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रेमडेसिविर और ऑक्सीजन उत्पादन और सप्लाई पर बिठाया पहरा
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Remedisvir, oxygen production and supply monitoring
मुरादाबाद। जिले में रेमडेसिविर और ऑक्सीजन की आपूर्ति पर औषधि विभाग ने निगरानी शुरू कर दी है। इंजेक्शन के वितरकों से जिले में होने वाली आपूर्ति का ब्यौरा भी तलब किया गया है।
कोरोना संक्रमण बढ़ने पर इसके उपचार में प्रयोग होने वाले रेमडेसिविर इंजेक्शन और ऑक्सीजन सिलेंडरों की मांग बढ़ने की वजह से इनकी कालाबाजारी बढ़ने लगी थी। सरकार ने इनकी जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने को सख्त कदम उठाते हुए ऐसा करने वालों पर रासुका की कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। सरकार की सख्ती के बाद जिले में भी कंपनियों से सप्लाई होने वाले रेमडेसिविर इंजेक्शन और ऑक्सीजन सप्लाई पर निगरानी शुरू हो गई है। ड्रग्स विभाग ने इनकी निगरानी शुरू कर दी है।
औषधि निरीक्षक मुकेश जैन ने बताया कि रेमडेसिविर को कई कंपनियां बनाती हैं और इसकी सप्लाई सीधे अस्प्तालों में है। इसकी सप्लाई करने वाली कंपनी के वितरकों से जिले के अस्पताल में होने वाली इसकी सप्लाई का ब्यौरा देने को कहा गया है। उनके द्वारा पूरी जानकारी दी जाएगी। फिलहाल जिले में इसके 500 इंजेक्शन उपलब्ध हैं और कोई कमी नहीं है।
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इसी तरह ऑक्सीजन की मांग भी बढ़ी है। औषधि निरीक्षक मुकेश जैन के अनुसार, जिले में ऑक्सीजन सिलेंडर तैयार करने वाली दो फैक्ट्री हैं। इनमें एक अक्का डिलारी और एक शहर में है। इन ईकाइयों से भी होने वाले उत्पादन आदि की जानकारी ली जा रही है। कुछ दिनों में इनकी मांग डेढ़ गुना बढ़ी है। उन्होंने कहा कि रेमडेसिविर और ऑक्सीजन पर गिनरानी रखी जा रही है।
क्या है रेमडेसिविर
औषधि निरीक्षक के अनुसार रेमडेसिविर इंजेक्शन फेफड़ों के इंफेक्शन को बढ़ने से रोकता है। इसका प्रयोग संक्रमण अधिक होने पर ऑक्सीजन लेवल 92 से कम होने पर होता है। मरीज को इसकी जरूरत है या नहीं, यह डॉक्टर तय करते हैं।
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कोरोना संक्रमण बढ़ने पर इसके उपचार में प्रयोग होने वाले रेमडेसिविर इंजेक्शन और ऑक्सीजन सिलेंडरों की मांग बढ़ने की वजह से इनकी कालाबाजारी बढ़ने लगी थी। सरकार ने इनकी जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने को सख्त कदम उठाते हुए ऐसा करने वालों पर रासुका की कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। सरकार की सख्ती के बाद जिले में भी कंपनियों से सप्लाई होने वाले रेमडेसिविर इंजेक्शन और ऑक्सीजन सप्लाई पर निगरानी शुरू हो गई है। ड्रग्स विभाग ने इनकी निगरानी शुरू कर दी है।
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औषधि निरीक्षक मुकेश जैन ने बताया कि रेमडेसिविर को कई कंपनियां बनाती हैं और इसकी सप्लाई सीधे अस्प्तालों में है। इसकी सप्लाई करने वाली कंपनी के वितरकों से जिले के अस्पताल में होने वाली इसकी सप्लाई का ब्यौरा देने को कहा गया है। उनके द्वारा पूरी जानकारी दी जाएगी। फिलहाल जिले में इसके 500 इंजेक्शन उपलब्ध हैं और कोई कमी नहीं है।
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इसी तरह ऑक्सीजन की मांग भी बढ़ी है। औषधि निरीक्षक मुकेश जैन के अनुसार, जिले में ऑक्सीजन सिलेंडर तैयार करने वाली दो फैक्ट्री हैं। इनमें एक अक्का डिलारी और एक शहर में है। इन ईकाइयों से भी होने वाले उत्पादन आदि की जानकारी ली जा रही है। कुछ दिनों में इनकी मांग डेढ़ गुना बढ़ी है। उन्होंने कहा कि रेमडेसिविर और ऑक्सीजन पर गिनरानी रखी जा रही है।
क्या है रेमडेसिविर
औषधि निरीक्षक के अनुसार रेमडेसिविर इंजेक्शन फेफड़ों के इंफेक्शन को बढ़ने से रोकता है। इसका प्रयोग संक्रमण अधिक होने पर ऑक्सीजन लेवल 92 से कम होने पर होता है। मरीज को इसकी जरूरत है या नहीं, यह डॉक्टर तय करते हैं।