सुरक्षित सफर की चाह में कारें बनी हमसफर: कोरोना काल में चार पहिया वाहनों की बिक्री बढ़ी, दो पहिया की घटी
कोरोना काल में हर किसी की सुरक्षित सफर की चाह ने चार पहिया वाहनों की बिक्री बढ़ा दी है। एक मई 2020 से दस मार्च 2021 तक आरटीओ कार्यालय में 30912 वाहन पंजीकृत किए गए। इसमें चार पहिया वाहनों की हिस्सेदारी 14.75 प्रतिशत रही। जो पिछले साल की इस अवधि से 5.58 प्रतिशत अधिक है।
यहीं नहीं ये वृद्धि पिछले दस सालों में सबसे अधिक है। हालांकि दो पहिया वाहनों की बिक्री में 4.46 प्रतिशत की गिरावट आई है। लॉकडाउन खुलने के बाद कोरोना से बचाव को सुरक्षित सफर के लिए निजी वाहनों का इस्तेमाल बढ़ गया है। सुरक्षा की इस चाह ने कोरोना काल में कारों की बिक्री बढ़ा दी है।
परिवहन विभाग के कार्यालय में पंजीकृत वाहनों की संख्या इस बात को पुख्ता करते हैं। परिवहन सेवा के डैसबोर्ड पोर्टल के मुताबिक एक मई 2020 से दस मार्च 2021 तक कार्यालय में कुल 30912 वाहनों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है। इसमें 14.75 प्रतिशत चार पहिया और 80.33 प्रतिशत दो पहिया वाहन शामिल हैं।
वहीं एक मई 2019 से दस मार्च 2020 तक पंजीकृत वाहनों की बिक्री 48677 रही। लेकिन इसमें चार पहिया वाहन 09.17 फीसदी और दो पहिया वाहन 84.79 प्रतिशत थे। कुल वाहनों की संख्या में कारों की हिस्सेदारी 5.58 फीसदी बढ़ी है। वहीं दो पहिया वाहनों में 4.46 प्रतिशत की कमी आई है।
दस सालों में कार खरीद में वृद्धि और बाइक में कमी
वाहनों की बिक्री पर कोरोना काल दस सालों पर भारी पड़ा। कोरोना काल में चार पहिया वाहनों की हिस्सेदारी बढ़ी है, जबकि दो पहिया वाहनों की हिस्सेदारी घटी है। इस साल जिले में कुल वाहनों में कारों की बिक्री 14.75 फीसदी है। जो दस सालों में अभी तक सबसे अधिक है।
इससे पहले सबसे अधिक हिस्सेदारी 11.14 फीसदी रही थी। वहीं इस साल अभी तक दो पहिया वाहनों की हिस्सेदारी 80.33 प्रतिशत है। कुल वाहनों में ये हिस्सा दस सालों में सबसे कम है। इससे पहले सबसे कम 81 प्रतिशत था।
पिछले साल की तुलना में प्रदेश में भी बढ़ी ब्रिकी
एक मई 2020 से दस मार्च 2021 तक प्रदेश में कुल 1.38 करोड़ वाहन पंजीकृत हो चुके हैं। इसमे दो पहिया वाहनों की संख्या 1.03 करोड़ है, जबकि चार पहिया वाहनों की संख्या 26.71 लाख है। वहीं एक मई 2019 से दस मार्च 2020 तक यूपी में 1.84 करोड़ वाहनों का रजिस्ट्रेशन हुआ था।
इसमें दो पहिया वाहनों की संख्या 1.41 करोड़ और चार पहिया वाहनों की संख्या 26.61 लाख थी। पिछले साल की तुलना में 9151 चार पहिया वाहन अधिक हैं। वाहनों की कुल संख्या में कारों की हिस्सेदारी 4.87 प्रतिशत बढ़ी है। दूसरी ओर दो पहिया वाहनों की बिक्री 3736811 कम हुई है।
बाइक की संख्या और प्रतिशत दोनों घटी
जहां एक ओर चार पहिया वाहनों की बिक्री बढ़ी है। वहीं दूसरी ओर कुल वाहनों के पंजीकरण में दो पहिया वाहनों की संख्या और प्रतिशत दोनों में कमी आई है। पिछले साल की तुलना में एक मई 2020 से दस मार्च तक 16441 कम दो पहिया वाहन पंजीकृत हुए हैं। वहीं प्रतिशत में 4.46 की कमी आई है।
कब से कब तक--------------कुल वाहन--दो पहिया-----------चार पहिया
01 मई 2020-10 मार्च 2021--30912---24834 (80.33)--4561 (14.75)
01 मई 2019-10 मार्च 2020--48677---41275 (84.79)--4466 (09.17)
01 मई 2018-10 मार्च 2019--51786---43571 (84.13)--4850 (09.36)
01 मई 2017-10 मार्च 2018--47143---40826 (86.60)--3889 (08.24)
01 मई 2016-10 मार्च 2017--42493---36205 (85.30)--3732 (08.78)
01 मई 2015-10 मार्च 2016--40720---35383 (86.80)--3323 (08.16)
01 मई 2014-10 मार्च 2015--37717---32433 (85.99)--3191 (08.46)
01 मई 2013-10 मार्च 2014--32866---27918 (84.94)--3187 (09.45)
01 मई 2012-10 मार्च 2013--29796---24166 (81.00)--3080 (10.33)
01 मई 2011-10 मार्च 2012--36706---30845 (84.00)--3524 (09.60)
01 मई 2010-10 मार्च 2011--31398---25735 (81.96)--3499 (11.14)
कम ट्रेनों का संचालन-रिजर्वेशन भी एक कारण
कोरोना काल में कोविड स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं। ऐसे में सभी रूट पर अभी पूर्ण रूप से ट्रेनों का संचालन नहीं हो पा रहा है। वहीं इन ट्रेनों में जनरल से लेकर एसी कोच तक में बिना रिजर्वेशन यात्रियों का प्रवेश प्रतिबंधित है। ऐसे में सफर के लिए लोग प्राइवेट वाहन का सहारा ले रहे हैं।