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Moradabad News: एक तेंदुआ पिंजरे में कैद...दूसरा बहापुर बलिया में सड़क किनारे मृत मिला
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मुरादाबाद। ठाकुरद्वारा क्षेत्र में तेंदुओं की दहशत के बीच सोमवार को दो अलग-अलग घटनाएं सामने आईं। लौंगी खुर्द गांव में वन विभाग के पिंजरे में एक तेंदुआ कैद हो गया, जबकि बहापुर बलिया में सड़क किनारे एक तेंदुआ मृत मिला। मृत तेंदुए को लेकर गांव में चर्चा फैल गई कि लोगों ने उसे मार डाला है। हालांकि वन विभाग के अनुसार पोस्टमार्टम में तेंदुए की मौत वाहन की टक्कर से होने की पुष्टि हुई है।
लौंगी खुर्द में सोमवार सुबह पिंजरे में तेंदुआ फंसने की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। तेंदुए को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू कर आगे की कार्रवाई की गई। क्षेत्र में लगातार तेंदुओं की मौजूदगी के कारण ग्रामीणों में पहले से ही दहशत बनी हुई है। वन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक ठाकुरद्वारा क्षेत्र में पिछले एक साल में 10 से अधिक तेंदुए पकड़े जा चुके हैं। इसके बावजूद इलाके में तेंदुओं की गतिविधियां कम होती नजर नहीं आ रही हैं। उधर, बहापुर बलिया में सड़क किनारे एक तेंदुआ मृत मिला। तेंदुए का शव मिलने की सूचना पर ग्रामीण मौके पर जुट गए। इसी दौरान गांव में चर्चा शुरू हो गई कि तेंदुए को ग्रामीणों ने मार डाला है। मामला सामने आने के बाद वन विभाग ने तेंदुए के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। वन विभाग के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट में तेंदुए की मौत वाहन की टक्कर से होने की पुष्टि हुई है। यानी सड़क किनारे मिला तेंदुआ किसी ग्रामीण के हमले में नहीं मरा, बल्कि सड़क हादसे में उसकी जान गई।
बहापुर बलिया में गंभीर है स्थिति
वहीं बहापुर बलिया गांव में स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। तेंदुए के हमलों में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है। 29 अगस्त को दिव्यांग रिक्शा चालक जगराज सिंह की मौत के बाद ग्रामीणों में गुस्सा है। तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग ने बहापुर बलिया में छह पिंजरे लगाए हैं। इसके अलावा दो एनिडर डिवाइस और दो ट्रैप कैमरों से उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। गांव में तेंदुए की दहशत को देखते हुए रात में रोशनी की व्यवस्था भी बढ़ाई गई है और ग्रामीण पहरा दे रहे हैं। इसके बावजूद वन विभाग की टीमें खाली हाथ हैं। लगातार हमलों के बाद ग्रामीण चाहते हैं कि तेंदुए को जल्द पकड़ा जाए, ताकि खेतों और आबादी के आसपास बनी दहशत खत्म हो सके। 18 अगस्त को ब्रह्मो देवी, 25 अगस्त को मिथिलेश देवी की मौत तेंदुए के हमले में हो चुकी है। दोनों घटनाएं तब हुईं जब ब्रह्मो देवी और मिथिलेश देवी के साथ खेत में 10 से ज्यादा लोग चारा काट रहे थे। ऐसे में वन विभाग की एडवाइजरी भी नाकाम साबित हो रही हैं।
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वर्जन
बहापुर बलिया गांव में विशेष निगरानी की जा रही है। लौंगी खुर्द में एक तेंदुए को रेस्क्यू भी किया गया है। उम्मीद है कि जल्द ही बहापुर बलिया में भी सफलता मिलेगी। हमारी टीमें 24 घंटे मौके पर डटी हुई हैं।
- आदर्श कुमार, मंडलीय वन संरक्षक
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लौंगी खुर्द में सोमवार सुबह पिंजरे में तेंदुआ फंसने की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। तेंदुए को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू कर आगे की कार्रवाई की गई। क्षेत्र में लगातार तेंदुओं की मौजूदगी के कारण ग्रामीणों में पहले से ही दहशत बनी हुई है। वन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक ठाकुरद्वारा क्षेत्र में पिछले एक साल में 10 से अधिक तेंदुए पकड़े जा चुके हैं। इसके बावजूद इलाके में तेंदुओं की गतिविधियां कम होती नजर नहीं आ रही हैं। उधर, बहापुर बलिया में सड़क किनारे एक तेंदुआ मृत मिला। तेंदुए का शव मिलने की सूचना पर ग्रामीण मौके पर जुट गए। इसी दौरान गांव में चर्चा शुरू हो गई कि तेंदुए को ग्रामीणों ने मार डाला है। मामला सामने आने के बाद वन विभाग ने तेंदुए के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। वन विभाग के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट में तेंदुए की मौत वाहन की टक्कर से होने की पुष्टि हुई है। यानी सड़क किनारे मिला तेंदुआ किसी ग्रामीण के हमले में नहीं मरा, बल्कि सड़क हादसे में उसकी जान गई।
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बहापुर बलिया में गंभीर है स्थिति
वहीं बहापुर बलिया गांव में स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। तेंदुए के हमलों में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है। 29 अगस्त को दिव्यांग रिक्शा चालक जगराज सिंह की मौत के बाद ग्रामीणों में गुस्सा है। तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग ने बहापुर बलिया में छह पिंजरे लगाए हैं। इसके अलावा दो एनिडर डिवाइस और दो ट्रैप कैमरों से उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। गांव में तेंदुए की दहशत को देखते हुए रात में रोशनी की व्यवस्था भी बढ़ाई गई है और ग्रामीण पहरा दे रहे हैं। इसके बावजूद वन विभाग की टीमें खाली हाथ हैं। लगातार हमलों के बाद ग्रामीण चाहते हैं कि तेंदुए को जल्द पकड़ा जाए, ताकि खेतों और आबादी के आसपास बनी दहशत खत्म हो सके। 18 अगस्त को ब्रह्मो देवी, 25 अगस्त को मिथिलेश देवी की मौत तेंदुए के हमले में हो चुकी है। दोनों घटनाएं तब हुईं जब ब्रह्मो देवी और मिथिलेश देवी के साथ खेत में 10 से ज्यादा लोग चारा काट रहे थे। ऐसे में वन विभाग की एडवाइजरी भी नाकाम साबित हो रही हैं।
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बहापुर बलिया गांव में विशेष निगरानी की जा रही है। लौंगी खुर्द में एक तेंदुए को रेस्क्यू भी किया गया है। उम्मीद है कि जल्द ही बहापुर बलिया में भी सफलता मिलेगी। हमारी टीमें 24 घंटे मौके पर डटी हुई हैं।
- आदर्श कुमार, मंडलीय वन संरक्षक