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दूषित पानी पीने को मजबूर शहर की दस लाख आबादी
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people drunk polluted water in moradabad
मुरादाबाद। नगर निगम परिसीमन की लगभग दस लाख आबादी दूषित पानी पीने को मजबूर है। शहर में पेयजल आपूर्ति को 44 ओवरहेड टैंक मौजूद हैं पर एक के भी पानी का सैंपल नहीं लिया गया है। न ही इनक सफाई की गई है। लापरवाही का आलम यह है कि नलकूपों पर क्लोरिनेशन करने के लिए लगे डोजियर बंद पड़े हैं। बारिश के इस मौसम में तो वैसे ही पेयजल को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरती जानी थी पर निगम को मानों इससे कोई सरोकार नहीं है।
शहर में नगर निगम के 44 ओवरहेड टैंक, 90 नलकूप और 140 मिनी नलकूपों के जरिए घरों तक जलापूर्ति होती है। जलकल विभाग के कर्मचारियों के मुताबिक क्लोरिनेशन के लिए ट्यूबवेल के निकासी पाइप पर डोजियर लगाए जाते हैं। डोजियर बंद होने से बिना क्लोरिनेशन वाला पानी पीने को लोग मजबूर हैं। दरअसल, जलकल विभाग द्वारा शहर के लोगों को पीने के पानी की सप्लाई मेें क्लोरीन मिलाने का प्रावधान होता है। इससे पानी में पनपने वाले बैक्टीरिया खत्म हो जाते हैं।
उम्र पूरी कर चुकी जर्जर लाइन तोड़ रही है दम
बोर्ड बैठकों में कई दफा गंदे पानी की आपूर्ति के मुद्दे उठने के बावजूद इस दिशा में कोई प्रयास नहीं किया गया। बता दें कि पूरे शहर में जलापूर्ति के लिए 1000 किमी लंबी पाइप लाइन बिछी हुई है। अपनी उम्र पूरी कर चुकी पानी की लाइनों के लगातार डैमेज होने की वजह से घरों में गंदा, रेतीला और मटमैला पानी पहुंच रहा है।
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इन क्षेत्रों में पहुंच रहा है गंदा पानी
किसरौल, असालतपुरा, रेती स्ट्रीट, लाजपतनगर, करुला, बारादरी, लाइनपार क्षेत्र, दौतलबाग, जामा मस्जिद क्षेत्र, वारसीनगर
टैंकों पर नहीं लिखी जा रही है सफाई की जानकारी
नगर स्वास्थ्य अधिकारी का पद लंबे समय से रिक्त है। घरों तक पहुंचने वाले पानी के नमूने स्वास्थ्य विभाग ही लेकर जांच कराता है। नियम तो यह भी है कि ओवर हेड टैंक की सफाई कब की तारीखें, भंडारण, जिम्मेदार लोगों के मोबाइल नंबर भी लिखे जाते हैं। लेकिन अधिकांश टैंकों पर ऐसा नहीं लिखा है।
- ओवरहेड टैंक की सफाई के लिए जल्द ही विभाग टेंडर जारी करने जा रहा है। अगर कही मटमैला पानी आने की शिकायत है तो वह दूर हो जाएगी। - प्रमोद कुमार, महाप्रबंधक (जलकल)
फैक्ट फाइल -
ओवर हैड टैंकों की संख्या 44
नलकूल - 90
मिनी नलकूप - 140
ओवर हैड टैंकों की भंडारण क्षमता - 70180 किलो लीटर
भूमिगत टैंकों की भंडारण क्षमता 9000 लीटर
प्रति व्यक्ति जलापूर्ति - 133 एलपीसीडी
कुल जलापूर्ति - 140.36 एलएलडी
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शहर में नगर निगम के 44 ओवरहेड टैंक, 90 नलकूप और 140 मिनी नलकूपों के जरिए घरों तक जलापूर्ति होती है। जलकल विभाग के कर्मचारियों के मुताबिक क्लोरिनेशन के लिए ट्यूबवेल के निकासी पाइप पर डोजियर लगाए जाते हैं। डोजियर बंद होने से बिना क्लोरिनेशन वाला पानी पीने को लोग मजबूर हैं। दरअसल, जलकल विभाग द्वारा शहर के लोगों को पीने के पानी की सप्लाई मेें क्लोरीन मिलाने का प्रावधान होता है। इससे पानी में पनपने वाले बैक्टीरिया खत्म हो जाते हैं।
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उम्र पूरी कर चुकी जर्जर लाइन तोड़ रही है दम
बोर्ड बैठकों में कई दफा गंदे पानी की आपूर्ति के मुद्दे उठने के बावजूद इस दिशा में कोई प्रयास नहीं किया गया। बता दें कि पूरे शहर में जलापूर्ति के लिए 1000 किमी लंबी पाइप लाइन बिछी हुई है। अपनी उम्र पूरी कर चुकी पानी की लाइनों के लगातार डैमेज होने की वजह से घरों में गंदा, रेतीला और मटमैला पानी पहुंच रहा है।
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इन क्षेत्रों में पहुंच रहा है गंदा पानी
किसरौल, असालतपुरा, रेती स्ट्रीट, लाजपतनगर, करुला, बारादरी, लाइनपार क्षेत्र, दौतलबाग, जामा मस्जिद क्षेत्र, वारसीनगर
टैंकों पर नहीं लिखी जा रही है सफाई की जानकारी
नगर स्वास्थ्य अधिकारी का पद लंबे समय से रिक्त है। घरों तक पहुंचने वाले पानी के नमूने स्वास्थ्य विभाग ही लेकर जांच कराता है। नियम तो यह भी है कि ओवर हेड टैंक की सफाई कब की तारीखें, भंडारण, जिम्मेदार लोगों के मोबाइल नंबर भी लिखे जाते हैं। लेकिन अधिकांश टैंकों पर ऐसा नहीं लिखा है।
- ओवरहेड टैंक की सफाई के लिए जल्द ही विभाग टेंडर जारी करने जा रहा है। अगर कही मटमैला पानी आने की शिकायत है तो वह दूर हो जाएगी। - प्रमोद कुमार, महाप्रबंधक (जलकल)
फैक्ट फाइल -
ओवर हैड टैंकों की संख्या 44
नलकूल - 90
मिनी नलकूप - 140
ओवर हैड टैंकों की भंडारण क्षमता - 70180 किलो लीटर
भूमिगत टैंकों की भंडारण क्षमता 9000 लीटर
प्रति व्यक्ति जलापूर्ति - 133 एलपीसीडी
कुल जलापूर्ति - 140.36 एलएलडी