18 दिन में तीन लाख बार लेनदेन: विदेश से जुड़ रहे गेमिंग एप के तार, दुबई में रहने वाले दोस्त के संपर्क में समद
बिलारी के आजम अली के खाते से 18 दिन में तीन लाख से ज्यादा बार लेनदेन हुआ। इसके बाद यह खाता बैंक अधिकारियों की निगरानी में आ गया। खाताधारक से पूछताछ की गई। तब मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। पता चला कि मामले के तार दुबई तक जुड़े हुए हैं।
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महादेव एप की तरह 91 क्लब एप गेम खिलाने वाला समद दुबई में रहने वाले अपने एक दोस्त के संपर्क में है। पुलिस समद की तलाश में जुटी है। संभावना जताई जा रही कि कहीं 91 क्लब एप दुबई से तो आपरेट नहीं किया जा रहा था।
पुलिस समद की तलाश में जुटी है। उसके पकड़ने जाने के बाद ही पता चल सकेगा कि इस गिरोह में कौन कौन लोग शामिल हैं। एसबीआई की बिलारी शाखा में आजम अली ने 22 जून को खाता खुलवाया था।
इस खाते से 18 दिन में तीन लाख से ज्यादा बार लेनदेन हुआ तो एसबीआई की निगरानी टीम के रडार पर आ गया था। सीबीआई लखनऊ मुख्यालय की ओर से एसबीआई की बिलारी शाखा के प्रबंधक शुभम कश्यप के पास मेल भेजकर खाते पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए थे।
इसके अलावा खाता धारक से पूछताछ की गई थी। पुलिस और साइबर सेल ने आजम अली से पूछताछ की। तब उसने बताया कि उत्तराखंड के रुद्रपुर में रहने वाले समद के कहने पर उसने खाता खुलवाया था। उसका ये पता 91 क्लब एप से जुड़ा था।
अब जांच में सामने आया है कि समद का दोस्त दुबई में नौकरी करता है। समद लगातार उसके संपर्क में था। गेमिंग एप के तार दुबई तक जुड़ रहे हैं। एसपी क्राइम सुभाष चंद्र गंगवार ने बताया कि इस मामले में लगातार काम चल रहा है।
खाते पर रोक लगने पर शेष रह गया 2.5 लाख रुपये का बैलेंस
खाते से 18 दिन में तीन लाख से ज्यादा बार लेनदेन के मामले में पुलिस समद की तलाश में जुटी है। 22 जून को खुले खाते के लेनदेन पर 10 जुलाई को रोक लगा दी गई थी। खाते में अभी करीब 2.5 लाख रुपये का बैलेंस शेष है।
पुलिस, साइबर सेल और बैंक अधिकारियों की अभी तक की जांच में सामने आया है कि बिलारी निवासी जींस कारोबारी खाताधारक के खाते को 91 क्लब गेमिंग एप से जोड़ा गया था। लोगों को लालच देकर ऑनलाइन गेम खिलाकर खाते में धनराशि डलवाई गई।
बिलारी थाना प्रभारी आरपी सिंह ने बताया कि 18 जुलाई शाम तक संबंधित बैंक खाते की पूरी डिटेल पुलिस और साइबर सेल को मिल जाएगी। इससे स्पष्ट हो जाएगा की कहा से, कैसे और कितना लेनदेन खाते में हुआ।
जांच में खाता संचालक के मौसेरे भाई समद की भूमिका सामने आई है। पुलिस रुद्रपुर में समद की तलाश के लिए दबिश दे रह है। खाता संचालक गिरोह में शामिल लोग शातिर किस्म के हैं, जो खाते में रकम आते ही उसे ट्रांसफर कर दिया करते थे।
उन्हें अंदाजा नहीं था कि मामला पकड़ में आ गया है और खाते पर रोक लगने वाली है। इस वजह से करीब 2.5 लाख रुपये खाते में ही रह गए है। गिरोह की ठगी का शिकार हुआ कोई पीड़ित पुलिस के पास आएगा, तो उसकी तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली जाएगी।
थाना प्रभारी के अनुसार खाताधारक की मर्जी से ही उसके खाते का उपयोग दूसरे लोगों ने किया था। कुछ मोबाइल नंबरों को चिह्नित कर उनकी सीडीआर भी निकलवाई जा रही है। एसबीआई बिलारी के शाखा प्रबंधक ने खाता धारक को पूछताछ के लिए थाना बिलारी भेजा था तभी उसकी हिमायत के लिए कई लोग सक्रिय हो गए थे।