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मुरादाबाद: डीपीएस में बच्चों को सुविधा न मिलने पर अभिभावकों का हंगामा, प्रधानाचार्य बोले- प्रबंधन को पत्र लिखकर थक चुका, नहीं कर रहा कोई कार्रवाई
Thu, 07 Apr 2022 11:08 PM IST
सुशील कुमार
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
Published by: सुशील कुमार
Updated Thu, 07 Apr 2022 11:08 PM IST
सार
एक अप्रैल से नया शैक्षिक सत्र शुरू हो गया है। इसके बावजूद दिल्ली पब्लिक स्कूल ने अभी तक एडमिशन प्रक्रिया शुरू नहीं की है। दूसरी ओर सुविधाएं न मिलने के कारण स्कूल की मान्यता समाप्त होने की चर्चा भी चल रही है।
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दिल्ली पब्लिक स्कूल
विस्तार
मुरादाबाद स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल के प्रबंधकों के आपसी विवाद में व्यवस्थाएं ठप पड़ी हैं। स्कूल की 42 बसें परिसर में खड़ी हैं, लेकिन विद्यार्थियों को यातायात सुविधा नहीं मिल पा रही है। इससे चलते अभिभावकों ने स्कूल पहुंचकर प्रधानाचार्य का घेराव कर लिया और जमकर हंगामा किया। प्रधानाचार्य ने प्रबंधन स्तर से सुविधाएं न मिलने की बात कही तो अभिभावक और भड़क गए।
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रवि गुप्ता, रोहित चौधरी, सुरेश, पंकज आदि अभिभावकों का कहना है कि भारी भरकम फीस भरने के बाद भी उनके बच्चों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। छुट्टी होने के बाद स्कूल के स्टाफ अभिभावकों का इंतजार नहीं करते और बच्चों को घर जाने के लिए सड़क पर छोड़ देते हैं। इसी बात पर अभिभावक काफी देर तक हंगामा करते रहे। तकरीबन एक घंटे तक चली गरमा गर्मी में अभिभावकों की समस्या का कोई हल नहीं निकल सका। इसके बाद अभिभावकों ने शुक्रवार को बड़ी संख्या में एकत्रित होकर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन करने की चेचावनी दी। साथ ही जिला प्रशासन से भी शिकायत करने की बात कही।
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ज्ञात हो कि एक अप्रैल से नया शैक्षिक सत्र शुरू हो गया है। इसके बावजूद दिल्ली पब्लिक स्कूल ने अभी तक एडमिशन प्रक्रिया शुरू नहीं की है। दूसरी ओर सुविधाएं न मिलने के कारण स्कूल की मान्यता समाप्त होने की चर्चा भी चल रही है। इससे संबंधित एक शिकायती पत्र भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। स्कूल के ही एक ट्रस्टी पवन बंसल द्वारा मझोला थाने में तहरीर दी गई है। इसमें कहा गया है कि उन्होंने स्कूल प्रबंधन को मान्यता (फ्रेंचाइजी) समाप्त होने की बात सार्वजनिक करने के लिए कहा, इस पर प्रबंधन ने उन्हें ही झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी।
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आरोप है कि चार अप्रैल को एफआईआर दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है। वहीं प्रधानाचार्य सुदर्शन सोनार ने कहा है कि उन्हें फ्रेंचाइजी समाप्त होने की जानकारी नहीं है। वह स्कूल प्रबंधन को कई बार पत्र लिखकर यातायात सुविधा शुरू कराने के लिए कह चुके हैं। इसके बावजूद प्रबंधन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।
प्रबंधन में आपसी फूट की चर्चा
दिल्ली पब्लिक स्कूल के प्रबंधन में आपसी फूट की चर्चा भी चल रही है। सूत्रों का कहना है कि ज्यादा सदस्य प्रबंधन समिति से वाइस चेयरमैन को हटाना चाहते हैं। जबकि राजनीति के चलते यह नहीं हो पा रहा है। इसे लेकर प्रबंधन दो पक्षों में बंट गया है। यही कारण है कि स्कूल में न तो दाखिले शुरू हुए हैं और विद्यार्थियों को मूलभूत सुविधाएं भी नहीं दी जा रही हैं।
छह माह में गाड़ियों की फिटनेस भी नहीं करा पाए
पिछले दो वर्षों से लॉकडाउन के बीच दिल्ली पब्लिक स्कूल ऑनलाइन पढ़ाई करा रहा था। इस दौरान विद्यार्थियों के आवागमन के लिए बसें भी नहीं चलीं। इस दौरान कुछ बसों की फिटनेस वैधता भी समाप्त हो गई। प्रधानाचार्य द्वारा बार-बार प्रबंधन को अवगत कराने के बाद भी फिटनेस का नवीनीकरण करा कर बसों को आवागमन के लिए तैयार नहीं किया गया। स्कूल के यातायात प्रभारी का कहना है कि बसों और अन्य गाड़ियों को विद्यार्थियों के लिए तैयार किया जा रहा है। अगले सप्ताह तक 10 गाड़ियां चलने लगेंगी।