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टैक्स वसूली में धांधली, सुरक्षा गार्डों पर व्यय बजट बढ़ाने पर हंगामा, पार्षदों ने अधिकारियों को घेरा

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 08 May 2022 12:45 AM IST
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Rigged in tax collection, uproar over increasing expenditure on security guards, councilors surrounded officials
नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में टैक्स वसूली में धांधली, सुरक्षा गार्डों पर व्यय बजट बढ़ाने, नामांतरण की फाइल लटकाने आदि के आरोप लगाते हुए पार्षदों ने निगम के अधिकारियों को घेरा। कुछ सवालों पर मेयर ने भी पार्षदों के सुर में सुर मिलाए। मेयर ने अधिकारियों के वाहन किराया का व्यय बजट में बढ़ाकर पेश करने पर आपत्ति जताई और इसका ब्योरा तलब किया। विपक्ष के पार्षदों ने कूड़ा उठान व नाले-नालियों की सफाई व्यवस्था ठीक न होने का मुद्दा उठाया। इन सवालों पर विपक्ष के पार्षदों ने निगम अधिकारियों के साथ मेयर को भी घेरा। आरोप प्रत्यारोप के बीच बैठक में वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए 417.39 करोड़ रुपये का मूल बजट सर्वसम्मति से पास कर दिया गया।
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पीलीकोठी स्थित कैंप कार्यालय पर महापौर विनोद अग्रवाल की अध्यक्षता में कार्यकारिणी की बैठक संपन्न हुई। उपाध्यक्ष के चुनाव के बाद बैठक के दूसरे बिंदु यानि पिछली कार्यवाही की पुष्टि पर चर्चा शुरू होते ही सत्ता पक्ष के पार्षदों ने सवालों की बौछार शुरू कर दी। सदस्य संजय सक्सेना ने कहा कि अधिकारी और कर्मचारी अपने दफ्तरों में नहीं मिलते। जब पार्षदों को अधिकारी नहीं मिल पाते तो आम नागरिक की कौन सुनता होगा। उन्होंने कहा कि 10 सितंबर 2021 की बैठक में इस पर अंकुश लगाने के लिए बॉयोमेट्रिक मशीन से हाजिरी की व्यवस्था किए जाने की मांग उठाई थी। जिस पर अपर नगर आयुक्त ने लिखित आश्वासन दिया था कि जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूर्ण कर मशीनें खरीद ली जाएंगी, लेकिन आठ माह बाद भी यह संभव नहीं हो सका। इससे साफ है कि अधिकारी पार्षदों की उठाई समस्याओं को गंभीरता से नहीं लेते। उन्होंने कहा कि चर्चा तभी आगे बढ़ाई जाए जब उन्हें स्पष्ट तौर पर इसकी तिथि बताई जाए। इस पर अपर नगर आयुक्त अनिल कुमार सिंह ने सात जुलाई तक बॉयोमेट्रिक मशीन की सभी व्यवस्थाएं पूर्ण कर लेने की बात कही।
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पार्षद संजय सक्सेना, गौरव श्रीवास्तव, विद्यासरन शर्मा ने कहा कि वर्ष 2022-23 के प्रस्तावित 26.25 करोड़ रुपये की वसूली का लक्ष्य रखा गया है। इतना ही पिछले साल भी रखा गया था। लेकिन उसके सापेक्ष वसूली मात्र 10.69 करोड़ रुपये हुई। यह हाल तब है जब टैक्स वसूली के नाम पर धांधली की जा रही है। नागरिकों में इसे लेकर असंतोष है। कई-कई लाख का टैक्स एक-एक व्यक्ति पर निकाल दिया जा रहा है। सवाल उठाया कि अगर वास्तव में किसी पर कई साल का जोड़कर लाखों का बकाया टैक्स निकल रहा है तो इससे पहले अधिकारियों व कर्मचारियों ने इसे क्यो नहीं वसूल किया। संबंधित अधिकारियों कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की जानी चाहिए। प्रस्तावित बजट के मुताबिक वसूली न होना भी दर्शाता है कि अधिकारियों को घरों की संख्या तक स्पष्ट नहीं है। इस बात को लेकर भाजपा पार्षद विद्यासरन शर्मा व मुख्य कर निर्धारण अधिकारी के बीच हल्की नोकझोंक भी हो गई।
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कांग्रेस पार्षद नदीम अंसारी ने हाउस सर्वे करने वाली एजेंसी की टीम के कर्मचारियों पर लोगों से वसूली करने, कूड़ेदान हटाने के बाद भी कूड़ा उठान की समुचित व्यवस्था न करने, सपा पार्षद मोहम्मद जहीर ने डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन कंपनी का कार्य ठीक न होने, नाले-नालियों की सफाई ठीक ढंग से न कराने का मुद्दा उठाते हुए समस्या समाधान की मांग की।
प्रस्तावित मूल बजट में पिछले साल की तुलना में 20 लाख रुपये स्टेशनरी व प्रिंटिंग के लिए बढ़ा कर पेश करने पर पार्षद विद्यासरन शर्मा, संजय सक्सेना ने आपत्ति दर्ज कराई। कांग्रेस पार्षद नदीम अंसारी और सपा के नसीम पाशा ने भी इस पर एतराज जताया। सभी पार्षदों ने कहा कि अधिकारी अपने स्तर से ही बिना कार्यकारिणी सदस्यों की राय लिए कार्ययोजना तैयार कर लेते हैं। यह व्यवस्था सदस्यों की मर्यादा के खिलाफ है। पार्षदों ने मेयर व नगर आयुक्त से भविष्य में इसका ध्यान रखने का आग्रह किया।
वर्ष 2022-23 के मूल बजट में 1.72 करोड़ रुपये सुरक्षा गार्डों तथा 45 लाख रुपये वाहन किराये के लिए रखा देख मेयर भड़क उठे। उन्होंने कहा कि सुरक्षा गार्डों का टैक्स वसूली में दुरुपयोग किया जा रहा है। निगम के अधिकारी 14 करोड़ बमुश्किल टैक्स वसूलते हैं और सुरक्षा गार्डों पर 1.72 करोड़ खर्च का बजट किसी भी दशा में उचित नहीं है। उन्होेंने निगम अधिकारियों को शासन स्तर पर वार्ता कर इनकी संख्या घटाने की बात कही। उन्होंने पिछले वित्तीय वर्ष में रखे 35 लाख रुपये वाहन किराये के बजट को बढ़ाकर 45 लाख कर देने पर भी आपत्ति जताई। मेयर ने कहा कि सचिवालय में सचिव तक अपने निजी वाहनों से आते हैं। ऐसे में निगम के किस अधिकारी को वाहन मिलना चाहिए इसकी सूची भी मांगी। नगर आयुक्त संजय चौहान ने सहायक नगर आयुक्त दीप शिखा पांडेय से एक सप्ताह के भीतर इसे उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

कांग्रेस पार्षद नदीम अंसारी ने बैठक में शहर के बंद पड़े सलाटर हाउस को चालू कराने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि इससे तमाम लोगों को रोजगार मिलेंगे तथा नगर निगम को आय होगी। कई साल से यह सलाटर हाउस बंद है। जिसे चालू कराया जाना चाहिए। इस पर नगर आयुक्त ने अपर नगर आयुक्त को इसके लिए जगह चिह्न्ति कर रिपोर्ट देने की जिम्मेदारी सौंपी।
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