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Moradabad News: रास्ता बंद तो अटकी हस्तशिल्प उत्पाद की सप्लाई, तीन दिन से नहीं पहुंच रहा माल
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मुरादाबाद। सहारनपुर-हरिद्वार-धामपुर-कांठ मार्ग बंद होने से मुरादाबाद के हस्तशिल्प उत्पाद कारोबार की सप्लाई चेन प्रभावित होने लगी है। पिछले तीन दिन से सहारनपुर, फिरोजाबाद और हाथरस समेत आसपास के क्षेत्रों से हस्तशिल्प उत्पादों की आपूर्ति बाधित है। इन शहरों से आने वाले उत्पादों को मुरादाबाद में तैयार माल के साथ जोड़कर निर्यात की खेप तैयार की जाती है। रास्ता बंद होने से जरूरी सामान की आवक अटक गई है और निर्यातकों की चिंता बढ़ गई है।
मुरादाबाद का हस्तशिल्प निर्यात कारोबार आसपास के कई जिलों से जुड़ा है। यहां तैयार होने वाले उत्पादों में दूसरे शहरों से आने वाले सामान का उपयोग होता है। सहारनपुर से लकड़ी व इसके हस्तशिल्प उत्पाद आते हैं। फिरोजाबाद से कांच के उत्पाद मंगाए जाते हैं। हाथरस, मेरठ और नगीना से भी विभिन्न उत्पाद यहां पहुंचते हैं। इन उत्पादों में फूलदान, ट्रे, डिब्बे, फर्नीचर, संदूक, पूजा सामग्री और सजावटी सामान प्रमुख हैं। इन उत्पादों को मुरादाबाद लाकर निर्यात की खेप में शामिल किया जाता है। कई उत्पादों को स्थानीय स्तर पर ही तैयार और अंतिम रूप दिया जाता है। एक्सपोर्टर्स वॉइस एसोसिएशन के महासचिव विशाल अग्रवाल ने बताया कि रास्ता बंद होने से कॉमर्शियल वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है। सामान्य मार्ग से ट्रक नहीं आ पा रहे हैं। जरूरी माल के लिए ट्रांसपोर्टरों को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे माल की लागत बढ़ रही है और दूरी अधिक होने से समय भी ज्यादा लग रहा है।
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वैकल्पिक मार्ग से माल लाने पर ट्रांसपोर्टर मांग रहे दोगुना किराया
-एक्सपोर्टर्स वॉइस एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष रजत सिंघल ने कहा कि वैकल्पिक रास्तों से माल मंगाने पर ट्रांसपोर्टर दोगुना किराया मांग रहे हैं। इससे डीजल और परिवहन खर्च भी बढ़ रहा है, जिससे उत्पादन लागत में वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि यदि रास्ता जल्द नहीं खुला तो निर्यात की समय सीमा पर असर पड़ सकता है। निर्यातक नदीम खान का कहना है कि हमारी मांग है कि प्रशासन कॉमर्शियल वाहनों के लिए सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराए। इससे सहारनपुर, फिरोजाबाद और हाथरस से माल की आपूर्ति सामान्य हो और निर्यात की खेप समय पर तैयार करने में मदद मिले।
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मुरादाबाद का हस्तशिल्प निर्यात कारोबार आसपास के कई जिलों से जुड़ा है। यहां तैयार होने वाले उत्पादों में दूसरे शहरों से आने वाले सामान का उपयोग होता है। सहारनपुर से लकड़ी व इसके हस्तशिल्प उत्पाद आते हैं। फिरोजाबाद से कांच के उत्पाद मंगाए जाते हैं। हाथरस, मेरठ और नगीना से भी विभिन्न उत्पाद यहां पहुंचते हैं। इन उत्पादों में फूलदान, ट्रे, डिब्बे, फर्नीचर, संदूक, पूजा सामग्री और सजावटी सामान प्रमुख हैं। इन उत्पादों को मुरादाबाद लाकर निर्यात की खेप में शामिल किया जाता है। कई उत्पादों को स्थानीय स्तर पर ही तैयार और अंतिम रूप दिया जाता है। एक्सपोर्टर्स वॉइस एसोसिएशन के महासचिव विशाल अग्रवाल ने बताया कि रास्ता बंद होने से कॉमर्शियल वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है। सामान्य मार्ग से ट्रक नहीं आ पा रहे हैं। जरूरी माल के लिए ट्रांसपोर्टरों को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे माल की लागत बढ़ रही है और दूरी अधिक होने से समय भी ज्यादा लग रहा है।
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वैकल्पिक मार्ग से माल लाने पर ट्रांसपोर्टर मांग रहे दोगुना किराया
-एक्सपोर्टर्स वॉइस एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष रजत सिंघल ने कहा कि वैकल्पिक रास्तों से माल मंगाने पर ट्रांसपोर्टर दोगुना किराया मांग रहे हैं। इससे डीजल और परिवहन खर्च भी बढ़ रहा है, जिससे उत्पादन लागत में वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि यदि रास्ता जल्द नहीं खुला तो निर्यात की समय सीमा पर असर पड़ सकता है। निर्यातक नदीम खान का कहना है कि हमारी मांग है कि प्रशासन कॉमर्शियल वाहनों के लिए सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराए। इससे सहारनपुर, फिरोजाबाद और हाथरस से माल की आपूर्ति सामान्य हो और निर्यात की खेप समय पर तैयार करने में मदद मिले।
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