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हादसा बस से दिखा रोडवेज से क्लेम हड़पने का खेल
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मुरादाबाद(जितेंद्र कुमार)। क्लेम की रकम हड़पने को नया खेल सामने आया है। रोडवेज की बसाें से हादसा दिखा कर रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही हैं। ताकि रोडवेज विभाग से क्लेम की रकम हासिल की जा सके। इस नए खेला खुलासा भी तब हुआ। जब जांच में पाया गया कि एफआईआर में उन बसों से हादसा दर्शाया गया है। जो बसें हादसे के वक्त मार्ग से गुजरी तक नहीं। जांच अधिकारी की ओर से रिपोर्ट तैयार की गई है। जिसे कोर्ट में भी पेश करने की तैयारी है।
पीतल नगरी डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक शिव बालक ने बताया कि मूंढापांडे थानाक्षेत्र में ट्रैक्टर ट्राली से बाइक सवार टकरा गया था। इस हादसे में बाइक सवार की मौत हो गई थी। इस मामले में संबंधित थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। जिसमें ट्रैक्टर ट्राली से हादसा नहीं दिखाया गया, बल्कि रिपोर्ट में हादसा रोडवेज की बस से होना दिखा गया है। इसके अलावा संभल के असमोली क्षेत्र में भी ऐसा ही एक मामला सामने आया है। यहां भी हादसा किसी अन्य वाहन से हुआ, किन रिपोर्ट रोडवेज की बस के चालक के खिलाफ दर्ज कराई है। संभल के बनियाठेर थाने में भी रिपोर्ट दर्ज कराई है। जिसमें बताया गया कि रोडवेज बस के चालक ने लापरवाही से बस दौड़ाकर बाइक में टक्कर मारी है। उन्होंने बताया कि ऐसे दस मामले हैं। जिनमें हादसा किसी दूसरे वाहन से हुआ और रिपोर्ट में रोडवेज की बस से हादसा होना दर्शाया गया है। उन्होंने बताया कि इन मामले की जांच के लिए टीम का गठन किया गया है। जांच में पाया गया है कि हादसा रोडवेज की बस से नहीं किसी अन्य वाहन से हुआ है। इन मामलों के पूरे साक्ष्य जुटाए गए हैं। ताकी कोर्ट में पेश किए जा सकें।
सीसीटीवी कैमरे और जीपीएस से पकड़ में आया खेल
मुरादाबाद। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक शिव बालक ने बताया कि क्लेम की रकम जारी करने से पहले हादसों की जांच कराई जाती है। इस मामलों में भी जांच कराई गई। जांच टीम ने रूट मार्ग के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, बसों में लगे जीपीएस सिस्टम से बस की लोकेशन और समाचार पत्रों में छपी हादसों की खबरों को जुटाया गया है। इन तथ्यों से सामने आया कि हादसा रोडवेज की बसों से नहीं हुआ है। इन सभी सबूतों को अदालत में पेश किया जाएगा।
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इस तरह मिलता है क्लेम
रोडवेज की बस में यात्रा के दौरान हादसा होने पर बस सवार यात्री की मृत्यु होने पर उसके परिजनों को परिवहन निगम की ओर से पांच लाख तक की आर्थिक मदद दी जाती है। यात्री के पास टिकट होना चाहिए। रोडवेज बस की टक्कर से अगर राहगीर की मृत्यु होती है तो भी परिवहन निगम की ओर से परिजनों को आर्थिक मदद दी जाती है। इसके लिए हादसे की एफआईआर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य दस्तावेज रोडवेज विभाग के अधिकारी के समक्ष पेश करने होते हैं।
सफर के दौरान हादसे में दुर्घटनाग्रस्त होने पर यात्री की हादसे में मृत्यु होने पर उसके परिजनों को पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद रोडवेज विभाग की ओर से दी जाती है। इसके लिए यात्री के पास टिकट होना जरूरी होता है। इसके अलावा राहगीर की मृत्यु होती है तो भी विभाग की ओर से क्लेम दिया जाता है। इसके लिए एफआईआर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट रोडवेज विभाग के अधिकारियों के समक्ष पेश करनी होती है।
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पीतल नगरी डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक शिव बालक ने बताया कि मूंढापांडे थानाक्षेत्र में ट्रैक्टर ट्राली से बाइक सवार टकरा गया था। इस हादसे में बाइक सवार की मौत हो गई थी। इस मामले में संबंधित थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। जिसमें ट्रैक्टर ट्राली से हादसा नहीं दिखाया गया, बल्कि रिपोर्ट में हादसा रोडवेज की बस से होना दिखा गया है। इसके अलावा संभल के असमोली क्षेत्र में भी ऐसा ही एक मामला सामने आया है। यहां भी हादसा किसी अन्य वाहन से हुआ, किन रिपोर्ट रोडवेज की बस के चालक के खिलाफ दर्ज कराई है। संभल के बनियाठेर थाने में भी रिपोर्ट दर्ज कराई है। जिसमें बताया गया कि रोडवेज बस के चालक ने लापरवाही से बस दौड़ाकर बाइक में टक्कर मारी है। उन्होंने बताया कि ऐसे दस मामले हैं। जिनमें हादसा किसी दूसरे वाहन से हुआ और रिपोर्ट में रोडवेज की बस से हादसा होना दर्शाया गया है। उन्होंने बताया कि इन मामले की जांच के लिए टीम का गठन किया गया है। जांच में पाया गया है कि हादसा रोडवेज की बस से नहीं किसी अन्य वाहन से हुआ है। इन मामलों के पूरे साक्ष्य जुटाए गए हैं। ताकी कोर्ट में पेश किए जा सकें।
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सीसीटीवी कैमरे और जीपीएस से पकड़ में आया खेल
मुरादाबाद। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक शिव बालक ने बताया कि क्लेम की रकम जारी करने से पहले हादसों की जांच कराई जाती है। इस मामलों में भी जांच कराई गई। जांच टीम ने रूट मार्ग के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, बसों में लगे जीपीएस सिस्टम से बस की लोकेशन और समाचार पत्रों में छपी हादसों की खबरों को जुटाया गया है। इन तथ्यों से सामने आया कि हादसा रोडवेज की बसों से नहीं हुआ है। इन सभी सबूतों को अदालत में पेश किया जाएगा।
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इस तरह मिलता है क्लेम
रोडवेज की बस में यात्रा के दौरान हादसा होने पर बस सवार यात्री की मृत्यु होने पर उसके परिजनों को परिवहन निगम की ओर से पांच लाख तक की आर्थिक मदद दी जाती है। यात्री के पास टिकट होना चाहिए। रोडवेज बस की टक्कर से अगर राहगीर की मृत्यु होती है तो भी परिवहन निगम की ओर से परिजनों को आर्थिक मदद दी जाती है। इसके लिए हादसे की एफआईआर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य दस्तावेज रोडवेज विभाग के अधिकारी के समक्ष पेश करने होते हैं।
सफर के दौरान हादसे में दुर्घटनाग्रस्त होने पर यात्री की हादसे में मृत्यु होने पर उसके परिजनों को पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद रोडवेज विभाग की ओर से दी जाती है। इसके लिए यात्री के पास टिकट होना जरूरी होता है। इसके अलावा राहगीर की मृत्यु होती है तो भी विभाग की ओर से क्लेम दिया जाता है। इसके लिए एफआईआर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट रोडवेज विभाग के अधिकारियों के समक्ष पेश करनी होती है।