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टूटे ट्रैक से राजधानी समेत गुजर गईं कई ट्रेनें
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
Updated Mon, 09 Jan 2017 02:51 AM IST
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रेलवे ट्रैक
- फोटो : अमर उजाला कानपुर
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करीब पचास दिनों कानपुर के पास दो बड़े रेल हादसे हो चुके हैं। पहले हादसे मेें करीब डेढ़ सौ यात्रियों की जान चली गई। बावजूद इसके रेल प्रशासन नहीं चेत रहा है। कटघर स्टेशन के पास डाउन लाइन पर टूटे रेलचक से रविवार को दिनभर में राजधानी, श्रमजीवी सहित कई ट्रेनें गुजरती रहीं। लखनऊ और काशीपुर जाने वाली ट्रेनों को इसी ट्रैक से गुजारी।
जबकि रेल प्रशासन बेखबर बना रहा है। गनीमत रहा कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। मुरादाबाद से लखनऊ और काशीपुर की ओर जाने वाली ट्रेनें कटघर स्टेशन होकर गुजरती हैं। मुरादाबाद लखनऊ रेल मार्ग पर कटघर स्टेशन के पास सोनिया वैंकटहाल के सामने रविवार को रेलचक टूटा मिला। डाउन लाइन पर रेलचक में लगे पांच में से दो नटबोल्ट टूटे मिले।
जबकि इस ट्रैक पर ट्रेनें स्पीड से दौड़ती रही। इस घटना से रेल प्रशासन बेखबर बना रहा। न तो इसका पता रेल कर्मचारियों को लगा और न ही अधिकारियों को। दिनभर ट्रेनें टूटे रेलचक के उपर से गुजरती रहीं। जबकि टूटे रेलचक से बड़ा हादसा हो सकता था। ट्रेन पटरी से उतर सकती थी। ये हाल तब जब नवंबर और दिसंबर में दो रेल हादसे हो चुके हैं।
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जबकि रेल प्रशासन बेखबर बना रहा है। गनीमत रहा कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। मुरादाबाद से लखनऊ और काशीपुर की ओर जाने वाली ट्रेनें कटघर स्टेशन होकर गुजरती हैं। मुरादाबाद लखनऊ रेल मार्ग पर कटघर स्टेशन के पास सोनिया वैंकटहाल के सामने रविवार को रेलचक टूटा मिला। डाउन लाइन पर रेलचक में लगे पांच में से दो नटबोल्ट टूटे मिले।
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जबकि इस ट्रैक पर ट्रेनें स्पीड से दौड़ती रही। इस घटना से रेल प्रशासन बेखबर बना रहा। न तो इसका पता रेल कर्मचारियों को लगा और न ही अधिकारियों को। दिनभर ट्रेनें टूटे रेलचक के उपर से गुजरती रहीं। जबकि टूटे रेलचक से बड़ा हादसा हो सकता था। ट्रेन पटरी से उतर सकती थी। ये हाल तब जब नवंबर और दिसंबर में दो रेल हादसे हो चुके हैं।
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