Railway: यात्रियों को मिलने वाले खाने की एआई से निगरानी, बेस किचन में सीसीटीवी के साथ सेंसर लगाने की तैयारी
यात्रियों को मिलने वाले खाने की एआई से निगरानी की तैयारी की जा रही है। इसके लिए रेलवे बेस किचन में सीसीटीवी और सेंसर लगाने जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार खाने में किसी भी प्रकार दिक्कत होने की जानकारी तुरंत पता चल जाएगा।
विस्तार
रेल यात्रियों को उनकी सीटों पर मिलने वाले भोजन की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से निगरानी की जाएगी। भोजन तैयार करने वाले बेस किचन में रेलवे सीसीटीवी कैमरों के साथ एआई युक्त सेंसर लगाने की तैयारी कर रहा है। खाने में गंदगी, किचन में गंदगी व रसोइये के कपड़े साफ न होने पर भी नोटिफिकेशन अधिकारियों के पास पहुंच जाएगा।
इसकी मॉनीटरिंग आईआरसीटीसी के प्रतिनिधि करेंगे। रेल बजट में इसका जिक्र किया गया है। कमी पाए जाने पर रेलवे ट्रेनों में खाना परोसने वाले संबंधित बेस किचन का लाइसेंस रद्द कर सकता है। मुरादाबाद स्टेशन के पास तीन व बरेली स्टेशन के पास एक बेस किचन है। तीनों में सीसीटीवी व एआई युक्त सेंसर लगाए जाएंगे।
बेस किचन से वंदे भारत, राजधानी, शताब्दी, जनशताब्दी, डबल डेकर, गरीबरथ, लखनऊ मेल, लखनऊ-चंडीगढ़ समेत विभिन्न ट्रेनों में भोजन की सप्लाई होती है। यात्री फूड ऑन ट्रैक एप के जरिये भोजन बुक करते हैं। मुरादाबाद व बरेली स्टेशन पर ट्रेन पहुंचने पर उनकी सीट पर कर्मचारी भोजन लेकर पहुंच जाता है।
टिकट बुक करते समय भी आईआरसीटीसी भोजन का विकल्प देता है। जल्द ही बरेली व मुरादाबाद में एक-एक बेस किचन और तैयार करने की योजना है।
बढ़ती शिकायतों के कारण हुआ निर्णय
रेल यात्री अक्सर एक्स पर खाने की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए शिकायत करते हैं। कई बार खाने में गंदगी की शिकायतें भी आई हैं। इस समस्या के समाधान के लिए रेलवे ने यह निर्णय लिया है। अधिकारियों का कहना है कि कृत्रिम बुद्धिमता वाले सेंसर में इस प्रकार फीडिंग की जाएगी कि यदि भोजन बनाने वाले कर्मचारी ने शेफ वाला कैप नहीं पहना होगा तो भी पता चल जाएगा। जहां भोजन बनता है, वहां की सीधी निगरानी कैमरों से होगी।
सावन माह में सात्विक भोजन का विकल्प
सावन के दौरान आईआरसीटीसी यात्रियों को सात्विक भोजन का विकल्प भी दे रहा है। इसमें बिना लहसुन-प्याज का खाना यात्रियों को परोसा जाता है। आईआरसीटीसी का दावा है कि अलग बर्तन में यह खाना तैयार होता है। नवरात्र व सावन में यात्रियों को यह विकल्प दिया जाता है। आईआरसीटीसी के फूड ऑन ट्रैक एप पर इस संबंध में जानकारी दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि यात्री इस एप को काफी पसंद कर रहे हैं।
मुरादाबाद में तीन व बरेली में एक बेस किचन है। इनमें सीसीटीवी कैमरों व एआई से निगरानी करने की योजना है। इससे यात्रियों को शुद्ध व गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने में सहायता होगी। ट्रेनों की पैंट्रीकार में भी समय-समय पर अभियान चलाया जा रहा है। - आदित्य गुप्ता, सीनियर डीसीएम