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Moradabad News: बच्चों की सफलता को देख भर आईं माता-पिता की आंखें
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मुरादाबाद।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षाओं में पीतलनगरी के मेधावियों ने कमाल कर दिया है। परिवार की आर्थिक तंगी और विषम परिस्थितियों के बीच छात्र एवं छात्राओं ने सफलता के झंडे फहराए हैं। अपने बच्चों की इस सफलता को देखकर माता-पिता की आंखें भर आईं।
पूजा की मम्मी लक्ष्मी ने भावुक होते हुए कहा कि परिवार की मासिक आय आठ से दस हजार रुपये है। इसी में परिवार का पालन-पोषण करना पड़ता है। संयुक्त परिवार है। एक ही कमरे में रहते हैं और उसी में बच्चे पढ़ते हैं। मैं चाहती हूं कि मेरे बच्चे अपने जीवन में जितना पढ़ना चाहें पढ़ें। हमसे जितना संभव होगा, प्रोत्साहित करेंगे। सरकार से भी मांग है कि मेधावी बच्चों की पढ़ाई नि:शुल्क करें।
नैतिक के पिता शैलेंद्र पाल सिंह जब अपने बेटे के बारे में बात कर रहे थे तो बार-बार उनकी आंखें भर जा रही थीं। उन्होंने कहा कि मेरा बेटा बहुत मेहनती है। मुझे पूरा भरोसा था कि अच्छे अंक आएंगे। मैं खूबचंद इंटर कॉलेज पंडित नगला में प्राइवेट शिक्षक हूं। मेरे पापा की पेंशन से घर खर्च में मदद मिलती है। बड़ा बेटा भी एक फर्म में काम करता है। नैतिक हमेशा कुछ नया करने के लिए उत्सुक रहता है। मैं चाहता हूं कि जैसे अभी तक पढ़ाई की है, आगे भी करता रहे। चाहे इसके लिए मुझे कितनी भी मेहनत करनी पड़े, अपने बेटे को अच्छी शिक्षा दिलवाऊंगा। मेरा बेटा सेना में जाना चाहता है। मैं हर कदम पर उसकी मदद करूंगा।
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गुनगुन चौहान की मम्मी अनीता चौहान ने रुंधे हुए गले से बताया कि बेटी बहुत होनहार है। मेरे पति को लीवर की समस्या रहती है। इसलिए मेरी बेटी डॉक्टर बनना चाहती है। उसे आगे बढ़ाने में पूरा प्रयास करेंगे।
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उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षाओं में पीतलनगरी के मेधावियों ने कमाल कर दिया है। परिवार की आर्थिक तंगी और विषम परिस्थितियों के बीच छात्र एवं छात्राओं ने सफलता के झंडे फहराए हैं। अपने बच्चों की इस सफलता को देखकर माता-पिता की आंखें भर आईं।
पूजा की मम्मी लक्ष्मी ने भावुक होते हुए कहा कि परिवार की मासिक आय आठ से दस हजार रुपये है। इसी में परिवार का पालन-पोषण करना पड़ता है। संयुक्त परिवार है। एक ही कमरे में रहते हैं और उसी में बच्चे पढ़ते हैं। मैं चाहती हूं कि मेरे बच्चे अपने जीवन में जितना पढ़ना चाहें पढ़ें। हमसे जितना संभव होगा, प्रोत्साहित करेंगे। सरकार से भी मांग है कि मेधावी बच्चों की पढ़ाई नि:शुल्क करें।
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नैतिक के पिता शैलेंद्र पाल सिंह जब अपने बेटे के बारे में बात कर रहे थे तो बार-बार उनकी आंखें भर जा रही थीं। उन्होंने कहा कि मेरा बेटा बहुत मेहनती है। मुझे पूरा भरोसा था कि अच्छे अंक आएंगे। मैं खूबचंद इंटर कॉलेज पंडित नगला में प्राइवेट शिक्षक हूं। मेरे पापा की पेंशन से घर खर्च में मदद मिलती है। बड़ा बेटा भी एक फर्म में काम करता है। नैतिक हमेशा कुछ नया करने के लिए उत्सुक रहता है। मैं चाहता हूं कि जैसे अभी तक पढ़ाई की है, आगे भी करता रहे। चाहे इसके लिए मुझे कितनी भी मेहनत करनी पड़े, अपने बेटे को अच्छी शिक्षा दिलवाऊंगा। मेरा बेटा सेना में जाना चाहता है। मैं हर कदम पर उसकी मदद करूंगा।
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गुनगुन चौहान की मम्मी अनीता चौहान ने रुंधे हुए गले से बताया कि बेटी बहुत होनहार है। मेरे पति को लीवर की समस्या रहती है। इसलिए मेरी बेटी डॉक्टर बनना चाहती है। उसे आगे बढ़ाने में पूरा प्रयास करेंगे।