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भूजल को जहरीला बना रहे सात रसायन प्रतिबंधित
डीपी आर्य/ मुरादाबाद
Updated Mon, 22 Jan 2018 01:22 AM IST
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Ground Water
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भूजल को जहरीला बना रहे घातक रसायनों के प्रयोग पर देश में रोक लगा दी गई है। फिलहाल सात रसायनों का प्रयोग रोक दिया गया है। फसलों में कुल 279 रसायनों का प्रयोग किया जा रहा है। इनमें से 66 पर परीक्षण अंतिम दौर में है। फसलों पर प्रयोग में 2020 तक उनको भी प्रतिबंधित किया जा सकता है। ये रसायन विदेशों में पहले से ही प्रतिबंधित हैं। कृषि विभाग के अधिकारियों ने इनका प्रयोग रोकने की तैयारी कर ली है।
फसलों की कीटों से रक्षा के लिए किसान कई घातक रसायनों का प्रयोग करते हैं। इनका प्रयोग मुख्य रूप से आलू, कपास, आम, गन्ना, धान, अंगूर और सब्जियों में किया जाता है। टमाटर और बैंगन पर सबसे घातक रसायनों का प्रयोग रोजाना किया जाता है। इन रसायनों की विषाक्तता फलों व पैदावार में आने के साथ ही हवा में भी फैल जाती है। मिट्टी पर गिरने वाला रसायन पानी के साथ जमीन में चला जाता है। इससे भूजल में भी जहर घुल जाता है।
हालात यह हैं कि वेस्ट यूपी सहित देश के कई हिस्सों का भूजल जहरीला हो गया है। इसका असर अब नलों के पानी में भी आने लगा है। विशेषज्ञों ने तीन साल की जांच के बाद पाया कि देश में कुल 279 रसायनों का प्रयोग किया जा रहा है। इनमें से 73 रसायनों को भूजल को जहरीला बनाने और इनका असर फसल-पैदावार में लंबे समय तक रहने वाला माना गया। ज्यादा
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नुकसान पहुंचा रहे सात रसायनों-कीटनाशकों को तत्काल प्रतिबंधित कर दिया गया है। इन पर पिछले दिनों देश में प्रयोग और खेती में बिक्री पर रोक लगा दी गई। शोध टीम का हिस्सा रहे केवीके के कृषि वैज्ञानिक डा. विवेकराज सिंह ने बताया कि प्रतिबंधित किए जाने वालों में डाइक्लोरवेस, ट्राइक्सोफोस, फास्फोमिडॉन, फोरेट, मिथाइल, मोनोक्रोटोफोस और कारफ्यूरान रसायनों-कीटनाशकों का नाम शामिल है।
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फसलों की कीटों से रक्षा के लिए किसान कई घातक रसायनों का प्रयोग करते हैं। इनका प्रयोग मुख्य रूप से आलू, कपास, आम, गन्ना, धान, अंगूर और सब्जियों में किया जाता है। टमाटर और बैंगन पर सबसे घातक रसायनों का प्रयोग रोजाना किया जाता है। इन रसायनों की विषाक्तता फलों व पैदावार में आने के साथ ही हवा में भी फैल जाती है। मिट्टी पर गिरने वाला रसायन पानी के साथ जमीन में चला जाता है। इससे भूजल में भी जहर घुल जाता है।
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हालात यह हैं कि वेस्ट यूपी सहित देश के कई हिस्सों का भूजल जहरीला हो गया है। इसका असर अब नलों के पानी में भी आने लगा है। विशेषज्ञों ने तीन साल की जांच के बाद पाया कि देश में कुल 279 रसायनों का प्रयोग किया जा रहा है। इनमें से 73 रसायनों को भूजल को जहरीला बनाने और इनका असर फसल-पैदावार में लंबे समय तक रहने वाला माना गया। ज्यादा
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नुकसान पहुंचा रहे सात रसायनों-कीटनाशकों को तत्काल प्रतिबंधित कर दिया गया है। इन पर पिछले दिनों देश में प्रयोग और खेती में बिक्री पर रोक लगा दी गई। शोध टीम का हिस्सा रहे केवीके के कृषि वैज्ञानिक डा. विवेकराज सिंह ने बताया कि प्रतिबंधित किए जाने वालों में डाइक्लोरवेस, ट्राइक्सोफोस, फास्फोमिडॉन, फोरेट, मिथाइल, मोनोक्रोटोफोस और कारफ्यूरान रसायनों-कीटनाशकों का नाम शामिल है।