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Moradabad News: कल दो घंटे नहीं चलेगी निजी अस्पतालों की ओपीडी, निर्यात फर्म व दुकानें भी बंद रखने का आह्वान
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मुराादाबाद। हाउस व वाटर टैक्स की दरों, जीआईएस सर्वे की खामियों और अस्पतालों, प्रतिष्ठानों के बेसमेंट पर एमडीए की कार्रवाई के खिलाफ डॉक्टरों, निर्यातकों और व्यापारियों ने मोर्चा खोल दिया। शुक्रवार को सभी निजी अस्पतालों की ओपीडी दो घंटे बंद रहेगी। इस बीच निर्यातकों और व्यापारियों के साथ मिलकर डॉक्टर टाउनहाॅल से डीएम कार्यालय तक पैदल मार्च निकालेंगे। यह निर्णय बुधवार को मुरादाबाद क्लब में हुई बैठक में लिया गया। साथ ही व्यापारियों और निर्यातकों से दुकानें और फर्म बंद रखने का आह्वान किया गया।
नौ अगस्त की सुबह 10 बजे डॉक्टरों, निर्यातकों और व्यापारियों के सभी संगठन टाउनहॉल पर एकत्र होंगे। डीएम कार्यालय तक शांतिपूर्ण मार्च करेंगे। डीएम से मिलकर ज्ञापन सौंपंगे। संगठनों का कहना है कि यदि तय समय में मांगें पूरी नहीं हुईं तो अस्पताल, निर्यात फर्म व शहर की दुकानें अनिश्चित काल के लिए बंद कर दी जाएंगी। संगठनों का कहना है कि अतिक्रमण हटाने के नाम पर दुकानदारों का शोषण किया जा रहा है। हाउस टैक्स व वाटर टैक्स की दरें कई बड़े शहरों से ज्यादा हैं। शहर में एसटीपी प्लांट चालू नहीं हैं। इसके बावजूद 2.5 प्रतिशत की दर से टैक्स लिया जा रहा है। बैठक में ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन से शरद चतुर्वेदी, कपड़ा व्यापारी मंडल से अजय नारंग, आईएमए के अध्यक्ष डॉ. रवि गंगल, डॉ. राजेश रस्तोगी, डॉ. मनोज सक्सेना, डॉ. नितिन बत्रा आदि मौजूद रहे।
ये हैं संगठनों की मांगें
- अतिक्रमण हटाने के नाम पर वर्षों पुरानी दुकानें न तोड़ी जाएं
- बेसमेंट में वर्षों से चल रहे अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई न की जाए
- शहर की खस्ताहाल सड़कों की जल्द मरम्मत की जाए
- जीआईएस सर्वे की आपत्तियों का जल्द निस्तारण किया जाए
- हाउस टैक्स व वाटर टैक्स की दरों को संशोधित किया जाए
- जहां निगम की पानी की सप्लाई नहीं है, वहां टैक्स न लिया जाए
पैदल मार्च से पहले ही संगठनों में दरार
कुछ संगठन बैठक में शामिल होने के बावजूद नौ अगस्त को निकलने वाले पैदल मार्च से पीछे हट गए हैं। व्यापारियों ने कहा है कि आठ अगस्त को इसके बारे में निर्णय लेंगे। वहीं कुछ निर्यातक संगठनों को भी नगर निगम की ओर से हाउस टैक्स में 15 प्रतिशत की छूट दी गई है। ऐसे में उनके भी मार्च में शामिल न होने की चर्चाएं हैं। हालांकि व्यापारी व निर्यातक इस मामले में खुलकर बोलने को तैयार नहीं हैं।
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जीआईएस सर्वे में ग्राउंड फ्लोर, फर्स्ट फ्लोर व सेकेंड फ्लोर का हाउस टैक्स निर्धारित करते सम नियमों का ध्यान नहीं रखा गया है। निगम का फोकस सिर्फ टैक्स वसूलने पर है। लोगों की परेशानियों से अधिकारियों का कोई लेना देना नहीं है। मांगे पूरी नहीं हुईं तो आईएमए के सदस्य अस्पताल नहीं खोलेंगे। - डॉ. रवि गंगल, आईएमए अध्यक्ष
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नौ अगस्त की सुबह 10 बजे डॉक्टरों, निर्यातकों और व्यापारियों के सभी संगठन टाउनहॉल पर एकत्र होंगे। डीएम कार्यालय तक शांतिपूर्ण मार्च करेंगे। डीएम से मिलकर ज्ञापन सौंपंगे। संगठनों का कहना है कि यदि तय समय में मांगें पूरी नहीं हुईं तो अस्पताल, निर्यात फर्म व शहर की दुकानें अनिश्चित काल के लिए बंद कर दी जाएंगी। संगठनों का कहना है कि अतिक्रमण हटाने के नाम पर दुकानदारों का शोषण किया जा रहा है। हाउस टैक्स व वाटर टैक्स की दरें कई बड़े शहरों से ज्यादा हैं। शहर में एसटीपी प्लांट चालू नहीं हैं। इसके बावजूद 2.5 प्रतिशत की दर से टैक्स लिया जा रहा है। बैठक में ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन से शरद चतुर्वेदी, कपड़ा व्यापारी मंडल से अजय नारंग, आईएमए के अध्यक्ष डॉ. रवि गंगल, डॉ. राजेश रस्तोगी, डॉ. मनोज सक्सेना, डॉ. नितिन बत्रा आदि मौजूद रहे।
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ये हैं संगठनों की मांगें
- अतिक्रमण हटाने के नाम पर वर्षों पुरानी दुकानें न तोड़ी जाएं
- बेसमेंट में वर्षों से चल रहे अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई न की जाए
- शहर की खस्ताहाल सड़कों की जल्द मरम्मत की जाए
- जीआईएस सर्वे की आपत्तियों का जल्द निस्तारण किया जाए
- हाउस टैक्स व वाटर टैक्स की दरों को संशोधित किया जाए
- जहां निगम की पानी की सप्लाई नहीं है, वहां टैक्स न लिया जाए
पैदल मार्च से पहले ही संगठनों में दरार
कुछ संगठन बैठक में शामिल होने के बावजूद नौ अगस्त को निकलने वाले पैदल मार्च से पीछे हट गए हैं। व्यापारियों ने कहा है कि आठ अगस्त को इसके बारे में निर्णय लेंगे। वहीं कुछ निर्यातक संगठनों को भी नगर निगम की ओर से हाउस टैक्स में 15 प्रतिशत की छूट दी गई है। ऐसे में उनके भी मार्च में शामिल न होने की चर्चाएं हैं। हालांकि व्यापारी व निर्यातक इस मामले में खुलकर बोलने को तैयार नहीं हैं।
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जीआईएस सर्वे में ग्राउंड फ्लोर, फर्स्ट फ्लोर व सेकेंड फ्लोर का हाउस टैक्स निर्धारित करते सम नियमों का ध्यान नहीं रखा गया है। निगम का फोकस सिर्फ टैक्स वसूलने पर है। लोगों की परेशानियों से अधिकारियों का कोई लेना देना नहीं है। मांगे पूरी नहीं हुईं तो आईएमए के सदस्य अस्पताल नहीं खोलेंगे। - डॉ. रवि गंगल, आईएमए अध्यक्ष