हेलमेट लगाकर इलाज कर रहे डाॅक्टर: अस्पताल भवन की हालत जर्जर, छत से गिर रहा प्लास्टर, मरीज भी जाने से डर रहे
मुरादाबाद में अस्पताल भवन की हालत जर्जर होने के कारण डाॅक्टर इलाज करने के दाैरान हेलमेट पहन रहे हैं। भवन से गिरते प्लास्टर के कारण वहां मरीज जाने से भी डर रहे हैं। मरीज और चिकित्सकों को लगातार अनहोनी की आशंका जताती रहती है।
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अगवानपुर क्षेत्र में चार दिन से हो रही लगातार बारिश से अस्थायी होम्योपैथिक व आयुर्वेदिक अस्पताल की हालत बेहद खराब हो गई है। टपकती छत और गिरते प्लास्टर के कारण अनहोनी की आशंका में चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मी हेलमेट पहनकर अस्पताल में बैठकर मरीजों का इलाज कर रहे हैं।
अगवानपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की बिल्डिंग में आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक अस्पताल अस्थायी रूप से संचालित हैं। इस अस्पताल की बिल्डिंग के कमरे काफी समय से जर्जर हालत में हैं। छत से प्लास्टर गिर रहा है। सरिया दिखाई देने लगे हैं। चार दिन से हो रही बारिश ने भवन की हालत और खराब कर दी है।
कमरों की क्षत से पानी टपकने से तमाम दवाइयां खराब हो गईं। शनिवार को स्वास्थ्य कर्मचारियों ने हेलमेट पहनकर ओपीडी की। स्वास्थ्यकर्मी भुवनेश कुमार, अनीता, विजय कुमार व फार्मासिस्ट अजीत कुमार ने बताया कि छह साल से बिल्डिंग का यही हाल है।
मलबा कब सिर पर गिर पड़े कहा नहीं जा सकता। सुरक्षा के लिहाज से हेलमेट पहनकर काम करते हैं। विभाग को पांच बार लिखित रूप से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
2018 में शिफ्ट हुए थे होम्योपैथिक और आयुर्वेदिक अस्पताल
2018 में होम्योपैथिक और आयुर्वेदिक अस्पताल को अगवानपुर पीएचसी में चिकित्सकों के आवासों में शिफ्ट किया गया था। इससे पहले दोनों अस्पताल कस्बे में निजी भवनों में चलते थे। तभी से जर्जर बिल्डिंग में डॉक्टर बैठ रहे है। यह बिल्डिंग सीएमओ के अधीन आती है। इसलिए होम्योपैथिक और आयुर्वेदिक के अधिकारी इस बिल्डिंग की मरम्मत नहीं करा सकते।
बजट के अभाव में निर्माण अधूरा
अगवानपुर के कांवड़ मार्ग स्थिति धर्मकांटे के सामने होम्योपैथिक और आयुर्वेदिक अस्पताल का निर्माण हो रहा है। लिंटर पड़ चुका है, लेकिन बजट के अभाव में आगे का काम नहीं हो पा रहा है। विभाग ने पत्र भेजकर बजट की मांग की है। अब शासन से बजट मिलते ही आगे का कार्य होगा।
पीएचसी के आवास में आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक अस्पताल पिछले छह साल से चल रहा है। कमरों की हालत बेहद खराब है। चार दिन की बारिश में हालत और खराब हो गई है। कमरों में जाने से भी डर लग रहा है। - डॉ. अतुल कुमार, आयुर्वेदिक चिकित्सा प्रभारी, अगवानपुर