फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   Promotion of non-teaching staff, demand for payment for 300 days of work

Moradabad News: शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की पदोन्नति, 300 दिन के कार्य का भुगतान करने की मांग

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 23 Aug 2025 02:25 AM IST
विज्ञापन
Promotion of non-teaching staff, demand for payment for 300 days of work
मुरादाबाद। शिक्षकों ने अर्हताधारी शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की पदोन्नति, 300 दिन के कार्य का भुगतान करने समेत अन्य मांगों को लेकर संयुक्त शिक्षा निदेशक कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया।उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय नेतृत्व में शिक्षकों ने शुक्रवार को संयुक्त शिक्षा निदेशक को मुख्यमंत्री के नाम से ज्ञापन सौंपा। धरना-प्रदर्शन में मुरादाबाद के अलावा बिजनौर, रामपुर, संभल, अमरोहा के शिक्षक शामिल हुए। मंडल अध्यक्ष सुखिलेश शर्मा ने कहा कि सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षणेत्तर कर्मचारियों द्वारा कई साल से अपनी मांगों से शासन को अवगत कराया जा रहा है। लोकसभा एवं राज्यसभा में सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास के उद्देश्य को लेकर लाभ देने की बात कही गई थी लेकिन कर्मचारियों की मांग पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। धरना का नेतृत्व प्रदेश उपाध्यक्ष पवन तिवारी और सुधीर पाठक ने किया। इस मौके पर मुकेश सिंहा, अंशुल शर्मा, योगेश कुमार, रामचरण सिंह, रामरतन देव, सतेंद्र कुमार, ब्रजेश गोस्वामी, जयवर्धन यादव, अनुराग भारद्वाज, जिवेंदर कुमार, प्रदीप बड़ौला, राजेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन

00
शिक्षकों की प्रमुख मांगें
- जिले में सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के अर्हताधारी शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की शिक्षक पद पर पदोन्नति।
- राजकीय कर्मचारियों के समान अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षणेत्तर कर्मचारी को 300 दिन के उपार्जित अवकाश का भुगतान।
- राजकीय कर्मचारियों के समान अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को चिकित्सा सुविधा।
-सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय के शिक्षकों की तरह प्रोत्साहन के लिए शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए राष्ट्रपति एवं राज्य पुरस्कार के लिए प्रावधान करने।
विज्ञापन

- हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट विद्यालय के लिपिकों की वेतन विसंगति समाप्त करने।
- चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की लिपिक पद पर पदोन्नति के लिए सीसीसी डिप्लोमा अनिवार्य किया गया था जबकि राजकीय विद्यालय में यह प्रावधान नहीं है। समानता के आधार पर सीसीसी डिप्लोमा का प्रावधान समाप्त करने।
विज्ञापन
विज्ञापन

- प्रदेश सरकार द्वारा रोके गए भत्ते बहाल किए जाने और वर्ष 2014 के बाद नियुक्त शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की सामूहिक बीमा कटौती करने।
अप्रैल 2005 के बाद शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना लागू करने
-लिपिक एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया शुरू करने, आउट सोर्सिंग कर्मचारियों का वेतन विभाग द्वारा सीधे उनके खाते में भेजे जाने की मांग शामिल है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed