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Moradabad News: निर्यातक की फर्म पर छापा, जमा किए 66 लाख रुपये
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मुरादाबाद।
राज्य कर के अधिकारियों ने कोहिनूर तिराहा संभल रोड स्थित एक निर्यातक की फर्म पर बुधवार को छापा मारकर एक करोड़ की हेराफेरी पकड़ी। निर्यातक ने तुरंत 66 लाख रुपये जमा कर दिए। जांच अधिकारियों को अभी कई और गड़बड़ियां मिलने की संभावना है।
राज्य कर के अपर आयुक्त ग्रेड-1 आरएस द्विवेदी को जानकारी मिली कि संभल रोड का निवासी निर्यातक जीएसटी में गड़बड़ी कर रहा है। इस मामले में उन्होंने ग्रेड-2 अधिकारी आरए सेठ को कार्रवाई करने के निर्देश दिए। फर्म पर छापा मारने के लिए एसआईबी के संयुक्त आयुक्त श्रीहरि मिश्रा के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई।
आठ अधिकारियों की टीम ने बुधवार की सुबह दस बजे फर्म पर छापा मारा। जांच के दौरान पता चला कि निर्यातक फर्म से डेकोरेटिव आइटम के निर्माण एवं बिक्री का कार्य करता है। फर्म के डेटा के विश्लेषण से पता चला कि उसने ऐसी फर्मों से खरीद की है, जिनका पंजीयन सप्लाई से पूर्व ही निरस्त चल रहा था।
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कुछ फर्मों की जीएसटीआर-2ए इनवर्ड सप्लाई शून्य पाई गई। वहीं फर्मों ने वर्ष 2022-23 एवं 2023-24 में 67.43 लाख की बोगस आईटीसी क्लेम की है। जांच के समय फर्म में स्टॉक एवं लेखा पुस्तिकाओं में घोषित स्टॉक के बीच लगभग एक करोड़ का अंतर पाया गया। अधिकारियों का कहना है कि निर्यातक लेखा पुस्तिकाओं से अलग हटकर खरीद बिक्री कर रहा है।
गड़बड़ी पकड़े जाने पर फर्म संचालक ने तत्काल लगभग 66 लाख रुपये जमा करा दिए। हालांकि, अभी बड़ी जीएसटी चोरी पकड़े जाने की आशंका है। कार्यवाही के दौरान उपायुक्त धर्मेंद्र सिंह सचान, विकास बहादुर चौधरी, रणंजय यादव, सहायक आयुक्त अखिलेश कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
एक सप्ताह में दूसरा छापा
टीम ने बुधवार को सुबह 10 बजे छापा मारा, लेकिन जांच कार्य शाम सात बजे तक चला। नौ घंटे तक चली कार्यवाही के दौरान टीम ने फर्म के बारे में काफी जानकारी इकट्ठा की है। इसके पहले सात अगस्त को जीएसटी से जुड़े अधिकारियों ने नूरपुर बिलारी रोड स्थित एक अन्य निर्यातक की फर्म पर छापा मारकर डेढ़ करोड़ का माल जब्त किया था। निर्यातक ने उस समय 51 लाख रुपये तत्काल जमा कर दिए थे।
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राज्य कर के अधिकारियों ने कोहिनूर तिराहा संभल रोड स्थित एक निर्यातक की फर्म पर बुधवार को छापा मारकर एक करोड़ की हेराफेरी पकड़ी। निर्यातक ने तुरंत 66 लाख रुपये जमा कर दिए। जांच अधिकारियों को अभी कई और गड़बड़ियां मिलने की संभावना है।
राज्य कर के अपर आयुक्त ग्रेड-1 आरएस द्विवेदी को जानकारी मिली कि संभल रोड का निवासी निर्यातक जीएसटी में गड़बड़ी कर रहा है। इस मामले में उन्होंने ग्रेड-2 अधिकारी आरए सेठ को कार्रवाई करने के निर्देश दिए। फर्म पर छापा मारने के लिए एसआईबी के संयुक्त आयुक्त श्रीहरि मिश्रा के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई।
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आठ अधिकारियों की टीम ने बुधवार की सुबह दस बजे फर्म पर छापा मारा। जांच के दौरान पता चला कि निर्यातक फर्म से डेकोरेटिव आइटम के निर्माण एवं बिक्री का कार्य करता है। फर्म के डेटा के विश्लेषण से पता चला कि उसने ऐसी फर्मों से खरीद की है, जिनका पंजीयन सप्लाई से पूर्व ही निरस्त चल रहा था।
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कुछ फर्मों की जीएसटीआर-2ए इनवर्ड सप्लाई शून्य पाई गई। वहीं फर्मों ने वर्ष 2022-23 एवं 2023-24 में 67.43 लाख की बोगस आईटीसी क्लेम की है। जांच के समय फर्म में स्टॉक एवं लेखा पुस्तिकाओं में घोषित स्टॉक के बीच लगभग एक करोड़ का अंतर पाया गया। अधिकारियों का कहना है कि निर्यातक लेखा पुस्तिकाओं से अलग हटकर खरीद बिक्री कर रहा है।
गड़बड़ी पकड़े जाने पर फर्म संचालक ने तत्काल लगभग 66 लाख रुपये जमा करा दिए। हालांकि, अभी बड़ी जीएसटी चोरी पकड़े जाने की आशंका है। कार्यवाही के दौरान उपायुक्त धर्मेंद्र सिंह सचान, विकास बहादुर चौधरी, रणंजय यादव, सहायक आयुक्त अखिलेश कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
एक सप्ताह में दूसरा छापा
टीम ने बुधवार को सुबह 10 बजे छापा मारा, लेकिन जांच कार्य शाम सात बजे तक चला। नौ घंटे तक चली कार्यवाही के दौरान टीम ने फर्म के बारे में काफी जानकारी इकट्ठा की है। इसके पहले सात अगस्त को जीएसटी से जुड़े अधिकारियों ने नूरपुर बिलारी रोड स्थित एक अन्य निर्यातक की फर्म पर छापा मारकर डेढ़ करोड़ का माल जब्त किया था। निर्यातक ने उस समय 51 लाख रुपये तत्काल जमा कर दिए थे।