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Moradabad News: हर कदम पर गड्ढे... मुश्किल हो रहा सफर
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ठाकुरद्वारा (मुरादाबाद)।
मुरादाबाद-ठाकुरद्वारा मार्ग पर जगह-जगह गहरे गड्ढे हो गए हैं, जिससे मार्ग पर आम लोगों का सफर करना मुश्किल हो गया है। इस रोड पर एक किलोमीटर में करीब 80 गड्ढे पाए गए हैं। यह मार्ग कार्बेट नेशनल पार्क, नैनीताल सहित उत्तराखंड के अन्य प्रमुख स्थानों को भी जोड़ता है।
मुरादाबाद से ठाकुरद्वारा जिले की प्रमुख सड़क है, जिसकी हालात काफी खस्ताहाल हो चुकी है। जिला मुख्यालय से ठाकुरद्वारा तक करीब 50 किलोमीटर दूरी का सफर करने में दोगुना समय लग रहा है। उत्तराखंड के प्रमुख पर्यटक स्थलों से जुड़ा होने के चलते मार्ग से रोजाना करीब 500 वाहन इस मार्ग से गुजरते है। हाल यह है कि कई जगह वाहन चालकों को सड़के के किनारे कच्चे में चलना पड़ रहा है तो कहीं गड्ढों में निकली हुई बजरी और पत्थरों पर। कई बार इन गड्ढों में दुपहिया वाहन फिसल भी जाते है। वहीं, गड्ढों में वाहन के निकलने पर उड़ती धूल से भी राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
कई जगह बने है पांच से 10 फीट बड़े गड्ढे
मुरादाबाद-ठाकुरद्वारा मार्ग पर बने कई गड्ढे पांच से 10 फीट गहरे हो गए हैं। एनएचएआई और लोनिवि दो बार मार्ग की मरम्मत भी कर चुके हैं। हालांकि लोगों का आरोप है कि मरम्मत के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति ही की गई है। मरम्मत के कुछ दिन बाद भी फिर सड़क में गड्ढे हो गए हैं। कई बार इस मार्ग का मुद्दा समाधान दिवस में भी उठ चुका है। कुछ दिन पहले डीएम अनुज सिंह जब तहसील का निरीक्षण करने गए थे तो उन्होंने भी खस्ताहाल की मरम्मत के लिए पीडब्ल्यूडी और एनएचएआई के अधिकारियों से बातचीत की थी।
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गड्ढों में बारिश का पानी भर जाने से बढ़ जाती है समस्या
ठाकुरद्वारा में काशीपुर चुंगी से मढ़ी मंदिर तक मार्ग पर करीब एक किलोमीटर की दूरी में छोटे-बड़े करीब 80 गड्ढे हैं। वहीं, काशीपुर चुंगी क्षेत्र में 100 मीटर की दूरी में 30 बड़े गड्ढे हो गए हैं। वहीं, बारिश के दौरान पानी गड्ढों में पानी भरने से वाहन चालकों की समस्या बढ़ जाती है। इससे कई बार गड्ढे की गहराई का पता नहीं चल पाता और वाहन फंस जाते है। वहीं, लोगों का कहना है कि शिकायत के बावजूद इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। पीडब्ल्यूडी विभाग का कहना है कि यह मार्ग अब एनएचएआई के अधीन है। इसलिए इस मार्ग की मरम्मत और रखरखाव की जिम्मेदारी एनएचएआई की ही है। यह मार्ग नेशनल हाईवे लखनऊ-दिल्ली से भी जुड़ा हुआ है। मार्ग खस्ताहाल होने के चलते उत्तराखंड से आने वाले ज्यादातर वाहन अब रतुपुरा-करनपुर-कांठ-अमरोहा होकर दिल्ली जा रहे हैं।
- एनएचएआई के अधिकारियों ने पुराने रोड की मरम्मत करने का वादा उनसे किया है। यदि गड्डों को भरने का कार्य शुरू नहीं किया गया तो अधिकारी तलब किए जाएंगे। हर हाल में मुरादाबाद -ठाकुरद्वारा मार्ग को ठीक करना होगा। आम लोगों का आवागमन ठीक कराना सर्वोपरि है। -
