{"_id":"654fddd99d39b4e798067d14","slug":"pneumonia-is-one-of-the-major-reasons-for-hospitalization-moradabad-news-c-15-1-mbd1044-282461-2023-11-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Moradabad News: अस्पताल में भर्ती होने के बड़े कारणोें में निमोनिया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Moradabad News: अस्पताल में भर्ती होने के बड़े कारणोें में निमोनिया
विज्ञापन
मुरादाबाद। कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों के लिए सर्दी का मौसम परेशानियां लेकर आता है। इन दिनों बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में निमोनिया के मामले ज्यादा आने लगते हैं। वरिष्ठ चेस्ट फिजिशियन डॉ. प्रवीण शाह के मुताबिक लोगों के अस्पताल में भर्ती होने के बड़े कारणों में से एक निमोनिया है। इन दिनों हर दिन एक निमोनिया का एक रोगी अस्पताल में भर्ती किया जा रहा है।
इनमें सप्ताह में औसतन पांच बच्चे व छह व्यस्त भर्ती हो रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया में एक साल में लगभग 45 करोड़ लोग निमोनिया से पीड़ित होते हैं। इनमें पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चे और 65 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। डॉ. शाह के मुताबिक कोरोना को निमोनिया का विकराल रूप कहा गया था। चूंकि यह श्वसन संबंधी बीमारी है, जिसमें बैक्टीरिया, वायरस और फंगस की वजह से फेफड़ों में संक्रमण हो जाता है। 2020-21 में तमाम लोग ऐसी ही समस्या से पीड़ित थे। बैक्टीरिया, वायरस व फंगस को श्वसन तंत्र में प्रवेश करने से बचाने के लिए हाथ धोना सबसे अच्छा तरीका है। जिन लोगों के हाथों की स्वच्छता ठीक नहीं होती है, उनमें निमोनिया होने का खतरा अधिक रहता है। इससे बचाव के लिए हाथों और कलाइयों को कम से कम 20 सेकंड तक साबुन-पानी या सैनिटाइजर से साफ करें। डॉक्टर ने निमोनिया में शराब व मीट का सेवन खतरनाक बताया है।
ये हैं निमोनिया के लक्षण
खांसी व ठंड लगकर बुखार आना
सांस लेने में तकलीफ
सीने में दर्द
थकान और कमजोरी
तेजी से सांस लेना
निमोनिया से बचाव के उपाय
डॉक्टर की सलाह लेकर टीके लगवाएं
अपने हाथों को बार-बार धोते रहें
धूल वाले स्थानों पर मास्क लगाकर रहें
खांसते या छींकते समय मुंह और नाक ढक कर रखें
धूम्रपान छोड़ें, इसके कारण निमोनिया गंभीर रूप ले सकता है
पर्याप्त नींद लें, संतुलित आहार लें और व्यायाम करें
वर्जन
निमोनिया अस्पताल में भर्ती होने का बडा़ कारण बनता जा रहा है। हर सप्ताह दो व्यस्क मरीज व पांच बच्चे जिला अस्पताल में निमोनिया के कारण भर्ती होते हैं। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर इससे बचा जा सकता है। इसके लिए अच्छा खानपान व व्यायाम जरूरी है।
विज्ञापन
- डॉ. प्रवीण शाह, चेस्ट फिजिशियन
विज्ञापन
इनमें सप्ताह में औसतन पांच बच्चे व छह व्यस्त भर्ती हो रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया में एक साल में लगभग 45 करोड़ लोग निमोनिया से पीड़ित होते हैं। इनमें पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चे और 65 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। डॉ. शाह के मुताबिक कोरोना को निमोनिया का विकराल रूप कहा गया था। चूंकि यह श्वसन संबंधी बीमारी है, जिसमें बैक्टीरिया, वायरस और फंगस की वजह से फेफड़ों में संक्रमण हो जाता है। 2020-21 में तमाम लोग ऐसी ही समस्या से पीड़ित थे। बैक्टीरिया, वायरस व फंगस को श्वसन तंत्र में प्रवेश करने से बचाने के लिए हाथ धोना सबसे अच्छा तरीका है। जिन लोगों के हाथों की स्वच्छता ठीक नहीं होती है, उनमें निमोनिया होने का खतरा अधिक रहता है। इससे बचाव के लिए हाथों और कलाइयों को कम से कम 20 सेकंड तक साबुन-पानी या सैनिटाइजर से साफ करें। डॉक्टर ने निमोनिया में शराब व मीट का सेवन खतरनाक बताया है।
विज्ञापन
ये हैं निमोनिया के लक्षण
खांसी व ठंड लगकर बुखार आना
सांस लेने में तकलीफ
सीने में दर्द
थकान और कमजोरी
तेजी से सांस लेना
निमोनिया से बचाव के उपाय
डॉक्टर की सलाह लेकर टीके लगवाएं
अपने हाथों को बार-बार धोते रहें
धूल वाले स्थानों पर मास्क लगाकर रहें
खांसते या छींकते समय मुंह और नाक ढक कर रखें
धूम्रपान छोड़ें, इसके कारण निमोनिया गंभीर रूप ले सकता है
पर्याप्त नींद लें, संतुलित आहार लें और व्यायाम करें
वर्जन
निमोनिया अस्पताल में भर्ती होने का बडा़ कारण बनता जा रहा है। हर सप्ताह दो व्यस्क मरीज व पांच बच्चे जिला अस्पताल में निमोनिया के कारण भर्ती होते हैं। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर इससे बचा जा सकता है। इसके लिए अच्छा खानपान व व्यायाम जरूरी है।
विज्ञापन
- डॉ. प्रवीण शाह, चेस्ट फिजिशियन