{"_id":"587be2a44f1c1b332defeb36","slug":"report-in-thagi","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक्सपोर्टर से ठगी में रिपोर्ट दर्ज ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक्सपोर्टर से ठगी में रिपोर्ट दर्ज
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
Updated Mon, 16 Jan 2017 02:32 AM IST
विज्ञापन
हैकर्स
- फोटो : self
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर के युवा एक्सपोर्टर को इंग्लैंड की कंपनी से बड़ा ऑर्डर दिलाने का झांसा देकर ठगी करने के मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। इंग्लैंड के कारलोस नाम के बायर समेत चार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
सिविल लाइंस थानाक्षेत्र के आशियाना कॉलोनी निवासी रुद्रप्रताप सिंह की किरण बाला जी हैंडीक्राफ्ट नाम से फर्म है। रुद्र्रप्रताप सिंह ने सिविल लाइंस थाने में तहरीर दी थी। जिसमें उन्होंने बताया कि उनके पास इंग्लैंड के बायर कारलोस का मेल आया था। इसमें बताया गया था कि इंग्लैंड की डेन ज्वैलर्स कंपनी बड़ा आर्डर देना चाहती है।
बायर ने डेन कंपनी के मालिक की ईमेल आईडी दे दी। तब कंपनी की ओर से बताया गया कि हम अपने आइटम में नग लगवाना चाहते हैं, जिसमें करीब 80 लाख रुपये के नग लगेंगे। तब एक्सपोर्टर ने नग भिजवाने को कहा था। इसके बाद बायर से बात हुई थी।
विज्ञापन
तब उसने कहा कि अगर वह दो लाख 60 हजार रुपये सप्लायर रानुका सिंह निवासी बिलासपुर के एकाउंट में डलवा देंगे तो इंग्लैंड से नग भिजवा दिए जाएंगे। एक्सपोर्टर ने रकम ट्रांसफर करा दी थी।
नौ जनवरी 2017 को कॉल आई और बताया कि माल कस्टम विभाग ने पकड़ लिया है, जिसे छुड़ाने के लिए चार लाख रुपये की मांग की गई। तब रुद्रप्रताप सिंह समझ गए कि उनके साथ ठगी हुई है। सिविल लाइंस पुलिस में कारलोस, रानूका, फिलिप और सुनील शर्मा के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इस मामले की जांच अपराध शाखा को सौंपी गई है।
विज्ञापन
सिविल लाइंस थानाक्षेत्र के आशियाना कॉलोनी निवासी रुद्रप्रताप सिंह की किरण बाला जी हैंडीक्राफ्ट नाम से फर्म है। रुद्र्रप्रताप सिंह ने सिविल लाइंस थाने में तहरीर दी थी। जिसमें उन्होंने बताया कि उनके पास इंग्लैंड के बायर कारलोस का मेल आया था। इसमें बताया गया था कि इंग्लैंड की डेन ज्वैलर्स कंपनी बड़ा आर्डर देना चाहती है।
विज्ञापन
बायर ने डेन कंपनी के मालिक की ईमेल आईडी दे दी। तब कंपनी की ओर से बताया गया कि हम अपने आइटम में नग लगवाना चाहते हैं, जिसमें करीब 80 लाख रुपये के नग लगेंगे। तब एक्सपोर्टर ने नग भिजवाने को कहा था। इसके बाद बायर से बात हुई थी।
विज्ञापन
तब उसने कहा कि अगर वह दो लाख 60 हजार रुपये सप्लायर रानुका सिंह निवासी बिलासपुर के एकाउंट में डलवा देंगे तो इंग्लैंड से नग भिजवा दिए जाएंगे। एक्सपोर्टर ने रकम ट्रांसफर करा दी थी।
नौ जनवरी 2017 को कॉल आई और बताया कि माल कस्टम विभाग ने पकड़ लिया है, जिसे छुड़ाने के लिए चार लाख रुपये की मांग की गई। तब रुद्रप्रताप सिंह समझ गए कि उनके साथ ठगी हुई है। सिविल लाइंस पुलिस में कारलोस, रानूका, फिलिप और सुनील शर्मा के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इस मामले की जांच अपराध शाखा को सौंपी गई है।