साहब मैं अभी जिंदा हूं...: किसान कर रहा अपील, राजस्व निरीक्षक ने अभिलेखों में चार साल पहले दिखाया मृत
जीवित कृषकों को राजस्व अभिलेखों में मृतक दिखाने के मामले बिलारी तहसील में पूर्व में भी सामने आते रहे हैं। तहसील के अहमदनगर जैतबाड़ा गांव निवासी किसान यूसुफ को मृतक दिखाकर उसकी विरासत भी दर्ज कर दी थी।
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तहसील के गुरेर गांव निवासी किसान को राजस्व निरीक्षक ने चार साल पहले मृत दिखाकर राजस्व अभिलेखों में उसकी विरासत भी दर्ज कर दी। किसान को जब खुद के मृत दिखाने का पता चला तब उसने तहसीलदार के समक्ष पेश होकर न्याय की गुहार की।
गुरेर गांव निवासी वृद्ध किसान सूखा के नाम से गुरेर गांव के रकबे में कृषि भूमि खाता संख्या 1067, गाटा संख्या 772, रकबा 397 एयर है। सूखा की यह दादेलाही भूमि है, जो सूखा के पिता कल्लू की मृत्यु होने के बाद विरासत के आधार पर उसके नाम आई। मौके पर इस गाटा संख्या वाली कृषि भूमि पर सूखा ही खेती कर रहा है। गन्ना विभाग द्वारा चलाए जा रहे गन्ना के सर्वे सट्टा मेला प्रदर्शन के दौरान अपने सट्टे का नवीनीकरण कराने के लिए गन्ना परिषद के पर्यवेक्षक ने किसान सूखा से अपने नाम की कृषि भूमि वाली खतौनी की नकल मांगी।
किसान सूखा जब बिलारी तहसील के कंप्यूटर कक्ष पर अपने नाम और कब्जे वाली कृषि भूमि की राजस्व रिकॉर्ड से नकल खतौनी निकलवाने गया तब उसे कंप्यूटर कर्मचारी ने बताया कि राजस्व अभिलेखों में संबंधित खातेदार सूखा मृत है। लिहाजा उसके नाम की खतौनी की नकल जारी नहीं हो सकती।
सूखा ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से जब खाता खतौनी संख्या 1067 की नकल ली तब पता चला कि राजस्व निरीक्षक रतनपुर कलां के 14 अगस्त 2018 के आदेश के अनुसार सूखा को मृतक दर्शा दिया गया है। सूखा के स्थान पर रामेश्वर और हरभजन को उसके पुत्र और वारिसान होना दर्शाकर नाम दर्ज कर दिया गया है। बुधवार सुबह पीड़ित सूखा तहसीलदार साराह अशरफ से मिला और प्रार्थना पत्र समेत अपने जीवित होने के भी कई अभिलेख दिए।
आरोपियों को नोटिस जारी कर दस दिन में मांगा जवाब
तहसीलदार साराह अशरफ का कहना है कि किसान सूखा ने उनकी अदालत में जो प्रार्थना पत्र दिया है उसे दर्ज कर लिया गया है। सूखा के स्थान पर विरासत के आदेश के तहत जो नाम दर्ज होना दर्शाए गए हैं, उन्हें नोटिस जारी कर 10 दिन में जवाब मांगा गया है। इस मामले की जांच की जाएगी।
पहले यूसुफ फिर जरीफ और अब सूखा को दिखा दिया मृत
जीवित कृषकों को राजस्व अभिलेखों में मृतक दिखाने के मामले बिलारी तहसील में पूर्व में भी सामने आते रहे हैं। तहसील के अहमदनगर जैतबाड़ा गांव निवासी किसान यूसुफ को मृतक दिखाकर उसकी विरासत भी दर्ज कर दी थी। तहसील के ही सैफपुर चित्तू गांव निवासी किसान जरीफ अहमद के नाम फरेदी गांव के रकबे में कृषि भूमि गाटा संख्या 495 है। जरीफ को भी राजस्व कर्मियों ने मृतक दिखाकर उसकी विरासत दर्ज कर दी थी। नए मामले में गुरेर किसान सूखा को राजस्व अधिकारियों ने राजस्व अभिलेखों में मृतक दिखा दिया है।