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पुलिस का कमाल, गहरी रामगंगा में मिल गए मोबाइल, लूट में बदल गई कहानी
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मुरादाबाद। दोहरे हत्याकांड की जो थ्योरी पुलिस ने पेश की है ठीक हो सकती है। हत्यारों का कबूलनामा और पीड़ित परिवार का संतुष्ट होना भी पुलिस की कहानी को बल दे रहा है लेकिन घटना और खुलासे के बीच सामने आईं कई लाइनें और कहानियां तमाम सवाल खड़े कर रही हैं। कई ऐसे सवाल हैं जो अनसुलझे हैं। कई सवालों के जवाब पुलिस के पास तो हैं पर ये गले नहीं उतर रहे हैं। सवालों और जवाबों का तालमेल भी गड़बड़ा रहा है।
सवाल एक : कहां से आ गए जेवरात
दोहरे हत्याकांड के बाद पुलिस अफसरों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया था। फोरेंसिक टीम भी बार बार घटना स्थल पर पहुंची थी और जांच पड़ताल की। इसके बाद अधिकारियाें ने घर में लूट की घटना से साफ इनकार किया था। मौके से 80 हजार रुपये और कुछ जेवरात भी बरामद हुए थे। अब खुलासे में पुलिस ने दावा किया है कि दोहरे हत्याकांड को अंजाम देने के बाद हत्यारों ने घर में लूटपाट भी की थी। पुलिस का दावा है कि घर से जेवर और करीब पांच हजार रुपये लूटे गए थे। अब ये जेवर कहां से आ गए। घर में रखे अस्सी हजार रुपये ज्यों के त्यों मिल गए पर पांच हजार लुट गए।
सवाल दो: सराफा कारोबारी को अभयदान
इन जेवरों को दीवान का बाजार स्थित अग्रवाल ज्वैलर्स पर बेचने का दावा किया गया है। दीवान का बाजार घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर है। शहर के अलावा अन्य जनपदों तक इस सनसनीखेज हत्याकांड गूंज पहुंची, लेकिन दीवान का बाजार में बैठे सराफ को पता नहीं चला कि शहर में दोहरे हत्याकांड की घटना हुई है। पुलिस ने उससे जेवर भी बरामद किए हैं। सराफ ने न केवल लूट के जेवर खरीदे बल्कि बेचने वालों की आईडी तक नहीं ली।
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सवाल तीन: रामगंगा से ढूंढ लिए दोनों मोबाइल
पुलिस का दावा है कि हत्यारोपियों ने मोबाइल रामगंगा नदी में फेंक दिए थे जिन्हें पुलिस ने बरामद कर लिया है। गहरी नदी से मोबाइलों के बरामद होने की कहानी भी लोगों के गले नहीं उतर रही है। हत्यारोपियों ने शाम के अंधेरे में मोबाइल रामगंगा में फेंके थे। बावजूद उन्हें यह सटीक जानकारी रही कि उन्होंने कहां मोबाइल फेंके। इतना ही नहीं, पुलिस ने उन्हें रामगंगा से बरामद भी कर लिया।
सवाल चार: अब बाहर से कैसे आ गया एक आरोपी
पुलिस अफसरों ने दावा किया था कि घटना को अंजाम देने वाले आरोपी बाहर से नहीं आए हैं। आस पड़ोस के कैमरों की फुटेज चेक की थी। जिससे साफ हो गया था कि कातिल घटनास्थल के इर्द गिर्द ही हैं। जबकि खुलासे में एक आरोपी के बाहर से आने की बात कही गई है।
सवाल पांच: हत्या करनी थी नजारत की तो समरीन पर 50 वार क्यों?
