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महाकुंभ के लिए रेलवे ने तैयारियां कीं तेज, शुरूआत 14 जनवरी से
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मुरादाबाद। रेल मंडल ने महाकुंभ 2021 के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। मेले की शुरुआत 14 जनवरी से हो रही है और पहला शाही स्नान 11 मार्च को माना जा रहा है। रेलवे पिछले सालों के आंकड़ों को अध्ययन करने में लगा है। हालांकि कुंभ मेले के दौरान यात्रियों को अनारक्षित टिकट की सुविधा मिलेगी या नहीं, इसे लेकर अभी कुछ स्पष्ट नहीं हो पा रहा है।
कोविड के चलते अनारक्षित टिकट मिलना मुश्किल है। कुंभ मेले का आयोजन 14 जनवरी से 27 अप्रैल 2021 तक किया जाना है। फिलहाल टिकट व्यवस्था और अतिरिक्त ट्रेनें चलाने का शेड्यूल बनाया जा रहा है। पांच जनवरी को न्यू ऋषिकेश में ट्रेन चलाकर लाइन का ट्रायल किया जाएगा। इसके अलावा ज्वालापुर, मोतीचूर में ओवरब्रिज, रुड़की, इक्कड़, हरिद्वार, लक्सर आदि स्टेशनों पर चल रहे निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। रेलवे के कुंभ मेला 2010 के आंकड़ों के मुताबिक लगभग साढ़े तीन लाख यात्री स्नान तिथियों पर मेले में पहुंचे थे। मंडल रेल प्रबंधक तरुण प्रकाश का कहना है कि सरकार की ओर से मेले को लेकर अभी कोई आदेश नहीं मिले हैं लेकिन इससे पहले ही तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि स्टेशनों पर भीड़ नियंत्रण के पुख्ता इंतजाम, यात्रियों के प्रवेश और निकास के लिए अलग व्यवस्था की जा रही है। साथ ही अतिरिक्त ट्रेनें चलाने की दिशा में काम किया जा रहा है। डीआरएम का कहना है कि कोविड 19 के बीच प्रदेश सरकार के मेले को नियंत्रित करने के तरीके और गाइडलाइन के अनुसार कार्य किया जाएगा।
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कोविड के चलते अनारक्षित टिकट मिलना मुश्किल है। कुंभ मेले का आयोजन 14 जनवरी से 27 अप्रैल 2021 तक किया जाना है। फिलहाल टिकट व्यवस्था और अतिरिक्त ट्रेनें चलाने का शेड्यूल बनाया जा रहा है। पांच जनवरी को न्यू ऋषिकेश में ट्रेन चलाकर लाइन का ट्रायल किया जाएगा। इसके अलावा ज्वालापुर, मोतीचूर में ओवरब्रिज, रुड़की, इक्कड़, हरिद्वार, लक्सर आदि स्टेशनों पर चल रहे निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। रेलवे के कुंभ मेला 2010 के आंकड़ों के मुताबिक लगभग साढ़े तीन लाख यात्री स्नान तिथियों पर मेले में पहुंचे थे। मंडल रेल प्रबंधक तरुण प्रकाश का कहना है कि सरकार की ओर से मेले को लेकर अभी कोई आदेश नहीं मिले हैं लेकिन इससे पहले ही तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
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उन्होंने बताया कि स्टेशनों पर भीड़ नियंत्रण के पुख्ता इंतजाम, यात्रियों के प्रवेश और निकास के लिए अलग व्यवस्था की जा रही है। साथ ही अतिरिक्त ट्रेनें चलाने की दिशा में काम किया जा रहा है। डीआरएम का कहना है कि कोविड 19 के बीच प्रदेश सरकार के मेले को नियंत्रित करने के तरीके और गाइडलाइन के अनुसार कार्य किया जाएगा।
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