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रिटायर्ड कानूनगो की ट्रेन से कटकर मौत
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मुरादाबाद। सेवानिवृत्त कानूनगो गंगाराम सिंह (64) की ट्रेन से कटकर मौत हो गई। सोमवार सुबह लोकोशेड पुल के पास रेलवे ट्रैक किनारे उनका सिर कटा शव मिला। प्रारंभिक तौर पर पुलिस इसे आत्महत्या का मामला मान रही है। हालांकि अभी तक कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। राहगीरों की सूचना पर पहुंची जीआरपी पुलिस ने शव को कब्जे में लिया। मौके पर मिले मोबाइल से कानूनगो के परिवार वालों को घटना की जानकारी दी। शव को पोस्टमार्टम के बाद परिवार के सुपुर्द कर दिया गया है।
मझोला में मंडी समिति के पास मोहननगर में रहने वाले गंगा राम सिंह (64) के परिवार में पत्नी रामहरी देवी, दो बेटियां और बेटा राजकुमार हैं। गंगा राम सिंह लेखपाल के पद पर भर्ती हुए थे, बिलारी से कानूनगो के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उनका बेटा राजकुमार लखनऊ स्थित सचिवालय में समीक्षा अधिकारी के पद पर कार्यरत है। बड़ी बेटी शादीशुदा है जबकि छोटी बेटी पूजा पढ़ाई पूरी कर नौकरी के लिए तैयारी कर रही है। बेटी पूजा ने बताया कि सुबह करीब पौने आठ बजे नाश्ता कर पिता रोजाना की तरह घर से पैदल ही निकले थे। उधर, जीआरपी इंस्पेक्टर पंकज पंत ने बताया कि सुबह करीब दस बजे लोकोशेड पुल और कपूर कंपनी पुल के बीच में रेलवे ट्रैक पर एक व्यक्ति का शव मिलने की सूचना कंट्रोल रूम पर दी गई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची तो शव दो हिस्साें में पड़ा था, धड़ से गर्दन अलग पड़ी थी। इससे अंदेशा है कि ट्रेन को आता देख रेलवे ट्रैक पर वह लेट गए थे। जिससे उनकी दर्दनाक मौत हो गई। शव की तलाशी लेने पर आईडी प्रूफ और मोबाइल मिला। जिसके आधार पर मृतक की शिनाख्त गंगा राम सिंह के रूप में हुई। मोबाइल से मिले नंबर के जरिए गंगा राम के बेटे राजकुमार को फोन कर घटना के बारे में जानकारी दी। राजकुमार ने पड़ोसियों और परिवार के लोगों को जानकारी दी तो वे मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। देर शाम को शव पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार के लिए परिवार वालों के सुपुर्द कर दिया गया है। बेटी पूजा ने बताया कि पिता गंगाराम सिंह काफी दिनों से डिप्रेशन में चल रहे थे। डिप्रेशन की वजह की जानकारी होने से उसने इंकार किया है। अंदेशा है कि डिप्रेशन की वजह से गंगाराम सिंह ने ट्रेन से कटकर जान दी है। बेटी सहित पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। साढू़ हरि सिंह ने बताया कि परिवार को आभास ही नहीं था कि गंगाराम ऐसा कदम उठा सकते हैं। उन्होंने किसी प्रकार की परेशानी का जिक्र परिवार वालों से नहीं किया था।
‘रेलवे ट्रैक पर सोमवार सुबह गंगाराम का शव मिला था। उन्होंने ट्रेन से कटकर जान दी है। मौके पर सुसाइड नोट नहीं मिला है, न ही परिवार वालों ने सुसाइड की कोई ठोस वजह बताई है।’
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पंकज पंत, जीआरपी प्रभारी
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मझोला में मंडी समिति के पास मोहननगर में रहने वाले गंगा राम सिंह (64) के परिवार में पत्नी रामहरी देवी, दो बेटियां और बेटा राजकुमार हैं। गंगा राम सिंह लेखपाल के पद पर भर्ती हुए थे, बिलारी से कानूनगो के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उनका बेटा राजकुमार लखनऊ स्थित सचिवालय में समीक्षा अधिकारी के पद पर कार्यरत है। बड़ी बेटी शादीशुदा है जबकि छोटी बेटी पूजा पढ़ाई पूरी कर नौकरी के लिए तैयारी कर रही है। बेटी पूजा ने बताया कि सुबह करीब पौने आठ बजे नाश्ता कर पिता रोजाना की तरह घर से पैदल ही निकले थे। उधर, जीआरपी इंस्पेक्टर पंकज पंत ने बताया कि सुबह करीब दस बजे लोकोशेड पुल और कपूर कंपनी पुल के बीच में रेलवे ट्रैक पर एक व्यक्ति का शव मिलने की सूचना कंट्रोल रूम पर दी गई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची तो शव दो हिस्साें में पड़ा था, धड़ से गर्दन अलग पड़ी थी। इससे अंदेशा है कि ट्रेन को आता देख रेलवे ट्रैक पर वह लेट गए थे। जिससे उनकी दर्दनाक मौत हो गई। शव की तलाशी लेने पर आईडी प्रूफ और मोबाइल मिला। जिसके आधार पर मृतक की शिनाख्त गंगा राम सिंह के रूप में हुई। मोबाइल से मिले नंबर के जरिए गंगा राम के बेटे राजकुमार को फोन कर घटना के बारे में जानकारी दी। राजकुमार ने पड़ोसियों और परिवार के लोगों को जानकारी दी तो वे मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। देर शाम को शव पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार के लिए परिवार वालों के सुपुर्द कर दिया गया है। बेटी पूजा ने बताया कि पिता गंगाराम सिंह काफी दिनों से डिप्रेशन में चल रहे थे। डिप्रेशन की वजह की जानकारी होने से उसने इंकार किया है। अंदेशा है कि डिप्रेशन की वजह से गंगाराम सिंह ने ट्रेन से कटकर जान दी है। बेटी सहित पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। साढू़ हरि सिंह ने बताया कि परिवार को आभास ही नहीं था कि गंगाराम ऐसा कदम उठा सकते हैं। उन्होंने किसी प्रकार की परेशानी का जिक्र परिवार वालों से नहीं किया था।
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‘रेलवे ट्रैक पर सोमवार सुबह गंगाराम का शव मिला था। उन्होंने ट्रेन से कटकर जान दी है। मौके पर सुसाइड नोट नहीं मिला है, न ही परिवार वालों ने सुसाइड की कोई ठोस वजह बताई है।’
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पंकज पंत, जीआरपी प्रभारी