{"_id":"5a4942424f1c1b4a018b4e67","slug":"our-life-re-construction-sistam","type":"story","status":"publish","title_hn":"हमारा जीवन पुन: निर्माण की प्रक्रिया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हमारा जीवन पुन: निर्माण की प्रक्रिया
मुरादाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 01 Jan 2018 01:32 AM IST
विज्ञापन
film shows the reality of modern life
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के कालेज आफ कंप्यूटिंग साइंसेस एंड इंफोरमेशन टेक्नोलाजी - सीसीएसआईटी और आई-ईईई की ओर से आयोजित स्मार्ट-6 का अंतिम दिन टेक्नोलाजी में नए आयामों के नाम रहा। देश के कोने-कोने से आए आईटी एक्सपर्टस ने समय की डिमांड के मुताबिक नई टेक्नोलाजी को साझा किया। कांफ्रेंस के समापन पर लगभग 80 रिचर्स पेपर और पढ़े गए।
एमजेपी रूहेलखंड विश्वविद्यालय में सीएस के विभागाध्यक्ष प्रो. रविंद्र सिंह ने बतौर मुख्य अतिथि कहा कि भगवान सर्वर तो श्रीमद्भागवत गीता क्लाइंट के मानिंद है। हमारा जीवन एक पुन: निर्माण की प्रक्रिया है। इसमें समय के अनुसार हमारी आत्माएं भी बदलती हैं।
हमें खुद ही रास्ते बनाने होते हैं और स्वयं ही सीखने-सिखाने की प्रक्रिया को आत्मसात करना पड़ता है। योंसी इंस्टीट्यूट आफ कंवर्जेंस कोरिया से आए प्रो. मधुसूदन, कांफ्रेंस के गेस्ट आफ आनर रसिया से आए डेनिला पैरिगन, डा. बीएस राठौर, पुत्रा यूनिवर्सिटी मलेशिया के मेकेनिकल एंड मेन्यूफै क्चरिंग विभाग के प्रो. डा. मो. सूपन बी सलित, टीएमयू के प्रोवीसी प्रो. पीडी कौशिक आदि ने भी संबोधित किया।
विज्ञापन
टीएमयू के प्रोवीसी प्रो. पीडी कौशिक और सीसीएसआईटी प्राचार्य प्रो. आरके द्विवेदी ने भी मेहमानों को श्रीमद्भागवत गीता सम्मान स्वरूप भेंट की। संचालन अवनीश कुमार सिंह और प्राची त्रिपाठी ने किया।
विज्ञापन
एमजेपी रूहेलखंड विश्वविद्यालय में सीएस के विभागाध्यक्ष प्रो. रविंद्र सिंह ने बतौर मुख्य अतिथि कहा कि भगवान सर्वर तो श्रीमद्भागवत गीता क्लाइंट के मानिंद है। हमारा जीवन एक पुन: निर्माण की प्रक्रिया है। इसमें समय के अनुसार हमारी आत्माएं भी बदलती हैं।
विज्ञापन
हमें खुद ही रास्ते बनाने होते हैं और स्वयं ही सीखने-सिखाने की प्रक्रिया को आत्मसात करना पड़ता है। योंसी इंस्टीट्यूट आफ कंवर्जेंस कोरिया से आए प्रो. मधुसूदन, कांफ्रेंस के गेस्ट आफ आनर रसिया से आए डेनिला पैरिगन, डा. बीएस राठौर, पुत्रा यूनिवर्सिटी मलेशिया के मेकेनिकल एंड मेन्यूफै क्चरिंग विभाग के प्रो. डा. मो. सूपन बी सलित, टीएमयू के प्रोवीसी प्रो. पीडी कौशिक आदि ने भी संबोधित किया।
विज्ञापन
टीएमयू के प्रोवीसी प्रो. पीडी कौशिक और सीसीएसआईटी प्राचार्य प्रो. आरके द्विवेदी ने भी मेहमानों को श्रीमद्भागवत गीता सम्मान स्वरूप भेंट की। संचालन अवनीश कुमार सिंह और प्राची त्रिपाठी ने किया।