आंजनेय कुमार सिंह मंडलायुक्त मुरादाबाद
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मुरादाबाद-ठाकुरद्वारा मार्ग पर जगह-जगह गहरे गड्ढे हो गए हैं, जिससे मार्ग पर आम लोगों का सफर करना मुश्किल हो गया है। इस रोड पर एक किलोमीटर में करीब 80 गड्ढे पाए गए हैं। यह मार्ग कार्बेट नेशनल पार्क, नैनीताल सहित उत्तराखंड के अन्य प्रमुख स्थानों को भी जोड़ता है।
मुरादाबाद से ठाकुरद्वारा जिले की प्रमुख सड़क है, जिसकी हालात काफी खस्ताहाल हो चुकी है। जिला मुख्यालय से ठाकुरद्वारा तक करीब 50 किलोमीटर दूरी का सफर करने में दोगुना समय लग रहा है। उत्तराखंड के प्रमुख पर्यटक स्थलों से जुड़ा होने के चलते मार्ग से रोजाना करीब 500 वाहन इस मार्ग से गुजरते है। हाल यह है कि कई जगह वाहन चालकों को सड़के के किनारे कच्चे में चलना पड़ रहा है तो कहीं गड्ढों में निकली हुई बजरी और पत्थरों पर। कई बार इन गड्ढों में दुपहिया वाहन फिसल भी जाते है। वहीं, गड्ढों में वाहन के निकलने पर उड़ती धूल से भी राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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कई जगह बने है पांच से 10 फीट बड़े गड्ढे
मुरादाबाद-ठाकुरद्वारा मार्ग पर बने कई गड्ढे पांच से 10 फीट गहरे हो गए हैं। एनएचएआई और लोनिवि दो बार मार्ग की मरम्मत भी कर चुके हैं। हालांकि लोगों का आरोप है कि मरम्मत के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति ही की गई है। मरम्मत के कुछ दिन बाद भी फिर सड़क में गड्ढे हो गए हैं। कई बार इस मार्ग का मुद्दा समाधान दिवस में भी उठ चुका है। कुछ दिन पहले डीएम अनुज सिंह जब तहसील का निरीक्षण करने गए थे तो उन्होंने भी खस्ताहाल की मरम्मत के लिए पीडब्ल्यूडी और एनएचएआई के अधिकारियों से बातचीत की थी।
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गड्ढों में बारिश का पानी भर जाने से बढ़ जाती है समस्या
ठाकुरद्वारा में काशीपुर चुंगी से मढ़ी मंदिर तक मार्ग पर करीब एक किलोमीटर की दूरी में छोटे-बड़े करीब 80 गड्ढे हैं। वहीं, काशीपुर चुंगी क्षेत्र में 100 मीटर की दूरी में 30 बड़े गड्ढे हो गए हैं। वहीं, बारिश के दौरान पानी गड्ढों में पानी भरने से वाहन चालकों की समस्या बढ़ जाती है। इससे कई बार गड्ढे की गहराई का पता नहीं चल पाता और वाहन फंस जाते है। वहीं, लोगों का कहना है कि शिकायत के बावजूद इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। पीडब्ल्यूडी विभाग का कहना है कि यह मार्ग अब एनएचएआई के अधीन है। इसलिए इस मार्ग की मरम्मत और रखरखाव की जिम्मेदारी एनएचएआई की ही है। यह मार्ग नेशनल हाईवे लखनऊ-दिल्ली से भी जुड़ा हुआ है। मार्ग खस्ताहाल होने के चलते उत्तराखंड से आने वाले ज्यादातर वाहन अब रतुपुरा-करनपुर-कांठ-अमरोहा होकर दिल्ली जा रहे हैं।
- एनएचएआई के अधिकारियों ने पुराने रोड की मरम्मत करने का वादा उनसे किया है। यदि गड्डों को भरने का कार्य शुरू नहीं किया गया तो अधिकारी तलब किए जाएंगे। हर हाल में मुरादाबाद -ठाकुरद्वारा मार्ग को ठीक करना होगा। आम लोगों का आवागमन ठीक कराना सर्वोपरि है। -
आंजनेय कुमार सिंह मंडलायुक्त मुरादाबाद