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Moradabad News: पीतलनगरी वासियों ने कुंभ में लगाई आस्था की डुबकी, व्यवस्था और लाइटिंग ने मन मोहा
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मुरादाबाद। प्रयागराज महाकुंभ को लेेकर पीतलनगरी के श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। मुरादाबाद से श्रद्धालुओं का महाकुंभ में जाने का सिलसिला जारी है। कोई ग्रुप के साथ महाकुंभ में आस्था की डुबकी लगा रहा है तो कोई अपने परिवार के साथ संगम नगरी पहुंच रहा है। जगमग रोशनी से गुलजार वहां के घाट, बेहतर इंतजाम के बीच अध्यात्म और आस्था का संगम देख सफर की थकान खुद ब खुद दूर हो जाती है। घाटों पर हुई साफ-सफाई व्यवस्था और रास्ते में हुई लाइटिंग ने सभी का मन अपनी ओर आकर्षित किया। महाकुंभ से लौटने के बाद श्रद्धालु दूसरे को भी महाकुंभ जाने की सलाह दे रहे हैं।
घाट पर लगाई डुबकी तो सारी थकान हो गई दूर
- कटघर निवासी अंजली गुप्ता बतातीं हैं कि 18 जनवरी की शाम को अपनी बेटी के साथ प्रयागराज गई थीं। उनके साथ 88 लोगों का पूरा ग्रुप था। उन्होंने बताया कि 19 जनवरी की सुबह ट्रेन से वह प्रयागराज जंक्शन पर उतरीं। जहां से सभी टेंपाे से टेंट सीटी तक पहुंचे। इस दौरान पांच किलोमीटर पैदल भी चलना पड़ा। जब शाम के समय त्रिवेणी संगम घाट पर डुबकी लगाई तो यात्रा के समय की सारी थकान दूर हो गई। वहां पर रास्तों में सुंदर लाइट लगी हुई हैं। रात का नजारा ऐसा लगता है कि मानो स्वर्ग धरती पर आ गया हो।
आस्था का संगम है महाकुंभ
- गोविंद नगर निवासी शशांक भारद्वाज बताते हैं कि वह ट्रेन से 17 जनवरी को दोस्त के साथ प्रयागराज पहुंचे। टेंट सिटी में कुछ देर विश्राम किया। इसके बाद गंगा में डुबकी लगाकर धर्म लाभ कमाया। पहली बार महाकुंभ जाने का उनका अनुभव शानदार रहा। वहां पर उन्हें अध्यात्म और आस्था का संगम देखने को मिला। मेले में पुलिस का व्यवहार मित्रवत रहा। देश-विदेश से आए यात्रियों के लिए बेहतर इंतजाम किए गए हैं।
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नागा साधुओं के हुए दर्शन
- सिविल लाइंस निवासी कार्तिकेय गुप्ता ने बताया कि वह 13 जनवरी को प्रयागराज दोस्तों के साथ कार से गए थे। फिर प्रयागराज में टैक्सी स्टैंड पर गाड़ी खड़ी की और टेंट में विश्राम करने के लिए रुके। इसके बाद पैदल चलकर त्रिवेणी संगम पहंचे। यह यात्रा दिव्य ऊर्जा और भक्ति से भरी हुई थी। स्नान करने के बाद नागा साधुओं के दर्शन प्राप्त हुए। पहली बार संगम में स्नान किया।
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जो परेशानी हुई वह संगम में स्नान कर हुई दूर
बंगलागांव निवासी सुनीता ने बताया कि वह 18 जनवरी को अपनी बेटी मीनाक्षी के साथ महाकुंभ में गई थीं। भीड़ के चलते जो परेशानी हुई वह महाकुंभ में स्नान की खुशी के आगे कुछ भी नहीं थी। स्नान के बाद सारी थकान दूर हो गई। प्रशासन की ओर से बेहतर इंतजाम किए गए हैं। वहां पर खोया पाया केंद्र बने हुए हैं यदि किसी का कोई अपना गुम हो जाता है। प्रशासन और पुलिस की चौकसी के कारण जल्द ही मिल जाता है।
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घाट पर लगाई डुबकी तो सारी थकान हो गई दूर
- कटघर निवासी अंजली गुप्ता बतातीं हैं कि 18 जनवरी की शाम को अपनी बेटी के साथ प्रयागराज गई थीं। उनके साथ 88 लोगों का पूरा ग्रुप था। उन्होंने बताया कि 19 जनवरी की सुबह ट्रेन से वह प्रयागराज जंक्शन पर उतरीं। जहां से सभी टेंपाे से टेंट सीटी तक पहुंचे। इस दौरान पांच किलोमीटर पैदल भी चलना पड़ा। जब शाम के समय त्रिवेणी संगम घाट पर डुबकी लगाई तो यात्रा के समय की सारी थकान दूर हो गई। वहां पर रास्तों में सुंदर लाइट लगी हुई हैं। रात का नजारा ऐसा लगता है कि मानो स्वर्ग धरती पर आ गया हो।
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आस्था का संगम है महाकुंभ
- गोविंद नगर निवासी शशांक भारद्वाज बताते हैं कि वह ट्रेन से 17 जनवरी को दोस्त के साथ प्रयागराज पहुंचे। टेंट सिटी में कुछ देर विश्राम किया। इसके बाद गंगा में डुबकी लगाकर धर्म लाभ कमाया। पहली बार महाकुंभ जाने का उनका अनुभव शानदार रहा। वहां पर उन्हें अध्यात्म और आस्था का संगम देखने को मिला। मेले में पुलिस का व्यवहार मित्रवत रहा। देश-विदेश से आए यात्रियों के लिए बेहतर इंतजाम किए गए हैं।
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नागा साधुओं के हुए दर्शन
- सिविल लाइंस निवासी कार्तिकेय गुप्ता ने बताया कि वह 13 जनवरी को प्रयागराज दोस्तों के साथ कार से गए थे। फिर प्रयागराज में टैक्सी स्टैंड पर गाड़ी खड़ी की और टेंट में विश्राम करने के लिए रुके। इसके बाद पैदल चलकर त्रिवेणी संगम पहंचे। यह यात्रा दिव्य ऊर्जा और भक्ति से भरी हुई थी। स्नान करने के बाद नागा साधुओं के दर्शन प्राप्त हुए। पहली बार संगम में स्नान किया।
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जो परेशानी हुई वह संगम में स्नान कर हुई दूर
बंगलागांव निवासी सुनीता ने बताया कि वह 18 जनवरी को अपनी बेटी मीनाक्षी के साथ महाकुंभ में गई थीं। भीड़ के चलते जो परेशानी हुई वह महाकुंभ में स्नान की खुशी के आगे कुछ भी नहीं थी। स्नान के बाद सारी थकान दूर हो गई। प्रशासन की ओर से बेहतर इंतजाम किए गए हैं। वहां पर खोया पाया केंद्र बने हुए हैं यदि किसी का कोई अपना गुम हो जाता है। प्रशासन और पुलिस की चौकसी के कारण जल्द ही मिल जाता है।