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Moradabad News: खतरे के निशान के करीब पहुंची रामगंगा, बाढ़ का अलर्ट
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मुरादाबाद।
खो बैराज से रविवार को छोड़े गए 40 हजार क्यूसेक पानी और दो दिन से लगातार हो रही बारिश के कारण सोमवार को रामगंगा का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। इससे रामगंगा किनारे बसी आबादी के घरों तक नदी का पानी पहुंच गया है। बाढ़ और कटान की आशंका को लेकर तहसील प्रशासन ने रामगंगा किनारे रह रहे लोगों को घर खाली कर सुरक्षित स्थान पर जाने के निर्देश दिए हैं।
रविवार सुबह आठ बजे रामगंगा का जलस्तर 188.44 मीटर था। 40 हजार क्यूसेक पानी खो बैराज से रामगंगा में छोड़ दिया गया, जो रात तक जिले में पहुंच गया। सोमवार सुबह आठ बजे रामगंगा का जलस्तर 1.20 मीटर तक बढ़कर 189.64 मीटर हो गया। यह चेतावनी निशान चार सेमी. ऊपर रहा। चेतावनी निशान 189.60 मीटर है।
शाम चार बजे रामगंगा का जलस्तर 13 सेंटीमीटर और बढ़कर 189.77 पहुंच गया। खतरे का निशान 190.60 सेमी. है, जो अब एक मीटर से भी कम बचा है। बाढ़ खंड के अधिकारियों के मुताबिक रामगंगा का जलस्तर अभी और बढ़ रहा है। इसके कारण चक्कर की मिलक, बरवालान, वारसी नगर, जामा मस्जिद के पास नदी किनारे रहने वाले लोगों के घरों के करीब तक रामगंगा का पानी पहुंच गया।
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बरवालान कॉलोनी निवासी फिरासत, डब्बू व वेदप्रकाश ने बताया कि रामगंगा का जलस्तर बढ़ने पर तहसील प्रशासन की ओर से घर खाली कर सुरक्षित स्थान पर जाने को कहा गया है। हालांकि, यह नहीं बताया गया कि कहां जाएं।
ढेला नदी उफनाई, खइया घोसीपुरा के मुख्य मार्ग पर भरा दो फीट पानी
मुरादाबाद। ढेला नदी का जलस्तर भी लगातार बढ़ता जा रहा है। जिला मुख्यालय से छह किमी दूर भोजपुर मार्ग पर खइया घोसीपुरा गांव के पास मुख्य सड़क पर दो फीट पानी तेजी से बहने लगा। इससे लोगों को काफी परेशानी हुई। पैर फिसल कर बहने का डर सताता रहा। लोग कुछ लोग कंधे पर साइकिल रख कर, कुछ एक दूसरे का हाथ पकड़कर सड़क पार करते नजर आए। ग्रामीणों आसिफ, अनस, नाजिम ने बताया कि सूचना के बावजूद प्रशासन द्वारा वहां राहगीरों की सुविधा के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है। इससे आसपास के करीब 10 गांवों के लोगों को आवागमन में काफी परेशानी हो रही है।
- रामगंगा का जलस्तर बढ़ गया है। चेतावनी बिंदु से 17 सेंटीमीटर ऊपर पानी बह रहा है, लेकिन रामगंगा से कहीं भी बाढ़-कटान का खतरे की सूचना नहीं है। ढेला नदी के उफनाने से कटान और सड़क पर पानी आने की सूचना मिली थी। संभावित बाढ़ के मद्देनजर बाढ़ खंड की टीम अलर्ट मोड पर है। - राजेश कुमार गंगवार, अधिशासी अभियंता, बाढ़ खंड।
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खो बैराज से रविवार को छोड़े गए 40 हजार क्यूसेक पानी और दो दिन से लगातार हो रही बारिश के कारण सोमवार को रामगंगा का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। इससे रामगंगा किनारे बसी आबादी के घरों तक नदी का पानी पहुंच गया है। बाढ़ और कटान की आशंका को लेकर तहसील प्रशासन ने रामगंगा किनारे रह रहे लोगों को घर खाली कर सुरक्षित स्थान पर जाने के निर्देश दिए हैं।
रविवार सुबह आठ बजे रामगंगा का जलस्तर 188.44 मीटर था। 40 हजार क्यूसेक पानी खो बैराज से रामगंगा में छोड़ दिया गया, जो रात तक जिले में पहुंच गया। सोमवार सुबह आठ बजे रामगंगा का जलस्तर 1.20 मीटर तक बढ़कर 189.64 मीटर हो गया। यह चेतावनी निशान चार सेमी. ऊपर रहा। चेतावनी निशान 189.60 मीटर है।
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शाम चार बजे रामगंगा का जलस्तर 13 सेंटीमीटर और बढ़कर 189.77 पहुंच गया। खतरे का निशान 190.60 सेमी. है, जो अब एक मीटर से भी कम बचा है। बाढ़ खंड के अधिकारियों के मुताबिक रामगंगा का जलस्तर अभी और बढ़ रहा है। इसके कारण चक्कर की मिलक, बरवालान, वारसी नगर, जामा मस्जिद के पास नदी किनारे रहने वाले लोगों के घरों के करीब तक रामगंगा का पानी पहुंच गया।
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बरवालान कॉलोनी निवासी फिरासत, डब्बू व वेदप्रकाश ने बताया कि रामगंगा का जलस्तर बढ़ने पर तहसील प्रशासन की ओर से घर खाली कर सुरक्षित स्थान पर जाने को कहा गया है। हालांकि, यह नहीं बताया गया कि कहां जाएं।
ढेला नदी उफनाई, खइया घोसीपुरा के मुख्य मार्ग पर भरा दो फीट पानी
मुरादाबाद। ढेला नदी का जलस्तर भी लगातार बढ़ता जा रहा है। जिला मुख्यालय से छह किमी दूर भोजपुर मार्ग पर खइया घोसीपुरा गांव के पास मुख्य सड़क पर दो फीट पानी तेजी से बहने लगा। इससे लोगों को काफी परेशानी हुई। पैर फिसल कर बहने का डर सताता रहा। लोग कुछ लोग कंधे पर साइकिल रख कर, कुछ एक दूसरे का हाथ पकड़कर सड़क पार करते नजर आए। ग्रामीणों आसिफ, अनस, नाजिम ने बताया कि सूचना के बावजूद प्रशासन द्वारा वहां राहगीरों की सुविधा के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है। इससे आसपास के करीब 10 गांवों के लोगों को आवागमन में काफी परेशानी हो रही है।
- रामगंगा का जलस्तर बढ़ गया है। चेतावनी बिंदु से 17 सेंटीमीटर ऊपर पानी बह रहा है, लेकिन रामगंगा से कहीं भी बाढ़-कटान का खतरे की सूचना नहीं है। ढेला नदी के उफनाने से कटान और सड़क पर पानी आने की सूचना मिली थी। संभावित बाढ़ के मद्देनजर बाढ़ खंड की टीम अलर्ट मोड पर है। - राजेश कुमार गंगवार, अधिशासी अभियंता, बाढ़ खंड।