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अहंकार को त्याग कर भगवान के प्रति श्रद्धा रखें : माधवदास
Fri, 21 Aug 2026 02:10 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
Updated Fri, 21 Aug 2026 02:10 AM IST
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बिलारी में श्रीमद भागवत कथा में प्रवचन करते कथाव्यास-स्रोत कमेटी
- फोटो : Samvad
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलारी। नगर में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन बृहस्पतिवार दोपहर कथाव्यास राधा माधवदास महाराज ने कहा कि मनुष्य को अहंकार का त्याग कर भगवान के प्रति पूर्ण श्रद्धा और विश्वास रखना चाहिए।
कथाव्यास ने कहा कि गोवर्धनलीला हमें प्रकृति की रक्षा, गौ सेवा और जीवों के प्रति करुणा का भाव रखने की प्रेरणा देती है। कथाव्यास ने कहा कि इंद्रदेव के प्रकोप के कारण जब ब्रजवासियों पर मूसलाधार बारिश का संकट आया तब भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी उंगली पर गोवर्धन पर्वत धारण कर सभी ब्रजवासियों और गौ वंश की रक्षा की।
गोवर्धन प्रसंग भगवान की अपने भक्तों के प्रति करुणा, संरक्षण और प्रेम का प्रतीक है। कथा के दौरान गोवर्धन पूजा और अन्नकूट का भी आयोजन किया गया। इस दौरान भागवत कथा का पंडाल गिरिराज महाराज की जय और राधे-राधे के जयकारों से गूंज उठा।
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श्रीमद्भागवत के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं के साथ गोवर्धन पूजा और गिरिराज महाराज की महिमा का भावपूर्ण वर्णन सुनकर श्रद्धालु महिलाएं झूमने को मजबूर हो गईं।
इस दौरान अतिथि के तौर पर राजेश ठाकुर, दक्ष चौधरी, पंकज चौहान, अशोक माथुर, पिंटू चौधरी, संजीव शर्मा, बंटी गुप्ता, जगपाल सिंह, सुधीर ठाकुर, शीलू गुप्ता, राजीव भारद्वाज, चौधरी कुलदीप सिंह आदि भक्त भी पहुंचे। श्रीमद्भागवत कथा को संगीतमय बनाने में मोहन,मनीष, वीरेश, विक्रम और निशु यादव का विशेष सहयोग रहा।
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बिलारी। नगर में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन बृहस्पतिवार दोपहर कथाव्यास राधा माधवदास महाराज ने कहा कि मनुष्य को अहंकार का त्याग कर भगवान के प्रति पूर्ण श्रद्धा और विश्वास रखना चाहिए।
कथाव्यास ने कहा कि गोवर्धनलीला हमें प्रकृति की रक्षा, गौ सेवा और जीवों के प्रति करुणा का भाव रखने की प्रेरणा देती है। कथाव्यास ने कहा कि इंद्रदेव के प्रकोप के कारण जब ब्रजवासियों पर मूसलाधार बारिश का संकट आया तब भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी उंगली पर गोवर्धन पर्वत धारण कर सभी ब्रजवासियों और गौ वंश की रक्षा की।
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गोवर्धन प्रसंग भगवान की अपने भक्तों के प्रति करुणा, संरक्षण और प्रेम का प्रतीक है। कथा के दौरान गोवर्धन पूजा और अन्नकूट का भी आयोजन किया गया। इस दौरान भागवत कथा का पंडाल गिरिराज महाराज की जय और राधे-राधे के जयकारों से गूंज उठा।
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श्रीमद्भागवत के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं के साथ गोवर्धन पूजा और गिरिराज महाराज की महिमा का भावपूर्ण वर्णन सुनकर श्रद्धालु महिलाएं झूमने को मजबूर हो गईं।
इस दौरान अतिथि के तौर पर राजेश ठाकुर, दक्ष चौधरी, पंकज चौहान, अशोक माथुर, पिंटू चौधरी, संजीव शर्मा, बंटी गुप्ता, जगपाल सिंह, सुधीर ठाकुर, शीलू गुप्ता, राजीव भारद्वाज, चौधरी कुलदीप सिंह आदि भक्त भी पहुंचे। श्रीमद्भागवत कथा को संगीतमय बनाने में मोहन,मनीष, वीरेश, विक्रम और निशु यादव का विशेष सहयोग रहा।

बिलारी में श्रीमद भागवत कथा में प्रवचन करते कथाव्यास-स्रोत कमेटी- फोटो : Samvad