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भारी कण और नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड से बढ़ रहा शहर का प्रदूषण
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मुरादाबाद। मुरादाबाद में वायु प्रदूषण लाल निशान पर चल रहा है। सुबह से लेकर रात तक एक्यूआई तीन सौ पार रहता है। इस वातावरण में भारी कणों के साथ नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड के स्तर में भी बढ़ोतरी हो रही है। सोमवार शाम पांच बजे मुरादाबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक 326 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। प्रदूषण के इस स्तर के साथ मुरादाबाद देश के सबसे प्रदूषित शहरों की श्रेणी में दसवें स्थान पर रहा।
पिछले तीन दिन से शहर का वायु प्रदूषण प्रदेश में ही नहीं, बल्कि देश के प्रदूषित शहरों की श्रेणी में स्थान बना रहा है। ज्यादातर समय प्रदूषण लाल और महरून रंग में दर्शाया जा रहा है। सोमवार शाम पांच बजे मुरादाबाद का एक्यूआई 326 था, जिसमें पीएम 2.5 का अधिकतम स्तर 419, न्यूनतम 147 और औसत 326 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। पीएम 10 का अधिकतम स्तर 362, न्यूनतम 135 और औसत 235 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर रहा। नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड का अधिकतम स्तर 106, न्यूनतम 26 और औसत 62 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर रहा।
करीब सात गुना है पीएम 2.5
विशेषज्ञों के अनुसार 24 घंटे में वातावरण में पीएम 2.5 की उपलब्धता 60 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर होनी चाहिए, लेकिन सोमवार को भारी कणों का अधिकतम स्तर 419 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर तक पहुंच गया। इसके साथ ही नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड का स्तर 50 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर होना चाहिए, जो अधिकतम स्तर 106 हो गया। यह मानक से दो गुना से अधिक है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की वेबसाइट पर दी गई सूची के अनुसार प्रदूषण का यह स्तर बहुत खराब श्रेणी में आता है। लंबे समय तक प्रदूषण के इसी माहौल में रहने पर किसी भी व्यक्ति को सांस की बीमारी हो सकती है।
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शाम पांच बजे केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी की गई प्रदूषित शहरों की सूची
शहर वायु गुणवत्ता सूचकांक
अंबाला 401
गाजियाबाद 380
बुलंदशहर 369
बागपत 355
ग्रेटर नोएडा 348
जींद 347
फतेहाबाद 347
नोएडा 347
मेरठ 336
मुरादाबाद 326
मानसेर 325
भिवाड़ी 324
दिल्ली 320
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पिछले तीन दिन से शहर का वायु प्रदूषण प्रदेश में ही नहीं, बल्कि देश के प्रदूषित शहरों की श्रेणी में स्थान बना रहा है। ज्यादातर समय प्रदूषण लाल और महरून रंग में दर्शाया जा रहा है। सोमवार शाम पांच बजे मुरादाबाद का एक्यूआई 326 था, जिसमें पीएम 2.5 का अधिकतम स्तर 419, न्यूनतम 147 और औसत 326 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। पीएम 10 का अधिकतम स्तर 362, न्यूनतम 135 और औसत 235 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर रहा। नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड का अधिकतम स्तर 106, न्यूनतम 26 और औसत 62 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर रहा।
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करीब सात गुना है पीएम 2.5
विशेषज्ञों के अनुसार 24 घंटे में वातावरण में पीएम 2.5 की उपलब्धता 60 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर होनी चाहिए, लेकिन सोमवार को भारी कणों का अधिकतम स्तर 419 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर तक पहुंच गया। इसके साथ ही नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड का स्तर 50 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर होना चाहिए, जो अधिकतम स्तर 106 हो गया। यह मानक से दो गुना से अधिक है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की वेबसाइट पर दी गई सूची के अनुसार प्रदूषण का यह स्तर बहुत खराब श्रेणी में आता है। लंबे समय तक प्रदूषण के इसी माहौल में रहने पर किसी भी व्यक्ति को सांस की बीमारी हो सकती है।
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शाम पांच बजे केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी की गई प्रदूषित शहरों की सूची
शहर वायु गुणवत्ता सूचकांक
अंबाला 401
गाजियाबाद 380
बुलंदशहर 369
बागपत 355
ग्रेटर नोएडा 348
जींद 347
फतेहाबाद 347
नोएडा 347
मेरठ 336
मुरादाबाद 326
मानसेर 325
भिवाड़ी 324
दिल्ली 320