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Moradabad News: नदियां उफान पर, बाढ़ चाैकियों से कर्मचारी नदारद
Sat, 22 Aug 2026 02:07 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
Updated Sat, 22 Aug 2026 02:07 AM IST
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मुरादाबाद। जिले की नदियों में बाढ़ आने पर शुक्रवार को ठाकुरद्वारा, मूंढापांडे और सदर क्षेत्र की कई बाढ़ चौकियों से कर्मचारी नदारद रहे। ग्रामीणों का कहना था कि कर्मचारियों को चौकियों पर मौजूद रहना चाहिए।
बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने 35 चौकियों को स्थापित किया है। इनमें 16 चौकियों पर लेखपालों और अन्य पर पशुधन प्रसार अधिकारियों की तैनाती की गई है।
सदर क्षेत्र की रेलवे स्टेशन गोट, रेलवे स्टेशन सैहल, वन विभाग की चौकी मोरा मुस्तिकम, मुगगलपुरा जीआईसी कॉलेज काली मंदिर शामिल हैं। शुक्रवार को वन विभाग और गोट केंद्र पर कर्मचारी मौजूद नहीं थे। इसी प्रकार मूंढापांडे में सात बाढ़ चौकियां हैं। ग्रामीणों का कहना था कि भीतखेड़ा में लेखपाल दोपहर बाद चले गए। बाढ़ केंद्र राजेंद्र सिंह इंटर कॉलेज और रजौड़ा कन्नर देव केंद्र पर कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। बाकी चार चौकियों पर कर्मचारी मौजूद थे।
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ठाकुरद्वारा की चार चौकियों पर नहीं थे कर्मचारी
ठाकुरद्वारा तहसील क्षेत्र में रामगंगा, ढेला और फीका नदी में बाढ़ आने पर 36 गांव प्रभावित होते हैं। बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए 10 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं। इनमें सुरजननगर गांधी स्मारक इंटर कॉलेज, रामपुर घोघर संयुक्त चिकित्सालय, सुरजननगर किसान सेवा केंद्र, करनपुर सरस्वती विद्या मंदिर, गकखरपुर प्राथमिक विद्यालय, धारक नगला प्राथमिक विद्यालय, तुमरिया कला प्राथमिक विद्यालय, सुल्तानपुर दोस्त किसान सेवा केंद्र, पीलकपुर गुमानी प्राथमिक विद्यालय और मानपुर दतराम पंचायत भवन शामिल हैं। तहसीलदार विजय कुमार श्रीवास्तव में बताया कि सभी बार चौकिया इस समय सक्रिय हैं। बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने पर कर्मचारी अपनी सेवाएं देंगे। शुक्रवार को रामपुर घोघर स्थित संयुक्त चिकित्सालय में बनी बाढ़ चौकी पर कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। सिर्फ चिकित्सालय के भवन पर यह फ्लेक्सी लगी हुई है। सुरजन नगर स्थित किसान सेवा केंद्र पर बनाए गई बाढ़ चौकी पर फ्लेक्सी भी नहीं मिली। गांधी स्मारक इंटर कॉलेज में बनी बाढ़ चौकी में भी कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था।
जिले में रामगंगा का जल स्तर कम हो रहा है। अभी कोई विशेष खतरा नहीं है। खतरे की स्थिति आने पर ही कर्मचारियों को तैनात किया जाएगा। कर्मचारियों को अपने मूल कार्य भी करने के निर्देश दिए गए हैं।
डॉ. राजेंद्र पैंसिया डीएम मुरादाबाद
इनसेट
एसडीएम ने ट्रैक्टर से किया बाढ़ क्षेत्र का मुआयना
मूंढापांडे। एसडीएम सदर ने ट्रैक्टर से भीकमपुर गांव के बाढ़ क्षेत्र का शुक्रवार को मुआयना किया। इस दौरान राजस्व की टीम ने रामगंगा नदी के कटे हुए बंधे का निरीक्षण किया। इसके बाद एसडीएम लोदीपुर गांव पहुंचे। ग्रामीणों ने बताया कि रामगंगा नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण पीडब्लूडी द्वारा बनाया बंधा टूट गया। ग्रामीणों ने तत्काल प्लास्टिक की बोरियों में रेत भरकर पानी की धार को रोकने में सफलता हासिल की। एसडीएम ने ग्रामीणों के कार्यों की सराहना की। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि किसी प्रकार के खतरे की स्थिति उत्पन्न होने पर तत्काल काल कर सकते हैं। ग्रामीणों का कहना था कि पिछले वर्ष आईं बाढ़ से वीकनपुर पुल के दोनों साइड के एप्रोच कट गए थे। इस कारण दलपतपुर जाने का रास्ता बंद हो गया था। इसके बाद लोगों ने वैकल्पिक लकड़ी का पुल बनाकर आवाजाही शुरू कर दी थी। बारिश से पहले अस्थायी एप्रोच को हटा दिया गया है।
