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संभल के 50 गांवों में रिपोर्ट दर्ज नहीं होने की समस्या

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 26 Feb 2021 01:52 AM IST
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police reporting problem in sambhals 50 village
संभल। प्रदेश के थानों में सीसीटीएनएस यानी क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क सिस्टम व्यवस्था लागू हुई तो रिपोर्टिंग पुलिस चौकी नरौली और पतरिया को इससे नहीं जोड़ा गया। ऐसे में दोनों चौकियों से जुड़े 50 गांवों के लोग परेशान हो रहे हैं। दोनों पुलिस चौकियों में अब रिपोर्ट दर्ज नहीं होती है। इससे अब फरियादियों को थानों तक भागदौड़ करनी पड़ती है।
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संभल जिले में 11 थानों के अलावा कस्बा नरौली और गांव पतरिया में रिपोर्टिंग पुलिस चौकी स्थापित हैं। नरौली की पुलिस चौकी कई दशक पुरानी है और पतरिया में करीब 15 वर्ष पहले ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए रिपोर्टिंग पुलिस चौकी स्थापित की गई थी। इन पुलिस चौकी पर थाने की तरह ही रिपोर्ट दर्ज होती थी। बस अपराध संख्या थाने से लेनी होती थी लेकिन 2017 से सीसीटीएनएस व्यवस्था लागू हुई तो इन चौकी से रिपोर्ट दर्ज करने का हक छिन गया। अब फरियादियों को 30 से 35 किलोमीटर दूर तक का सफर तय कर थाने पहुंचना होता है।
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नरौली पुलिस चौकी क्षेत्र में 24 गांव आते हैं। कई गांव संभल के हयातनगर और बहजोई थाना क्षेत्र की सीमा से लगे हैं। इन गांवों के फरियादी अपनी कार्रवाई कराना चाहेंगे तो उन्हें थाना बनियाठेर जाना होगा। गौर करने वाली बात यह है कि गांव बल्लू नगलिया, कादरपुर कुकैटा व अन्य गांवों की थाने तक की दूरी करीब 30 से 35 किलोमीटर दूर है। इन गांवों से कोई आसान साधन भी नहीं है, जिससे फरियादी थाने पहुंच जाएं। यही हाल गुन्नौर कोतवाली क्षेत्र के गांव पतरिया पुलिस चौकी का है। इस पुलिस चौकी क्षेत्र में करीब 26 गांव आते हैं। इस चौकी क्षेत्र के गांव बदायूं जिले की सीमा से लगे हैं। गांव हुसैनपुर की थाने से दूरी करीब 24 किलोमीटर दूर है। ऐसे ही कई गांव और हैं जिनकी दूरी 25 से 30 किलोमीटर दूर है। परेशानी की बात यह है कि इन गांवों से थाने पहुंचने का आसान साधन नहीं है।
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आधुनिक युग में समस्या, जब संसाधनों का था अभाव तो मिलती थी सहूलियत
संभल। रिपोर्टिंग पुलिस पर रिपोर्ट दर्ज कराने की व्यवस्था इसलिए की गई थी ताकि फरियादियों को भटकना न पड़े और आसानी से उनकी कार्रवाई हो सके। ऐसा तब किया गया जब संसाधनों का अभाव था। वर्तमान में संसाधन पूरी तरह हैं तो आम लोगों के लिए मुश्किल खड़ी कर दी। हालांकि इस व्यवस्था के लागू होने पर रिपोर्टिंग पुलिस चौकी पर कंप्यूटर व अन्य सामान भेजे गए थे। लेकिन शुरूआत में कंप्यूटर ऑपरेटर नहीं होने का हवाला दिया गया था। अब व्यवस्था के अंतर्गत नहीं आने की बात कही है।
क्या है सीसीटीएनएस
संभल। आधुनिक युग में पुलिस कार्रवाई कंप्यूटराईज हो जाए इसके लिए इस व्यवस्था को लागू किया गया। इस व्यवस्था के अंतर्गत ऑनलाइन एफआईआर दर्ज कराने और देखने की व्यवस्था है। इसके अलावा कई सुविधाएं हैं लेकिन इन सुविधाओं का इस्तेमाल शहरी क्षेत्र में पढ़े लिखे लोग कर सकते हैं। ग्रामीण क्षेत्र में इन सुविधाओं की जानकारी तक नहीं है।
क्या होती है रिपोर्टिंग पुलिस चौकी
संभल। थाने के अधीन पुलिस चौकी और रिपोर्टिंग पुलिस चौकी आती है। चौकी में आने वाले फरियादियों की तहरीर पर कार्रवाई थाने में की जाती है और रिपोर्टिंग पुलिस चौकी में रिपोर्ट सीधे दर्ज कर ली जाती है। बस रिपोर्टिंग पुलिस चौकी को थाने से अपराध संख्या लेनी होती है। अपराध संख्या मिलने के बाद रिपोर्ट दर्ज कर ली जाती है।

सीसीटीएनएस व्यवस्था थानों के लिए लागू की गई इसलिए रिपोर्टिंग पुलिस चौकी पर रिपोर्ट दर्ज करना बंद हो गया। पहले भी थानों से ही अपराध संख्या लेनी होती थी। यदि भविष्य में विस्तार हुआ तो रिपोर्टिंग पुलिस पर भी रिपोर्ट दर्ज हो सकेगी। आलोक कुमार जायसवाल, अपर पुलिस अधीक्षक, संभल
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