चाय में मिला लोहा: रामपुर की फहमीदा कलर मसाला और गुडवाइल टी की बिक्री पर रोक, सैंपल फेल होने के बाद कार्रवाई
रामपुर की फहमीदा कलर मसाला टी और गुडवाइल टी में लोहे के बारीक कण और प्रतिबंधित रंग की मिलावट मिलने पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने जनपद में इनकी बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है। करीब तीन माह पहले लिए गए नमूने जांच में फेल होने के बाद विक्रेताओं को नोटिस जारी किए गए हैं।
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रामपुर में फहमीदा कलर मसाला टी और गुडवाइल टी के नाम से बिक रही चाय में लोहे के बारीक कण और प्रतिबंधित रंग की मिलावट सामने आई है। इसके बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने जनपद में इसकी बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है। करीब तीन माह पहले तीन स्थानों से लिए गए नमूनों के सैंपल जांच में फेल मिलने पर यह कार्रवाई की गई है।
इसके बाद विभाग ने संबंधित विक्रेताओं को नोटिस जारी कर बिक्री रोकने के निर्देश दिए हैं। हैरानी की बात यह है कि सैंपल लेने के तीन माह बाद भी विभाग को यह पता नहीं है कि इसका उत्पादन जिले में कहां हो रहा है और कहां-कहां आपूर्ति की जा रही है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने 21 जुलाई को रामपुर की अनाज मंडी स्थित पीके ट्रेडर्स के यहां से 28,080 रुपये कीमत की 78 किलो फहमीदा कलर मसाला टी जब्त की थी।
इसके अलावा 22 जुलाई को टांडा के मोहल्ला हाजीपुर में मोहम्मद जुनैद की दुकान पर दबिश देकर सात किलो फहमीदा कलर मसाला टी जब्त की गई थी। इनके सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे जिनकी रिपोर्ट सामने आने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग हरकत में आया है। विभाग ने संबंधित विक्रेताओं को नोटिस जारी कर बिक्री बंद करने के निर्देश दिए हैं।
साथ ही अन्य दुकानदारों को भी चेतावनी दी गई है कि वे इस चाय की बिक्री न करें। कहीं भी बिक्री होती मिलने पर संबंधित विक्रेता के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। कार्यवाहक खाद्य सुरक्षा अधिकारी संजीव कुमार का कहना है कि फहमीदा कलर मसाला टी और गुडवाइल टी के सैंपल फेल होने के बाद जनपद में इसकी बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया है।
उनका कहना है कि फहमीदा कलर मसाला टी का उत्पादन कहां हो रहा है और किन-किन दुकानों पर इसकी आपूर्ति की जा रही है, इसका पता लगाया जा रहा है।
कार्यवाहक खाद्य सुरक्षा अधिकारी संजीव कुमार का कहना है कि स्वार के मोहल्ला रसूलपुर स्थित इमरान एंटरप्राइजेज पर 20 जुलाई को दबिश देकर 35 किलो गुडवाइल टी जब्त की गई थी। इसके नमूने भी जांच के लिए भेजे गए थे। इसमें भी लोहे के बारीक कण पाए गए हैं जो स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है।
उन्होंने बताया कि इमरान एंटरप्राइजेज ही गुडवाइल टी का उत्पादन करता है। अब यह पता किया जा रहा है कि इसकी आपूर्ति कहां-कहां की जाती है। फहमीदा कलर मसाला टी और गुडवाइल टी दोनों में एक जैसी कमियां पाईं गईं हैं। ऐसे में यह भी देखा जा रहा है कि दोनों का उत्पादनकर्ता एक ही तो नहीं है।
सेवन से कैंसर और अल्सर का खतरा : डा. बीके वर्मा
रामपुर जिला अस्पताल के फिजिशियन डा. बीके वर्मा का कहना है कि लोहे के बारीक कण और प्रतिबंधित रंग वाली चायपत्ती का सेवन बेहद खतरनाक हो सकता है। इसके लगातार सेवन से कैंसर और अल्सर का खतरा रहता है। साथ ही कई अन्य गंभीर बीमारियां भी हो सकती हैं।
जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांच के दाैरान फहमीदा कलर मसाला टी और गुडवाइल टी वजन में अपेक्षाकृत भारी होने के कारण मिलावट का शक हुआ। इसके बाद सैंपल जांच के लिए भेजा गया तो उसमें लोहे के बारीक कण और प्रतिबंधित रंग पाए गए। इसकी बिक्री पर रोक लगाने के साथ ही जांच पड़ताल की जा रही है। -संजीव कुमार, कार्यवाहक खाद्य सुरक्षा अधिकारी