फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   Parents left the school after teacher's scolding, girl in depression for four years

Moradabad News: टीचर की डांट पर माता-पिता ने छुड़ाया स्कूल, चार साल से अवसाद में किशोरी

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 29 Jan 2024 03:28 AM IST
विज्ञापन
Parents left the school after teacher's scolding, girl in depression for four years
मुरादाबाद। 19 साल की नेहा (काल्पनिक नाम) चार साल से अवसाद में जी रही है। उसकी गलती बस इतनी सी थी कि कक्षा में साथी छात्राओं से उसका झगड़ा हो गया था। इसके बाद विद्यालय के एक शिक्षक ने उसे काफी डांटा और माता-पिता को बुलाकर स्कूल से नाम कटाने के लिए कहा। माता-पिता ने भी शिक्षक की बातों में आकर किशोरी को स्कूल से निकाल लिया।
विज्ञापन


चार साल में न तो उसका किसी और स्कूल में दाखिला कराया और न ही पुराने स्कूल में जाकर बात करने की कोशिश की। इस कारण किशोरी का भविष्य खतरे में जा रहा है। उसकी हालत ऐसी है कि रोती है तो लगातार रोती ही रहती है। हंसती है तो चुप नहीं होती। बहकी बहकी बातें करती है। माता-पिता ने लोगों की बातों में आकर झाड़ फूंक भी कराया। जब किसी को बीमारी समझ नहीं आई तो वह युवती को जिला अस्पताल में मानसिक रोग विशेषज्ञ के पास लेकर पहुंचे। वहां काउंसिलिंग में पता चला कि नेहा अवसाद में है। डॉक्टरों ने उसके माता-पिता को समझाया कि उसे कुछ दवाओं और व्यवहार चिकित्सा की जरूरत है। किशोरी को महसूस कराएं कि वह दूसरे लोगों से अलग नहीं है। उसे घुमाने ले जाएं, पहले घर में ट्यूशन लगाएं फिर स्कूल में दाखिला करा दें। धीरे-धीरे घर के छोटे बड़े काम कराएं। इससे किशोरी को अवसाद से उबरने में मदद मिलेगी।
विज्ञापन

हर सप्ताह आते हैं 50 से ज्यादा मामले

जिला अस्पताल में कार्यरत क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ. एस धनंजय का कहना है कि यह कहानी सिर्फ एक नेहा की नहीं है। अस्पताल में सोमवार, बुधवार व शुक्रवार को मानसिक रोग की ओपीडी होती है। हर सप्ताह ऐसे बच्चे, किशोर और युवक-युवतियां सामने आते हैं जो परिजनों या किसी और की गलती की सजा अवसाद के रूप में भुगत रहे हैं। यदि उन्हें समय से उपचार मिले तो उनकी जिंदगी को अंधकार में जाने से बचाया जा सकता है। डॉक्टर ने कहा कि यदि आप किसी कारण से उदास महसूस कर रहे हैं और किसी से बात करने का मन नहीं है, डॉक्टर के पास भी नहीं जा सकते तो घर बैठे टेलीमानस 18008914416 पर कॉल करके निशुल्क काउंसिलिंग ले सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


ऊपरी चक्कर समझकर ले गए तांत्रिक के पास... निकला शिजोफ्रेनिया
मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. अनंत राणा ने बताया कि कुछ लोगों को अजीब सी आवाजें सुनाई देती हैं। ऐसा लगता है जैसे कोई उनसे बात कर रहा है या कोई उनका पीछा कर रहा है। व्यक्ति ऐसी चीजों पर विश्वास करने लगता है जो वास्तव में है ही नहीं। इस बीमारी को शिजोफ्रेनिया कहा जाता है। ऐसे ही एक मामले में परिजन भूत-प्रेत का चक्कर समझकर युवती को तांत्रिक के पास ले गए। जब कई महीने बाद भी कोई असर नहीं हुआ तो मानसिक रोग विशेषज्ञ के पास लेकर पहुंचे। अब उसका इलाज चल रहा है।
इन बातों का रखें ख्याल

- किसी के दवाब में आकर अपने बच्चों को न डांटे

- स्कूल में बच्चा झगड़ा करता है तो काउंसिलिंग कराएं, स्कूल न छुड़ाएं
- घर में उसके साथ समय बिताएं और खुद अच्छी आदतें सिखाएं

- बच्चे को ऐसा माहौल दें जिससे वह आपसे अपनी परेशानी साझा कर सके
- हर माह स्कूल में होने वाली पेरेंट्स चीटर मीटिंग में जरूर जाएं
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed