बैरक में मरा मिला जेल गेट पर दरोगा को पीटने वाला ‘चवन्नी’

ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद Updated Wed, 04 Jan 2017 02:26 AM IST
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करीब बीस दिन पहले जेल गेट पर दरोगा को पीटने वाले बिजनौर के बंदी फरीद चवन्नी की सोमवार देर रात जिला जेल में रहस्यमय हालात में मौत हो गई। उसका शव बैरक में पड़ा मिला। हालांकि जेल प्रशासन का दावा है कि तबियत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल ले जाया गया था।
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लेकिन अस्पताल ईएमओ का कहना है कि फरीद की मौत अस्पताल पहुंचने से काफी पहले ही हो चुकी थी। नौ नवंबर को फरीद चवन्नी व उसके साथियों ने जेल में बर्खास्त एसओ सैय्यद मंसूर आबिद को वीआईपी ट्रीटमेंट का विरोध करते हुए जेल गेट पर एक दरोगा व कुछ पुलिस वालों के साथ मारपीट कर दी थी।
परिजनों का आरोप है कि तभी से जेल में फरीद को थर्ड डिग्री दी जा रही थी। जेल की बैरक में मरा मिला फरीद उर्फ चव्वनी (35) पुत्र रफीक बिजनौर जिले के धामपुर नगीना चौराहे का रहने वाला था। करीब चार साल से जेल में बंद फरीद को अदालत से चार साल की सजा हुई थी।
सर्राफ हत्याकांड का मुख्य आरोपी मूंढापांडे का बर्खास्त एसओ सैय्यद मंसूर आबिद भी इन्हीं के साथ जेल में बंद था। जिसे जेल की बैरक और बाहर पेशी के दौरान पुलिस कस्टडी में वीआईपी ट्रीटमेंट मिलता था। फरीद और उसके साथी इसका विरोध करते थे। 

बिजनौर पेशी से लौटते वक्त नौ नवंबर को पुलिस ने जब मंसूर आबिद को रास्ते में फिर से वीआईपी ट्रीटमेंट दिया तो फरीद और उसके साथी भड़क गए। रास्ते में इन्होंने हंगामा किया और फिर जब बंदी वाहन जेल गेट पर पहुंचा तो फरीद व उसके साथियों ने बर्खास्त एसओ को होटल में वीआईपी ट्रीटमेंट देने वाले दरोगा को पीट दिया।

परिजनों का आरोप है कि इस घटना के बाद से फरीद को जेल में टार्चर किया जा रहा था। रोज उसे बेरहमी से पीटा जाता था। सोमवार रात फरीद की जेल में संदिग्ध हालात में मौत हो गई। बंदी रक्षक अमर सिंह होमगार्ड रियाजुद्दीन के साथ फरीद का शव लेकर जिला अस्पताल पहुंचा और उसे भर्ती करने की मांग की।

लेकिन ईएमओ ने उसे मृत घोषित करते हुए भर्ती करने से मना कर दिया। फरीद की मौत पर मंगलवार को मोर्चरी पहुंचे उसके परिजनों ने जेल अफसरों पर फरीद की हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।

परिजनों का आरोप था कि जेल के भीतर फरीद को बेरहमी से पीटकर मारा गया है। परिजनों ने जेल अफसरों के खिलाफ एफआईआर की मांग करते हुए पंचनामे पर दस्तखत करने से मना कर दिया जिसकी वजह से फरीद का पोस्टमार्टम भी नहीं हो सका। 
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