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रेलवे ने बिजली की खपत की कम, पांच करोड़ रुपये बचाए
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मुरादाबाद। मुरादाबाद रेल मंडल ने अपने नौ रेलवे स्टेशनों पर 704.42 किलोवाट क्षमता के सौर उर्जा प्लांट लगाकार बिजली की खपत कम की है। इससे रेलवे के बिजली के खर्चे में पांच करोड़ रुपये की बचत हुई है। इसके अलावा रेलवे ने सभी स्टेशनों पर लगी लाइटों को एलईडी में बदल दिया है। इससे भी विद्युत खपत काफी कम हुई है। इतना ही नहीं बल्कि रेलवे ने वर्ष 2020-21 में 28 लाख रुपये का डीजल भी बचाया है।
रेलवे के विद्युत विभाग ने एक संयुक्त रिपोर्ट मंगलवार को प्रस्तुत की है। इसमें रेल मंडल में किए गए कार्यों का उल्लेख किया गया है। रेल मंडल में विद्युत की खपत कम करने के लिए लाइटों के अलावा अन्य उपकरणों को भी बदला गया है।
रायवाला, बरेली, ऋषिकेश, रुड़की, शाहजहांपुर, मुरादाबाद ,हरिद्वार और हरदोई में सौर ऊर्जा के प्लांट लगाए जा चुके हैं। दफ्तरों में विंडो एसी को थ्री स्टार एवं उससे ऊपर की श्रेणी में बदल दिया गया है। रोड साइड स्टेशनों की लाइट कोविड-19 के दौरान यात्री गाड़ियां न चलने के कारण 50 फीसदी कम की गई है।
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रेलवे के मुताबिक वर्ष 2019 -2020 में कुल ऊर्जा खपत चार करोड़ 23 लाख 58 हजार 398 यूनिट था। वर्ष 2020 -21 में यह खर्च कुल तीन करोड़ 36 लाख 48 हजार 545 यूनिट रह गया, जोकि पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 20 प्रतिशत कम है। इसके अलावा ट्रेनों का संचालन कम होने के कारण रेलवे की डीजल खपत पिछले वर् की तुलना में 32 हजार 888 लीटर कम है।
इससे रेलेव को 28 लाख रुपये से अधिक की बचत हुई है। सीनियर डीसीएम रेखा शर्मा ने बताया कि मुरादाबाद और हापुड़ में रिमोट एसी कंट्रोलर डिवाइस लग जाने से अब एसी का संचालन एवं मॉनिटरिंग एंड्रॉयड मोबाइल एप से होगी।इससे विद्युत ऊर्जा की बचत होगी।
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रेलवे के विद्युत विभाग ने एक संयुक्त रिपोर्ट मंगलवार को प्रस्तुत की है। इसमें रेल मंडल में किए गए कार्यों का उल्लेख किया गया है। रेल मंडल में विद्युत की खपत कम करने के लिए लाइटों के अलावा अन्य उपकरणों को भी बदला गया है।
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रायवाला, बरेली, ऋषिकेश, रुड़की, शाहजहांपुर, मुरादाबाद ,हरिद्वार और हरदोई में सौर ऊर्जा के प्लांट लगाए जा चुके हैं। दफ्तरों में विंडो एसी को थ्री स्टार एवं उससे ऊपर की श्रेणी में बदल दिया गया है। रोड साइड स्टेशनों की लाइट कोविड-19 के दौरान यात्री गाड़ियां न चलने के कारण 50 फीसदी कम की गई है।
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रेलवे के मुताबिक वर्ष 2019 -2020 में कुल ऊर्जा खपत चार करोड़ 23 लाख 58 हजार 398 यूनिट था। वर्ष 2020 -21 में यह खर्च कुल तीन करोड़ 36 लाख 48 हजार 545 यूनिट रह गया, जोकि पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 20 प्रतिशत कम है। इसके अलावा ट्रेनों का संचालन कम होने के कारण रेलवे की डीजल खपत पिछले वर् की तुलना में 32 हजार 888 लीटर कम है।
इससे रेलेव को 28 लाख रुपये से अधिक की बचत हुई है। सीनियर डीसीएम रेखा शर्मा ने बताया कि मुरादाबाद और हापुड़ में रिमोट एसी कंट्रोलर डिवाइस लग जाने से अब एसी का संचालन एवं मॉनिटरिंग एंड्रॉयड मोबाइल एप से होगी।इससे विद्युत ऊर्जा की बचत होगी।