एसटी हसन ने कहा कि कृषि विधेयक किसान विरोधी है। किसान अपनी जमीन का मालिक न रहकर मजदूर हो जाएगा। कृषि उत्पादन मंडी का अस्तित्व खत्म होने और विधेयक में न्यूनतम समर्थन मूल्य मिलना सुनिश्चित नहीं होने से किसान औने-पौने दामों पर फसल बेचने को मजबूर होगा।
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देहात विधायक हाजी इकराम कुरैशी ने कहा कि गेहूं और धान की फसल को आवश्यक वस्तु अधिनियम से हटाए जाने से किसान बड़े आढ़तियों और व्यापारिक घरानों की शर्तों पर फसल बेचने को मजबूर होंगे। वह अपने को ठगा महसूस करेंगे। फसल की जायज रकम नहीं मिलेगी। कुंदरकी विधायक हाजी रिजवान ने कहा कि संसद से पारित श्रमिक कानून से श्रमिकों के हित बुरी तरह प्रभावित होंगे। अब तक 100 कर्मचारियों वाले उद्योगों को बिना सरकारी अनुमति छंटनी का अधिकार नहीं था। नया कानून तीन सौ कर्मचारियों वाले उद्योगों को छंटनी करने का अधिकार दे रहा है। इससे श्रमिकों में असुरक्षा की भावना बढ़ेगी और अपनी जायज मांग भी नहीं उठा सकेंगे। उद्योगपति के बंधुआ मजदूर बनकर रह जाएंगे।
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बिलारी विधायक मोहम्मद फहीम इरफान ने कहा कि जनविरोधी कानूनों को लेकर केंद्र सरकार के प्रति भारी आक्रोश है। भाजपा सरकार श्रमिकों को रोजगार तो दे नहीं पाई है, उल्टे उनको पूंजीपति घरानों की दया पर आश्रित बनाने की साजिश कर रही है। महानगर अध्यक्ष हाजी मन्नू कुरैशी ने कहा किसान और श्रमिक विरोधी नीतियों का सपा पुरजोर विरोध करेगी। किसान और श्रमिक की आवाज बुलंद करेगी। पूर्व विधायक अनीसउर्रहमान, पूर्व विधायक हाजी यूसुफ अंसारी, राजेश कुमारी यादव , डीपी यादव, बाबर खान, महासचिव धर्मेन्द्र यादव, राजकुमार प्रजापति, गजेंद्र यादव, नौशाद पाशा, उस्मान अली मौजूद रहे।