पुलिस ने दावा किया कि हत्यारोपी युवक नजारत उर्फ नजरुल से नाराज थे। वह नजारत की हत्या करने के इरादे से ही उसके घर में पहुंचे थे। लेकिन हत्यारोपियों ने समरीन पर 50 से ज्यादा वार किए हैं। मीट की दुकान खोलने से पहले मन्नान नजारत के घर के सामने ही कपड़ा सिंचाई की दुकान पर काम करता था। जिस कारण मन्नान का नजारत के घर आना जाना था। मन्नान ने भी पूछताछ में ये बात कबूली है कि वह अक्सर नजारत के घर चला जाता था। इसके अलावा मात्र 100 रुपये के मीट को लेकर झगड़ा और कंधा टकराने का विवाद में दोहरे हत्याकांड को अंजाम देने वाली कहानी भी लोगों को हैरान कर रही है।
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सवाल एक : कहां से आ गए जेवरात
दोहरे हत्याकांड के बाद पुलिस अफसरों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया था। फोरेंसिक टीम भी बार बार घटना स्थल पर पहुंची थी और जांच पड़ताल की। इसके बाद अधिकारियाें ने घर में लूट की घटना से साफ इनकार किया था। मौके से 80 हजार रुपये और कुछ जेवरात भी बरामद हुए थे। अब खुलासे में पुलिस ने दावा किया है कि दोहरे हत्याकांड को अंजाम देने के बाद हत्यारों ने घर में लूटपाट भी की थी। पुलिस का दावा है कि घर से जेवर और करीब पांच हजार रुपये लूटे गए थे। अब ये जेवर कहां से आ गए। घर में रखे अस्सी हजार रुपये ज्यों के त्यों मिल गए पर पांच हजार लुट गए।
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सवाल दो: सराफा कारोबारी को अभयदान
इन जेवरों को दीवान का बाजार स्थित अग्रवाल ज्वैलर्स पर बेचने का दावा किया गया है। दीवान का बाजार घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर है। शहर के अलावा अन्य जनपदों तक इस सनसनीखेज हत्याकांड गूंज पहुंची, लेकिन दीवान का बाजार में बैठे सराफ को पता नहीं चला कि शहर में दोहरे हत्याकांड की घटना हुई है। पुलिस ने उससे जेवर भी बरामद किए हैं। सराफ ने न केवल लूट के जेवर खरीदे बल्कि बेचने वालों की आईडी तक नहीं ली।
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सवाल तीन: रामगंगा से ढूंढ लिए दोनों मोबाइल
पुलिस का दावा है कि हत्यारोपियों ने मोबाइल रामगंगा नदी में फेंक दिए थे जिन्हें पुलिस ने बरामद कर लिया है। गहरी नदी से मोबाइलों के बरामद होने की कहानी भी लोगों के गले नहीं उतर रही है। हत्यारोपियों ने शाम के अंधेरे में मोबाइल रामगंगा में फेंके थे। बावजूद उन्हें यह सटीक जानकारी रही कि उन्होंने कहां मोबाइल फेंके। इतना ही नहीं, पुलिस ने उन्हें रामगंगा से बरामद भी कर लिया।
सवाल चार: अब बाहर से कैसे आ गया एक आरोपी
पुलिस अफसरों ने दावा किया था कि घटना को अंजाम देने वाले आरोपी बाहर से नहीं आए हैं। आस पड़ोस के कैमरों की फुटेज चेक की थी। जिससे साफ हो गया था कि कातिल घटनास्थल के इर्द गिर्द ही हैं। जबकि खुलासे में एक आरोपी के बाहर से आने की बात कही गई है।
सवाल पांच: हत्या करनी थी नजारत की तो समरीन पर 50 वार क्यों?
पुलिस ने दावा किया कि हत्यारोपी युवक नजारत उर्फ नजरुल से नाराज थे। वह नजारत की हत्या करने के इरादे से ही उसके घर में पहुंचे थे। लेकिन हत्यारोपियों ने समरीन पर 50 से ज्यादा वार किए हैं। मीट की दुकान खोलने से पहले मन्नान नजारत के घर के सामने ही कपड़ा सिंचाई की दुकान पर काम करता था। जिस कारण मन्नान का नजारत के घर आना जाना था। मन्नान ने भी पूछताछ में ये बात कबूली है कि वह अक्सर नजारत के घर चला जाता था। इसके अलावा मात्र 100 रुपये के मीट को लेकर झगड़ा और कंधा टकराने का विवाद में दोहरे हत्याकांड को अंजाम देने वाली कहानी भी लोगों को हैरान कर रही है।