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बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने 35 चौकियों को स्थापित किया है। इनमें 16 चौकियों पर लेखपालों और अन्य पर पशुधन प्रसार अधिकारियों की तैनाती की गई है।
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सदर क्षेत्र की रेलवे स्टेशन गोट, रेलवे स्टेशन सैहल, वन विभाग की चौकी मोरा मुस्तिकम, मुगगलपुरा जीआईसी कॉलेज काली मंदिर शामिल हैं। शुक्रवार को वन विभाग और गोट केंद्र पर कर्मचारी मौजूद नहीं थे। इसी प्रकार मूंढापांडे में सात बाढ़ चौकियां हैं। ग्रामीणों का कहना था कि भीतखेड़ा में लेखपाल दोपहर बाद चले गए। बाढ़ केंद्र राजेंद्र सिंह इंटर कॉलेज और रजौड़ा कन्नर देव केंद्र पर कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। बाकी चार चौकियों पर कर्मचारी मौजूद थे।
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ठाकुरद्वारा की चार चौकियों पर नहीं थे कर्मचारी
ठाकुरद्वारा तहसील क्षेत्र में रामगंगा, ढेला और फीका नदी में बाढ़ आने पर 36 गांव प्रभावित होते हैं। बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए 10 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं। इनमें सुरजननगर गांधी स्मारक इंटर कॉलेज, रामपुर घोघर संयुक्त चिकित्सालय, सुरजननगर किसान सेवा केंद्र, करनपुर सरस्वती विद्या मंदिर, गकखरपुर प्राथमिक विद्यालय, धारक नगला प्राथमिक विद्यालय, तुमरिया कला प्राथमिक विद्यालय, सुल्तानपुर दोस्त किसान सेवा केंद्र, पीलकपुर गुमानी प्राथमिक विद्यालय और मानपुर दतराम पंचायत भवन शामिल हैं। तहसीलदार विजय कुमार श्रीवास्तव में बताया कि सभी बार चौकिया इस समय सक्रिय हैं। बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने पर कर्मचारी अपनी सेवाएं देंगे। शुक्रवार को रामपुर घोघर स्थित संयुक्त चिकित्सालय में बनी बाढ़ चौकी पर कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। सिर्फ चिकित्सालय के भवन पर यह फ्लेक्सी लगी हुई है। सुरजन नगर स्थित किसान सेवा केंद्र पर बनाए गई बाढ़ चौकी पर फ्लेक्सी भी नहीं मिली। गांधी स्मारक इंटर कॉलेज में बनी बाढ़ चौकी में भी कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था।
जिले में रामगंगा का जल स्तर कम हो रहा है। अभी कोई विशेष खतरा नहीं है। खतरे की स्थिति आने पर ही कर्मचारियों को तैनात किया जाएगा। कर्मचारियों को अपने मूल कार्य भी करने के निर्देश दिए गए हैं।
डॉ. राजेंद्र पैंसिया डीएम मुरादाबाद
इनसेट
एसडीएम ने ट्रैक्टर से किया बाढ़ क्षेत्र का मुआयना
मूंढापांडे। एसडीएम सदर ने ट्रैक्टर से भीकमपुर गांव के बाढ़ क्षेत्र का शुक्रवार को मुआयना किया। इस दौरान राजस्व की टीम ने रामगंगा नदी के कटे हुए बंधे का निरीक्षण किया। इसके बाद एसडीएम लोदीपुर गांव पहुंचे। ग्रामीणों ने बताया कि रामगंगा नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण पीडब्लूडी द्वारा बनाया बंधा टूट गया। ग्रामीणों ने तत्काल प्लास्टिक की बोरियों में रेत भरकर पानी की धार को रोकने में सफलता हासिल की। एसडीएम ने ग्रामीणों के कार्यों की सराहना की। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि किसी प्रकार के खतरे की स्थिति उत्पन्न होने पर तत्काल काल कर सकते हैं। ग्रामीणों का कहना था कि पिछले वर्ष आईं बाढ़ से वीकनपुर पुल के दोनों साइड के एप्रोच कट गए थे। इस कारण दलपतपुर जाने का रास्ता बंद हो गया था। इसके बाद लोगों ने वैकल्पिक लकड़ी का पुल बनाकर आवाजाही शुरू कर दी थी। बारिश से पहले अस्थायी एप्रोच को हटा दिया गया है।